NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गोरखपुर में 60 बच्चो की मौत पर योगी आदित्यनाथ ने साधी चुप्पी
अगर स्वास्थ्य सुविधाओं की ही बात की जाये तो  केंद्र सरकारें स्वास्थ्य बजट में लगातार कटौती कर रही हैं ।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2017
गोरखपुर में 60 बच्चो की मौत पर योगी आदित्यनाथ ने साधी चुप्पी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित सरकारी अस्पताल में 60 बच्चों की मौत हो गयी है।  कहा जा रहा है कि ये मौतें इन्फैक्शन और अस्पताल में  ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई हैं ।  सरकार द्वारा संचालित बाबा राघव दास अस्पताल में पिछले 5  दिनों से लगातार इन मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है।  इनमें से ज्यादातर मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हैं ऐसा माना जा  रहा  है, पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने  इस बात से इनकार किया है।  गोरखपुर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट राजीव रौतेला ने कहा " बाबा राघव दास अस्पताल में कोई भी मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई है। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में आज सिर्फ ७ मौतें  हुई हैं और इन सबकी वजह दूसरी बीमारियां  है. जहाँ  तक बात है उस कम्प्लेन की, जिसमें कहा गया है कि ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई करने वाली कंपनी के पैसे बकाया थे, उसपर जाँच हो रही  है। किन्तु वहां पर पहले से ही 50 ऑक्सीजन  सिलेंडर  थे  जिनका इस्तेमाल हो रहा था।  " इस मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बयान दिया कि  "बच्चों की मौत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार  इस  मामले की जांच के लिए जाँच कमेटी बैठा रही  है।  जो भी  इस मामले में दोषी पाए जायेंगे उनपर कार्यवाही होगी ''. गौर करने वाली बात ये है की भयानक लापरवाही की वजह से घटी इस घटना के कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने इस अस्पताल का दौरा किया था। 

बताया जा रहा है कि वो एजेंसी , जो ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई करती थी उसने ये सप्लाई रोक दी क्योंकि अस्पताल पर उनके 70 लाख रुपये बकाया थे। खबर है कि एजेंसी ने इस बात की चेतावनी पहले भी दी थी पर अस्पताल प्रशासन ने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। 
 

इस शर्मनाक घटना  के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की है और राज्य सरकार को इसके लिए दोषी ठहराया है।  इसपर सरकार का कहना है की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को राजनैतिक रंग देना ठीक नहीं।
 

ये दर्दनाक घटना साफ़ तौर पर योगी सरकार के विकास के दावों को खोखला साबित करती है। उनकी इमेज को चमकदार बनाने  के लिए किये जा रहे  मीडिया प्रचार को भी ये निर्वस्त्र करती है ।  इसके लिए साफ़ तौर पर राज्य सरकार ज़िम्मेदार है, जो एक तरफ गौ रक्षा के नाम पर करोड़ों खर्च करने का दावा करती है और दूसरी तरफ इंसानो के लिए  बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान में भी नाकाम है। इससे पहले सहारनपुर की घटनाएँ , रोमिओ स्क्वाड की मुहिम और गौ रक्षकों के हमले योगी सरकार के असली एजेंडे की ओर इशारा करते दिख रहे हैं। इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि  यूपी में साम्प्रदायिकता इसीलिए बढ़ाई  जा रही है , जिससे गरीब जनता का मूल भूत मुद्दों से  ध्यान हटाया जा सके।  
 

अगर स्वास्थ्य सुविधाओं की ही बात की जाये तो  केंद्र सरकारें स्वास्थ्य बजट में लगातार कटौती कर रही हैं ।  भारत अपने जीडीपी का  सिर्फ 1. 2 प्रतिशत स्वास्थ्य बजट पर खर्च करता है, जो और देशों के मुकाबले बहुत कम है , साफ़ तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं की इस दुर्गति के लिए सरकारें ज़िम्मेदार हैं । साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के निजी कारण से भी ये सेवाएं गरीबों से काफी दूर होती जा रही है। इस समस्या के बारे में  गंभीरता से विचार करने की ज़रुरत है और इस इस व्यवस्था को भी चुनौती देने की ज़रुरत है , जहाँ मेहनतकश जनता की जान की कीमत इतनी सस्ती नज़र आती है।

 

भाजपा
योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर

Related Stories

बदहाली: रेशमी साड़ियां बुनने वाले हाथ कर रहे हैं ईंट-पत्थरों की ढुलाई, तल रहे हैं पकौड़े, बेच रहे हैं सब्ज़ी

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

गोरखपुर बीआरडी अस्पताल हादसा को एक सालः न मुआवज़ा और न ही कोई सुविधा

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

यूपीः मेरठ के मुस्लिमों ने योगी की पुलिस पर भेदभाव का लगाया आरोप, पलायन की धमकी दी

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License