NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मीडिया कोड में संशोधन करने के लिए फेसबुक और ऑस्ट्रेलियाई सरकार में समझौता
सरकार ने इस क़ानून से बचने के लिए गूगल और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्मों को अनुमति देते हुए विवादास्पद न्यूज़ मीडिया बार्गेनिंग कोड में चार संशोधनों पर सहमति जताई है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Feb 2021
मीडिया कोड में संशोधन करने के लिए फेसबुक और ऑस्ट्रेलियाई सरकार में समझौता

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने फेसबुक को अपने प्लेटफॉर्म पर फिर से न्यूज पोस्ट करने के क्रम में मीडिया बार्गेनिंग कोड के महत्वपूर्ण खंडों में संशोधन करने पर सहमति व्यक्त की है। मंगलवार 23 फरवरी को ऑस्ट्रेलियाई कोषाध्यक्ष जोश फ्राइडेनबर्ग ने घोषणा की कि फेसबुक ने सामूहिक प्रतिबंध हटाने के बदले में इस बिल में संशोधन करने की सरकार की पेशकश को स्वीकार कर लिया है। ये सहमति सोशल मीडिया दिग्गज द्वारा सभी समाचार वेबसाइटों को रोकने के पांच दिन से अधिक समय के बाद हुई है।

न्यूज मीडिया बार्गेनिंग कोड एक विवादास्पद कानून जिसे पिछले सप्ताह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में मंजूरी मिली थी उसने समाचार प्रदाताओं के साथ गूगल और फेसबुक जैसे प्लेटफार्मों के बीच राजस्व साझा करने की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने चार संशोधनों का प्रस्ताव किया जिसमें अनिवार्य मध्यस्थता और मूल बिल के अन्य प्रमुख खंडों को नियंत्रित करने की उम्मीद है।

ये परिवर्तन फेसबुक और गूगल दोनों को इस कानून के तहत नियमन को दरकिनार करने की अनुमति देगा यदि ये प्लेटफॉर्म यह साबित करते हैं कि इसने प्रकाशकों के साथ एक संतोषजनक निजी समझौता किया है। सरकारी मध्यस्थों के हस्तक्षेप से पहले नए बदलाव निजी राजस्व-साझेदारी समझौते के लिए वार्ता की अवधि को भी दो महीने तक बढ़ाएंगे। फेसबुक ने यह भी कहा है कि सरकार ने सहमति व्यक्त की है कि जबरन मध्यस्थता से बचने के लिए उसने अपने मंच पर "समाचार दिखने को लेकर निर्णय लेने की योग्यता हासिल की है"।

पिछले हफ्ते गुरुवार 18 फरवरी को फेसबुक ने सभी समाचार वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया था साथ ही महत्वपूर्ण सरकारी सूचना देने वाले प्लेटफार्मों, कम्युनिस्ट पार्टियों और देश के ट्रेड यूनियन कन्फेड्रेशन की साइटों को ब्लॉक कर दिया था। इस फैसले पर वामपंथियों, ट्रेड यूनियनों और जमीनी स्तर के संगठनों ने इसके कड़े सेंसरशिप को लेकर बड़े पैमाने पर हमला किया था। इस सेंसरशिप से बड़ी संख्या में गैर-समाचार प्रोग्रेसिव संस्थान प्रभावित हुए हैं।

फेसबुक को ऑस्ट्रेलियाई यूजर्स की आलोचना का भी सामना करना पड़ा क्योंकि बड़े पैमाने पर हुए सेंसरशिप ने स्वास्थ्य और मौसम विभाग की साइटों को भी ऐसे समय में ब्लॉक कर दिया था जब सरकार COVID-19 टीके लगा रही थी जबकि देश के कई हिस्से जंगलों में लगी आग से प्रभावित हैं।

इस बीच, जमीनी स्तर के एक्टिविस्टों ने स्वतंत्र मीडिया संस्थानों पर नए बार्गेनिंग कोड के प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई है। ये कानून ऐसे समय में लागू हुआ है जब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रूपर्ट मर्डोक न्यूज कॉर्प के वास्तविक एकाधिकार और बाजार में नियंत्रण की कांग्रेस की जांच का सामना कर रहा है।

Facebook
australia
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए


बाकी खबरें

  • water pump
    शिवम चतुर्वेदी
    हरियाणा: आज़ादी के 75 साल बाद भी दलितों को नलों से पानी भरने की अनुमति नहीं
    22 Nov 2021
    रोहतक के ककराणा गांव के दलित वर्ग के लोगों का कहना है कि ब्राह्मण समाज के खेतों एवं अन्य जगह पर लगे नल से दलित वर्ग के लोगों को पानी भरने की अनुमति नहीं है।
  • ATEWA
    सरोजिनी बिष्ट
    पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा का लखनऊ में प्रदर्शन, निजीकरण का भी विरोध 
    22 Nov 2021
    21 नवंबर को लखनऊ के इको गार्डेन में नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को रद्द करने, पुरानी पेंशन सिस्टम यानी ओपीएस को पुनः बहाल करने और रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने की मांगों के साथऑल इंडिया टीचर्स एंड…
  • COP26
    डी रघुनंदन
    कोप-26: मामूली हासिल व भारत का विफल प्रयास
    22 Nov 2021
    इस शिखर सम्मेलन में एक ओर प्रधानमंत्री के और दूसरी ओर उनकी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तथा आला अफसरों के अलग-अलग रुख अपनाने से ऐसी छवि बनी लगती है कि या तो इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत ने ठीक से तैयारी…
  • birsa
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘जनजातीय गौरव दिवस’ से सहमत नहीं हुआ आदिवासी समुदाय, संवैधानिक अधिकारों के लिए उठाई आवाज़! 
    22 Nov 2021
    बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के मंचों से अधिकतर लोगों ने यही सवाल उठाया कि यदि बिरसा मुंडा और आदिवासियों की इतनी ही चिंता है तो आदिवासियों के प्रति अपने नकारात्मक नज़रिए और आचरण में…
  • kisan mahapanchayat
    लाल बहादुर सिंह
    मोदी को ‘माया मिली न राम’ : किसानों को भरोसा नहीं, कॉरपोरेट लॉबी में साख संकट में
    22 Nov 2021
    आज एक बार फिर कॉरपोरेट-राज के ख़िलाफ़ किसानों की लड़ाई लखनऊ होते हुए देश और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई और नीतिगत ढांचे में बदलाव की राजनीति का वाहक  बनने की ओर अग्रसर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License