NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
गेस्ट टीचर्स ने अब सीधे केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला, राजनाथ के घर का होगा घेराव
दिल्ली के गेस्ट टीचर्स अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। इसलिए उन्होंने मनीष सिसोदिया और एलजी आवास को छोड़कर सीधे बीजेपी का दफ्तर घेर लिया है। यही नहीं रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर घेरा जा रहा है।

मुकुंद झा
16 Mar 2019
delhi guest teacher peotest

पिछले 16 दिनों से दिल्ली के 22 हज़ार गेस्ट टीचर 60 साल की पॉलिसी की मांग को लेकर लगातर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं, और पिछले सात दिनों से दिल्ली भाजपा कार्यालय के बाहर अपना विरोध जता रहे हैं। इससे पहले दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर के बाहर, फिर उप राज्यपाल के घर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया लेकिन शिक्षकों की समस्या का कोई हल नहीं निकला। इस दौरान आंदोलन के समर्थन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी आए, उन्होंने आश्वसन दिया कि वो एलजी से बोलकर उनसे स्थायीकरण की पॉलिसी पर साइन करा पास करा देंगे,लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इससे नाराज़ शिक्षकों ने भाजपा कार्यालय घेरने का निर्णय किया और पिछले कई दिनों से वहीं सड़कों पर बैठे हैं।

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि पहले यह कहा जा था कि दिल्ली सरकार पॉलिसी नहीं बना रही है लेकिन अब यह साफ हो गया है दिल्ली सरकार ने पॉलसी ड्राफ्ट कर एलजी के पास भेज दिया है, लेकिन वो इसे साइन नहीं कर रहे हैं, एलजी केंद्र के प्रतिनिधि हैं और केंद्र में भाजपा की सरकार है और उसके इशारे पर काम कर रहे हैं। इसलिए हम भाजपा के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिति सुधरने की जगह और खराब हो रही है। 

शिक्षकों ने बताया कि जब उन्हें हटाया गया था उससे पहले के महीने यानी उन्हें फरवरी महीने की सैलरी भी नहीं मिली है, ऐसे में कई शिक्षकों के लिए अब अपना घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।

delhi guest teacher protest.jpg

ऐसे ही एक शिक्षक हैं राजमणि, जिनकी उम्र तकरीबन 35 वर्ष है, उनका 5 लोगों का परिवार है और वो 2012 से पूर्वी दिल्ली के स्कूल में पढ़ा रहे थे, लेकिन पहला झटका तब लगा जब अचानक उन्हें खबर मिली कि अब उनकी नौकरी चली गई है,  लेकिन उन्हें नहीं पता था की इसका प्रभाव अभी से उन्हें देखने को मिलेगा। आज 16  मार्च हो गया लेकिन उन्हें अब तक फरवरी महीने की सैलरी नहीं मिली है। ऐसे में घर चलाना भी मुश्किल हो गया। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह 10 मार्च को उनके बच्चे का जन्मदिन था और इसके लिए उन्होंने पिछले महीने ही एक गिफ्ट ऑनलाइन बुक किया था लेकिन जब वो घर पर डिलवरी देने आए तो उनके पास पैसा नहीं था कि वो इसकी डिलीवरी ले सके,  इसलिए उन्होंने उसे वापस भेज दिया।

इसे भी पढ़ें:  गेस्ट टीचर्स हटाने से दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था चरमराई, आंदोलन तेज़

ऐसी ही कई कहानियां और दर्द लिए शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन उनके जज्बे में कोई कमी नहीं आई है। आज भी वही जोश और जज़्बा कायम है जो एक मार्च को था। एक शिक्षक ने कहा की किसी भी अंदोलन में सफलता बिना कुर्बानी के नहीं मिलती। हमने आज़ादी के आंदोलन में भी कुर्बानियां दी तभी हम आज़ाद हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में जो आज शिक्षकों के लिए 60 साल की पॉलिसी आई उसके लिए भी वहां के शिक्षकों ने एक लंबा संघर्ष किया है तब जाकर आज वहां के शिक्षकों को नौकरी की सुरक्षा मिली है। इसलिए हमें और हमरे साथियो को कई तरह की समस्या है लेकिन हमारे संघर्ष की धार में कोई कमी नहीं आएगी।

53911514_2062440570536920_5305854726049366016_n.jpg

प्रदर्षनकारी शिक्षकों का कहना है की आप और भाजपा हमारे साथ खेल रही है ,हमारे समस्या के हल के बजाए एक दूसरे के कोट में पास कर रही है 
इससे पहले 11 मार्च को शिक्षकों ने जब भाजपा मुख्यालय जाकर भाजपा नेताओ से मिलने की कोशिश की तो उस दौरान पुलिस ने भी उन्हें खदेड़ने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया। इस कारण कुछ शिक्षकों को चोटें भी आईं। सोमवार को प्रदर्शन करने के लिए शिक्षक दिनभर भटकते रहे, इसके बाद देर शाम मनोज तिवारी ने शिक्षकों से आधे घंटे के लिए मुलाकात की।  उन्होंने शिक्षकों को बताया कि कैबिनेट नोट पर हस्ताक्षर कर उपराज्यपाल ने आगे सक्षम अधिकारी के पास भेज दिया है। वहीं, 31 अगस्त तक शिक्षकों का अनुबंध बढ़ाने की बात भी कही। लेकिन शिक्षक इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कहा जबतक उनको स्थायी नहीं किया जाएगा तब तक वो सड़कों पर प्रदर्शन करते रहेंगे। इसके बाद शिक्षकों ने अपना विरोध जताने के लिए 14  मार्च को भाजपा मुख्यालय के समक्ष अर्धनग्न होकर विरोध जताया।

 इसे भी पढ़ें: - दिल्ली सरकार के बाद गेस्ट टीचर्स ने बीजेपी दफ़्तर घेरा, नौकरी की सुरक्षा की मांग

शिक्षकों ने रविवार, 17 मार्च को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर का घेराव करने का निर्णय किया है। शिक्षकों ने कहा कि अगर हमारी समस्या का हल नहीं होता तो वो आने वाले चुनावों में भाजपा और रोजी-रोटी छीनने वाली सरकारों और दलों के खिलाफ प्रचार करेंगे।

 

 

delhi govt
LG
teachers protest
GuestTeacher Delhi
guest teacher
Arvind Kejriwal
MANISH SISODIA
BJP
Delhi
school teachers
rajnath singh

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • gautam navlakha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एल्गार परिषद: नवलखा को तलोजा जेल के 'अंडा सेल' में भेजा गया, सहबा हुसैन बोलीं- बिगड़ गई है तबीयत
    25 Oct 2021
    हुसैन ने पूछा- “नवलखा को उनके विचारों के लिए कब तक सताया जाएगा और अधिकारी उनकी विचारधारा को तोड़ने के लिए किस हद तक जाएंगे।''
  • skm
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आंदोलन को उसके उन "शुभचिंतकों" से बचाना होगा जो संघ-भाजपा की भाषा बोल रहे हैं 
    25 Oct 2021
    जाहिर है मुद्दा  आधारित आंदोलन में सबका विचार हर प्रश्न पर एक हो, इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। लेकिन आंदोलन की unity in action हर हाल में बनी रहे, इसे बेशक सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • Sardar Udham
    हर्षवर्धन, अंकुर गोस्वामी
    सरदार उधम: एक अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी की महागाथा
    25 Oct 2021
    निर्देशक ने निश्चित ही एक ऐतिहासिक किरदार के जीवन के अनछुए पहलुओं को दर्शाने  के लिए गहरा शोध किया है। फिल्म यह भली प्रकार से दिखाती है कि उधम सिंह, सिर्फ बदले की भावना से प्रेरित एक जोशीले नौजवान…
  • congress
    शुभम शर्मा, अजय सहारन
    क्रांतिकारी और कांग्रेस
    25 Oct 2021
    क्रांतिकारियों, कम्युनिस्टों और समाजवादियों ने कांग्रेस पार्टी को अलग दिशा के बजाय संपूर्ण बदलाव और प्रगतिशील दिशाओं के रास्ते पर आगे चलने के लिए हमेशा मजबूर किया है।
  • RASHEED KIDWAI
    शिरीष खरे
    चर्चा में नई किताब 'भारत के प्रधानमंत्री'
    25 Oct 2021
    कश्मीर पर नेहरू की नीति कितनी उचित है या अनुचित, यह समझने के लिए हमें वर्ष 1947 के अगस्त से अक्टूबर के महीनों में जाना होगा। और इसमें हमारी मदद कर सकती है, पत्रकार रशीद किदवई की नई पुस्तक 'भारत के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License