NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
विज्ञान
जीवाश्म तरंगों से पता चला- डायनासोर को ख़त्म करने वाले क्षुद्र ग्रह से बड़ी सुनामी भी पैदा हुई थी
'अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंस लेटर्स' में प्रकाशित शोध के मुताबिक़, "जहां बड़ी सुनामी और उसके नतीज़ों के बारे में पहले सैद्धांति व्याख्याएं की जाती रही हैं, लेकिन इस सिद्धांत का समर्थन करने वाले सबूतों को पहली बार खोजा गया है।"
संदीपन तालुकदार
15 Jul 2021
जीवाश्म तरंगों से पता चला- डायनासोर को ख़त्म करने वाले क्षुद्र ग्रह से बड़ी सुनामी भी पैदा हुई थी
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

6.6 करोड़ साल पहले एक बहुत बड़ा छुद्र ग्रह पृथ्वी से टकराया था। यह टक्कर आज के मेक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप के पास हुई थी। टक्कर ऐसी थी कि इससे धूल की एक चादर चढ़ गई, जिसके चलते कई सालों तक सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाईं। नतीज़े बेहद भयावह थे- तापमान लगातार गिरता गया और प्राणियों की प्रजातियां विलुप्त हो गईं। इन प्रजातियों में डायनासोर भी शामिल थे। माना जा रहा था कि इस क्षुद्र ग्रह का आकार व्यास में 10 किलोमीटर था।

अब यह साबित हो गया है कि इस टक्कर से मेक्सिको की खाड़ी में एक बड़ी सुनामी भी आई थी। आज के लूसियाना प्रांत की ज़मीन के भीतर मिले सुनामी के अवशेषों से पता चलता है कि यह 1,500 मीटर ऊंची थी। सुनामी उत्तरी अमेरिका में तक प्रवेश कर गई थी। शुरुआती ऊंची और तेज लहर के बाद कई छोटी लहरें भी आईं।

बड़ी सुनामी और इसके विस्तार का सैद्धांतिक अनुमान पहले भी लगाया जाता रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि करने वाले सबूतों को वैज्ञानिकों ने पहली बार खोजा है।

लेफेट में यूनिवर्सिटी ऑफ लूसियाना के जियोफिज़िसिस्ट गैरी किन्सलैंड के नेतृत्व में उनके साथियों ने चिक्सुलुब (बड़े क्षुद्र ग्रह की टक्कर के चलते पैदा हुआ गड्डा) से जुड़ी अपनी खोजें 'अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंस लेटर्स' जर्नल में प्रकाशित की हैं। इनमें बताया गया है कि मध्य एशिया की तलछट में जीवाश्म तरंगे पाई गई हैं। वैज्ञानिकों ने जमीन के 1500 मीटर नीचे एक परत का विश्लेषण किया, जो क्षुद्र ग्रह के टकराने के वक़्त से जुड़ी है। जीवाश्म की यह तरंग 1 किलोमीटर तक फैली है और 16 मीटर ऊंची है। 

ऑस्टिन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के एक दूसरे जियोफिज़िसिस्ट सीन गुल्लिक ने साइंस मैगजीन से एक वक्तव्य में कहा, "एक ऐसी चीज जिसके बारे में बहुत लंबे वक़्त से सैद्धांतिक बातें चल रही थीं, उसकी पुष्टि के लिए सबूत मिलना बेहद शानदार है।" गुल्लिक अध्ययन में शामिल नहीं थे। लेकिन गु्ल्लिक 2016 में उस कैंपेन का हिस्सा थे, जो चिक्सुलब गड्डे के अवशेषों की और ज़्यादा खुदाई करने की मांग कर रहा था। 

खोज कैसे की गई

प्राचीन काल से ज़मीन के भीतर दबे हुए ढांचे के अध्ययन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'सीसमिक इमेजिंग' तकनीक का ही उपयोग वैज्ञानिकों ने मौजूदा अध्ययन के लिए किया है। इस तकनीक के तहत भूकंपीय किरणों को ज़मीन के भीतर तक भेजा जाता है। इन लहरों को धमाकों या औद्योगिक हथौड़ों की सहायता से पैदा किया जाता है। अंदर भेजी गईं भूकंपीय किरणें फिर निक्षेपों और चट्टानों से टकराकर वापस आती हैं। इनके परावर्तन से तब अंदर मौजूद चीजों की तस्वीर बनाई जाती है। तेल और प्राकृतिक गैस की खोज करने वाली कंपनियां अक्सर इस तकनीक का उपयोग करती हैं। मेक्सिको की खाड़ी में इस तरह के कामों से हासिल किए गए आंकड़े प्रचुर मात्रा में हैं।

गैरी किन्सलैंड ने डेवन एनर्जी नाम की एक कंपनी से मध्य लूसियाना क्षेत्र के सीसमिक इमेजिंग डेटा को हासिल किया। किन्सलैंड और उनके साथियों ने तब 1500 मीटर नीचे की परत से जुड़ी जानकारी का अध्ययन किया और बड़ी जीवाश्म तरंगों की खोज की। 

किन्सलैंड के मुताबिक़, यह तरंगें उस बड़ी सुनामी का नतीज़ा हैं, जो क्षुद्र ग्रह की टक्कर से पैदा हुई थी। उनके विश्लेषण में यह पाया गया कि इन तरंगों के उपजने का वक़्त क्षुद्र ग्रह के टकराने के समय से सही बैठता है। किन्सलैंड ने कहा कि यह जगह इन तरंगों के संरक्षण के लिए बिल्कुल सही जगह थी। वह कहते हैं, "पानी इतना गहरा था कि इस बार सुनामी के जाने के बाद भी, नियमित आने वाले तूफान नीचे बची हुई चीजों को प्रभावित नहीं कर सके।"

हालिया खोज, चिक्सुलुब प्रभाव के बारे में चल रहे शोध का विस्तार है। इसके ऊपर पहली बार 1980 में काम हुआ था। 2016 की खुदाई-खोजबीन (जैसा पहले बताया गया है इसका सीन गुल्लिक ने सह नेतृत्व किया था) से पता चला कि कैसे यह गड्डा बना था, जिसका प्रभाव पृथ्वी के ऊपर बसने वाले जीवन पर पड़ा था। 2019 में शोधार्थियों ने यह भी बताया कि उत्तरी डकोटा प्रांत में एक जीवाश्म है, जो चिक्सुलुब से 3000 किलोमीटर दूर है। इस केस में शोधार्थियों ने बताया था कि जीवाश्य में उस तरह के अवशेष मिल रहे हैं, जो सुनामी से ज़मीन पर आते हैं।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Asteroid Impact That Wiped Dinos Also Created Giant Tsunami: Reveal Fossilised Megaripples

Asteroid strike
Chicxulub
Gulf of Mexico
Dinosaurs Extinction
Yucatan Peninsula
Chicxulub Crater
Chicxulub Tsunami
Giant Tsunami

Related Stories


बाकी खबरें

  • प्रेम कुमार
    यूपी विधानसभा चुनाव : लाभार्थी वर्ग पर भारी आहत वर्ग
    08 Mar 2022
    लाभार्थी वर्ग और आहत वर्ग ने यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया है। इसमें कोई संदेह नहीं है। मगर, सवाल यह है कि क्या इन दोनों वर्गों के मतदाताओं ने वोट करते समय जाति, धर्म और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं…
  •  Election commission
    अनिल जैन
    जनादेश-2022:  इस बार कहीं नहीं दिखा चुनाव आयोग, लगा कि सरकार ही करा रही है चुनाव!
    08 Mar 2022
    आमतौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता कभी संदेह से परे नहीं रही। उस पर पक्षपात के छिट-पुट के आरोप लगते ही रहे हैं। लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों से हालत यह हो गई है कि जो भी नया मुख्य चुनाव आयुक्त आता है, वह…
  • dalit
    ओंकार सिंह
    यूपी चुनाव में दलित-पिछड़ों की ‘घर वापसी’, क्या भाजपा को देगी झटका?
    08 Mar 2022
    पिछड़ों के साथ दलितों को भी आश्चर्यजनक ढंग से अपने खेमे में लाने वाली भाजपा, महंगाई के मोर्चे पर उन्हें लंबे समय तक अपने साथ नहीं रख सकती। 
  • EXIT POLL
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 राज्यों की जंग: ज़मीनी हक़ीक़त, रिपोर्टर्स का EXIT POLL
    08 Mar 2022
    देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर ने अपना फ़ैसला सुना दिया है। जनादेश ईवीएम में बंद हो चुका है। लेकिन उससे पहले ही एग्ज़िट पोल के बक्से खुल चुके हैं। लेकिन हम न…
  • सोनम कुमारी
    भाजपा ने अपने साम्प्रदायिक एजेंडे के लिए भी किया महिलाओं का इस्तेमाल
    08 Mar 2022
    वर्ष 2019 में जब पूरे देश में CAA कानून का विरोध हो रहा था और मुस्लिम महिलाएँ सड़कों पर नागरिकता पर उठे सवालों का प्रतिरोध कर रही थी,  तब बीजेपी के कई नेताओं ने उन्हें “रेप” की धमकी दी और शाहीन बाग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License