NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
फरीदाबाद : फूड डिलीवर करने वाली कंपनी Swiggy के कर्मचारी हड़ताल पर
यह हड़ताल डिलीवरी चार्जेस कम करने की वजह से की गई है। स्विग्गी में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि वे पहले ही बदतर हालत में काम कर रहे हैं, इससे उन्हें और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मुकुंद झा
05 Aug 2019
swiggy's workers on strike

शहर में फूड डिलीवर करने वाली ऑनलाइन कंपनी स्विग्गी (Swiggy) के फरीदाबाद ज़ोन के कर्मचारी वेतन काटे जाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर शनिवार से हड़ताल पर हैं।

फरीदाबाद सेक्टर 16 अनाज मंडी स्थित स्विग्गी के दफ़्तर में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि यह स्ट्राइक डिलीवरी चार्जेस को कम करने  की वजह से की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पहले ही बदतर हालत में काम कर रहे हैं, इससे उन्हें और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कई बार उनसे खाना व पैसे छीन लिए जाते हैं, जिसकी वसूली भी इन्हीं कर्मचारियों से की जाती है। 
इसको लेकर सारे डिलीवरी ब्वॉय ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने कहा की हड़ताल के दौरान कंपनी के अधिकारी उन्हें बार-बार आईडी बंद करने की धमकी दे रहे हैं। लेकिन कंपनी यदि उनकी मांगें नहीं मानेगी तो हड़ताल को आगे बढ़ाया जाएगा। ये कोई पहली बार नहीं है, इस तरह की मांगों को लेकर स्विग्गी के राजस्थान के कोटा और उत्तर प्रदेश के लखनऊ के कर्मचारी भी हड़ताल और प्रदर्शन कर चुके हैं।

ये किसी एक कंपनी की कहानी नहीं है लगभग इस तरह की जितनी भी फ़ूड डिलीवरी कम्पनी चाहे वो जमेटो हो या स्विग्गी इनके कारोबार पिछले कुछ वर्षो में भारी वृद्धि हुई है। इसका दावा ये कंपनियों ने भी समय समय पर किया है। लेकिन यह नहीं बताती कि उनके डिलवरी करने वाले कर्मचारी किसी स्थति में कार्य करते हैं। डिलीवरी ब्वॉय की कोई न तो फ़िक्स सैलरी होती है। उन्हें हर ऑर्डर पर कुछ निश्चित राशि दी जाती है। उन्हें रेस्टोरेंट से फ़ूड पैकेट उठाने होते हैं और तीन से चार किलोमीटर के दायरे में ऑर्डर डिलीवर करना होता है। इस दौरन कम्पनी अपने डिलीवरी ब्वॉय को ना तो बाइक देती है और न बाइक के लिए तेल और न ही स्मार्टफ़ोन। ये सारी चीज़ें डिलीवरी ब्वॉय की खुद की होती है। कई कम्पनी तो डिलीवरी ब्वॉय को ड्रेस और खाने के पैकेट रखने के लिए जो बॉक्स देती हैं तो उसके लिए भी एक हज़ार रुपए लेती हैं। 

फ़रीदाबाद के डिलवरी ब्वॉय, भी  इसी स्थिति में काम कर रहे थे। लेकिन शुक्रवार को कंपनी ने अपने डिलवरी ब्वॉय को बताया कि अब हर ऑर्डर पर मात्र 15 रुपये दिए जाएंगे जोकि पहले 35 रुपये थे। उन्हें नए नियम के मुताबिक 1 से 1.5 किलोमीटर के दायरे में ऑर्डर लेना-देना होगा। जबकि पहले यह दूरी 3 से 3.5 किलोमीटर तक थी। 

इस कंपनी में काम करने वाले और शनिवार से स्विग्गी के खिलाफ धरने पर बैठे एक कर्मचरी ने कहा की जब हमें 35 रुपये मिलते थे तब भी हमें दिन में 500 रुपये कमाने के लिए 15-16 घंटे काम करना पड़ता था। इस में भी गाड़ी हमारी, गाड़ी में लगने वाला तेल हमारा, स्मार्ट फ़ोन हमारा, सोचिए इन सभी खर्च के बाद हम एक दिन में कितनी कमाई करते है। कंपनी ने जो पहले 3 से 3.5  किलोमीटर तक की दूरी तय की थी उसे भी बढ़ाकर 5 से 6 किलोमीटर तक डिलीवरी कराई जाती थी। पहले तो उसके लिए हमें अतिरिक्त पैसे भी दिये जाते थे लेकिन बाद में वो भी बंद कर दिया गया। 

आगे वो कहते हैं कि आप सोचिए अब हमें एक डिलवरी के मात्र 15 रुपये मिलेंगे तो सोचिए दिनभर काम करने के बाद भी हमे कितना मिलेगा और कितना बचेगा, क्योंकि पहले की दर से काम करने पर हमे दिनभर काम करने पर 500 मिलता था उसमे भी लगभग 150रुपये का तेल हमारा खर्च होता था। उसके अलावा भी अन्य खर्च होते थे, लेकिन अब क्या होगा? साथ ही कंपनी ने साफ कर दिया कि यही मिलेगा काम करना है तो करो नहीं तो कुछ और देखो।   

हड़ताल पर गए डिलीवरी ब्वॉयज का यह कहना है की कई लड़कों ने कंपनी के भरोसे बाइक व मोबाइल किस्तों पर लिया है, वह इतने कम पैसों में कैसे गुजारा करेंगे। साथ ही इन का इंसेंटिव भी इनको नहीं दिया जा रहा है। अगर यह सेक्टर 16 के ऑफिस में जाकर अपनी कंप्लेंट दर्ज कराते हैं तो बाउंसर द्वारा इनको धमकी दी जाती है, कि फाइल कैंसिल कर दी जाएगी। यह सब कारण है कि आज स्विगी डिलीवरी ब्वॉय स्ट्राइक पर है।

कर्मचारियों का यह भी कहना है की बीतते समय में लगातर कंपनी का दायरा बढ़ा है, ऑर्डर की संख्या बढ़ी है। प्रबंधन में काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह भी बढ़ी तो फिर हमारी तनख्वाह कम क्यों की जा रही है?  सुरक्षा के नाम पर हमें कुछ नहीं मिलता है,उन्होंने बताया, “पिछले साल अगस्त में एक  कर्मचारी डिलवरी के समय उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। जिसमे वो गंभीर रूप से घायल हो गए साथ ही उनकी गाड़ी को भी भारी नुकसान हुआ। यह कंपनी के ऑफिस के पास ही हुआ और उन्होंने मैनेजर को फोन किया तो उन्होंने कहा आर्डर कैंसिल कर दो। लेकिन इसके अलावा न तो उन्हें मेडिकल सुविधा दी और नहीं मेरी गाड़ी के नुकसान की भरपाई की।” यही नहीं दूसरी ओर कंपनी हमे जल्दी जल्दी आर्डर पहुंचने को कहती है लेकिन अगर कुछ हो जाए तो कोई भी देखने वाला नहीं है। 

इस पुरे मामले पर कंपनी का पक्ष जाने के लिए हमने कंपनी से सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन अभीतक कोई भी उत्तर नहीं मिला है जैसे ही उनकी तरफ से कोई जानकारी दी जाएगी तो खबर उपडेट की जाएगी।  

swiggy
swiggy delivery boy protest in faridabad
workers protest
labour law
India
Haryana
worker security
working condition
swiggy delivery boys strike

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग


बाकी खबरें

  • kerala nun case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: चर्चित नन रेप केस में आरोपी बिशप बरी, फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगी नन
    15 Jan 2022
    एसआईटी का नेतृत्व कर रहे आईपीएस अधिकारी एस. हरिशंकर ने कहा कि ये फैसला स्वीकार्य नहीं है और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में यूपी नंबर वन, है या नहीं?
    15 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हुई है। रेप के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है। लेकिन महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश अब भी देश में…
  • yogi ji
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: मास्टर स्ट्रोक ही मास्टर स्ट्रोक
    15 Jan 2022
    फिर भी यह न तो भगदड़ का मामला है और न तोड़-फोड़ के ग्लोबल षडयंत्र का। यह तो योगी जी के मास्टर स्ट्रोक का मामला है। हमें पता है कि भक्तों को आसानी से यह हजम नहीं होगा कि योगी भी मास्टरस्ट्रोक लगा सकते…
  • Bharti with Digvijay Singh
    काशिफ काकवी
    एमपी में एससी/एसटी के ख़िलाफ़ अत्याचार के 37,000 से अधिक मामले लंबित, दोष-सिद्धि की दर केवल 36 फ़ीसदी
    15 Jan 2022
    मध्य प्रदेश ने 2020 में एससी/एसटी के ख़िलाफ़ अत्याचार के 9,574 मामले दर्ज किए। लेकिन 2020 के केवल 95 मामले और इसके पिछले वर्ष में 594 मामले ही अदालतों में किसी नतीजे पर पहुंच सके थे। एनसीआरबी के…
  • kisan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा
    15 Jan 2022
    आज सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हो रही है। किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद यह पहली बैठक है। इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ किये गए समझौते के क्रियान्वयन की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License