NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा : उपवास के पहले भाजपा नेताओं के ‘‘खाना खाने’’ का वीडियो बनाने वाले पत्रकार पर मामला दर्ज
एसवाईएल नहर मुद्दे पर उपवास के पहले ‘‘खाना खाते’’ हुए भाजपा नेताओं का वीडियो बनाने वाले एक वेब चैनल के पत्रकार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Dec 2020
Haryana

एसवाईएल नहर मुद्दे पर उपवास के पहले ‘‘खाना खाते’’ हुए भाजपा नेताओं का वीडियो बनाने वाले एक वेब चैनल के पत्रकार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालंकि पुलिस ने बताया कि करीब 10 महीने पहले थानेसर बाजार समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश सैनी द्वारा दी गयी शिकायत के आधार पर पत्रकार राजिंदर स्नेही पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67 के तहत सोमवार को मामला दर्ज किया गया। लेकिन एक सवाल उठता है अगर मामला दस महीने पुराना है तो फिर अचानक उपवास वाली वीडियो के बाद ही मामला दर्ज क्यों हुआ ? मामला दर्ज करने के टाईमिंग पर सवाल उठ रहे है। पुलिस कुछ भी सफ़ाई दे लेकिन लोगो साफ़तौर पर इसे बदले की कार्रवाई बता रहे है।

कुरुक्षेत्र के थाना प्रभारी मंदीप सिंह के मुताबिक, सैनी ने आरोप लगाया था कि पत्रकार ने करीब 10 महीने पहले सोशल मीडिया पर उनके बारे में फर्जी और मनगढंत खबरों को प्रसारित किया था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।

पत्रकार ने जो हालिया वीडियो बनाया जो वायरल हुआ था उसमें बीजेपी नेता उपवास के पहले ‘‘खाते’’ हुए नजर आए। हालंकि कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी और थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने दावों से इनकार किया है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि उपवास के दिन उन्होंने भोजन नहीं किए थे केवल एक धार्मिक कार्यक्रम में ‘‘प्रसाद’’ ग्रहण किया था।

कुरुक्षेत्र के सांसद ने कहा कि वह सुभाष सुधा के साथ गीता ज्ञानम संस्थान गए थे वहां पर उन्हें ‘प्रसाद’ दिया गया था। उन्होंने कहा कि उपवास के पहले खाने का सवाल ही नहीं उठता।

बहरहाल, कुछ मीडियाकर्मियों ने कुरुक्षेत्र प्रेस क्लब के बैनर तले एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और स्नेही के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की।

कुरुक्षेत्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश शांडिल्य ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा नेताओं के दबाव के बाद यह कदम उठाया।

आपको बता दें हरियाणा बीजेपी ने किसान अंदोलन के बिच में 19 दिंसबर को सालों से विवादित रहे एसवाईएल नहर मुद्दे को उठाया और इसको लेकर उन्होंने एकदिवसीय उपवास भी किया परन्तु उन्हें इस अभियान में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला बल्कि उन्हें स्थानीय लोगो और किसान संगठनों का विरोध झेलना पड़ा। किसानो ने आरोप लगया की बीजेपी यह सब नाटक किसानों की एकता तोड़ने के लिए कर रही है। लेकिन ऐसा नहीं होने जा रहा है, किसान केंद्र को कृषि कानून वापस लेने के लिए राजी करके ही मानेंगे।

एसवाईएल दोनों राज्यों के बीच विवादास्पद मुद्दा रहा है और पंजाब में नहर का हिस्सा अब भी अधूरा है। निर्माण कार्य 1982 में शुरू हुआ था।

पंजाब रावी ब्यास नदी के पानी की मात्रा का फिर से आकलन करने की मांग कर रहा है। हरियाणा अपने हिस्से का 35 लाख एकड़ फुट पानी लेने के लिए एसवाईएल नहर का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग कर रहा है।(

समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

SYL
Haryana
journalist harassment

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा के बजट पर लोगों की प्रतिक्रिया 

हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली निगमों का निजीकरण "अलोकतांत्रिक" और "संघीय ढांचे के ख़िलाफ़"

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

कार्टून क्लिक: ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे?


बाकी खबरें

  • JEWER
    मुकुंद झा
    जेवर एयरपोर्टः दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं होगा आसान, किसानों की चार गुना मुआवज़े की मांग
    29 Dec 2021
    जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे फेज के लिए छह अन्य गांवों से 1,334 हेक्टेयर और भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसको लेकर किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है।
  • कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    29 Dec 2021
    देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है | देश में 20 दिन बाद कोरोना के 9 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं मंगलवार को ओमीक्रॉन के सबसे ज्यादा यानी 128 नए मामले सामने आए हैं।
  • लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    सुमैया खान
    लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    29 Dec 2021
    इसकी बजाय सरकार को लड़कियों को शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य-सेवाएं एवं सुरक्षा प्रदान करने में और अधिक निवेश करना चाहिए। उन्हें अपना करियर चुनने में मदद करनी चाहिए।
  • एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    नवप्रीत कौर, सी सरतचंद
    एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    29 Dec 2021
    एक गारंटीशुदा एमएसपी प्रणाली सार्वजनिक भंडारण लागत/अपव्यय को भी कम करेगी बशर्ते इसे एक सार्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा पूरक बनाया जाए।
  • डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    रौनक छाबड़ा
    डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    29 Dec 2021
    डीजेबी यूनियन ने मंगलवार यह आरोप लगाते हुए एक प्रदर्शन किया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस समय पानी की बिलिंग की जो गड़बड़ियां सामने आ रही हैं,वह विप्रो की ओर से व्यवस्थित किये जा रहे राजस्व प्रबंधन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License