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हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी
इज़रायली अधिकारियों ने जल आपूर्ति में वृद्धि के साथ-साथ गाज़ा से अतिरिक्त 5000 फ़िलीस्तीनियों को इज़रायल में एंट्री परमिट देने की भी घोषणा की।
पीपल्स डिस्पैच
02 Sep 2021
हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी

इज़रायल ने लंबे समय के बाद गाजा में सीमीत मात्रा में विनिर्माण सामग्री की आपूर्ति की अनुमति दी है क्योंकि हफ्तों के विरोध के बाद बिसिज्ड फिलिस्तीनी क्षेत्र में निर्माण सामग्री की इसी तरह की आपूर्ति की अनुमति दी गई थी।

इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इजरायली विभाग सीओजीएटी जो कि कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में नागरिक मामलों के लिए जिम्मेदार है उसने कल घोषणा की कि वह गाजा के फिलिस्तीनी मछुआरों के लिए मछली पकड़ने के क्षेत्र की सीमा को 15 नॉटिकल मील (28 किलोमीटर) तक बढ़ा देगा, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा ज्यादा है।

इज़रायल अभी भी 20 नॉटिकल मील (37 किलोमीटर) की सीमा का उल्लंघन कर रहा है जिस पर 1993 के ओस्लो समझौते में सहमति हुई थी।

गाजा में फिलीस्तीनी 14 वर्षों की लंबी इजरायली नाकाबंदी को समाप्त करने और साल 2006 से लागू लोगों की आवाजाही और वस्तुओं की आपूर्ति, मछली पकड़ने और व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंध और सीमा में छूट देने के लिए मांग करते हुए दो हफ्ते से अधिक समय प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसके अलावा सीओजीएटी ने यह भी घोषणा की कि गाजा में जल की आपूर्ति में पांच मिलियन क्यूबिक मीटर की वृद्धि की जाएगी साथ ही 5,000 अतिरिक्त फिलिस्तीनी व्यापारियों को इजरायल में इंट्री परमिट दी जाएगी। पहले एक समय में केवल 2,000 गाजावासियों को इजरायल में जाने की अनुमति थी।

मानवाधिकार समूह और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से इज़रायल से इस प्रकार की सामग्रियों की आपूर्ति की अनुमति देने की मांग करते रहे थे, जो हजारों क्षतिग्रस्त और पूरी तरह से नष्ट हुए घरों, आवासीय भवनों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य ढ़ाचों के पुनर्निर्माण के लिए तत्काल आवश्यक है। गाजा के आवास मंत्रालय के अनुसार, इस साल मई महीने में इजरायल की बमबारी में 67बच्चों और 49 महिलाओं सहित 260 से अधिक फिलीस्तीनियों की मौत हो गई थी। इस हमले के चलते इस पट्टी में 20,000 आवास इकाइयां पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, साथ ही अन्य 22,000 ढ़ांचों को भी आंशिक रूप से नुकसान हुआ था।

Israel
Gaza
Palestine

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