NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
विज्ञान
भारत
ब्लैक फंगस पंजाब और हरियाणा के लिए चुनौती बनती जा रही है
गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार गुरुग्राम से अब तक नासिका मार्ग और चेहरे की हड्डियों पर असर डालने वाले फंफूदी संबंधी संक्रमण के लगभग 70 मामले प्रकाश में आये हैं।
सागरिका किस्सू
19 May 2021
Corona

अभी जबकि हरियाणा और पंजाब कोविड-19 महामारी की बेहद खतरनाक दूसरी लहर से जूझ रहे हैं, एक फंगल संक्रमण जिसे आम तौर पर ब्लैक फंगस कहा जाता है, एक नई चुनौती के तौर पर उभरा है। इसमें कोविड-19 से उबरने वाले मरीजों को कथित तौर पर ब्लैक फंगस या म्युकोरमाइकोसिस से पीड़ित पाया जा रहा है।

सोमवार 17 मई को,एक आपातकालीन बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसकी पुष्टि की कि हरियाणा में अब तक 100 से अधिक ब्लैक फंगस के मामले दर्ज किये गए हैं। पीजीआई, रोहतक में करीब 27 मरीजों का फंगल इन्फेक्शन का इलाज चल रहा है। अब जैसे-जैसे मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, अस्पतालों में संक्रमण का इलाज करने के लिए एंटी-फंगल दवा की कमी के बारे में पता चल रहा है। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के लिए दवाओं के आवंटन के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। 

सरकार ने इसे अधिसूचित रोग भी घोषित कर दिया है।

गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, गुरुग्राम से अभी तक तकरीबन 70 फंगल इन्फेक्शन के मामले प्रकाश में आ चुके हैं।

दवा की कमी पर बोलते हुए यादव ने कहा “हाँ, यह सच है कि हम अम्फोटेरिसिन बी नामक एंटी-फंगल दवा की कमी से जूझ रहे हैं। इसके लिए एक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो इस कमी को दूर करने के प्रति जवाबदेह है।”

दवा की किल्लत के बीच एक तरकीब का पालन किया जा रहा है जिसके तहत चार डॉक्टरों को लेकर एक कमेटी गठित की गई है, जिनके द्वारा इंजेक्शन जारी करने से पहले प्रत्येक मामले की जांच का काम करना होगा। अस्पतालों को दवा की जरूरत को साबित करने के लिए मरीजों के विवरण के साथ उनकी टेस्ट रिपोर्ट्स को साझा करना होगा।

सरकारी अस्पतालों में यह दवा मरीजों के लिए निःशुल्क उपलब्ध है। हालांकि निजी अस्पतालों को इसके लिए स्वास्थ्य कमेटी के पास धनराशि जमा करानी होगी।

हरियाणा के सिरसा जिले में इस बीच ब्लैक फंगस के 10 मामले दर्ज किये गए हैं, जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा 17 मई को इस बीमारी के कारण दो मौतों की पुष्टि की गई थी।

इस बीच सीएम मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में फंगस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए चार अस्पतालों को नामित किया है। एक संवावदाता सम्मेलन के दौरान खट्टर ने कहा “इनमें से कुछ मरीजों का उपचार घर पर और कुछ का अस्पतालों में चल रहा है। हमने चार मेडिकल कालेजों की पहचान की है जहाँ पर योग्य चिकित्सक मौजूद हैं, और ऐसे मरीजों की जब सर्जरी करने की आवश्यकता पड़ेगी तो यह सुविधा भी वहां पर मौजूद होगी। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद होंगे, अगर सर्जरी की जरूरत पड़ेगी तो उसे वहां पर किया जा सकेगा, और यदि संक्रमण का उपचार दवा से किया जा सकता तो उसे किया जायेगा।”

जिन मेडिकल कॉलेजों की पहचान की गई है उनमें गुड़गांव में एसजीटी मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा में महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, रोहतक में पीजीआईएमएस और करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज हैं।

जबकि पंजाब में अभी तक ब्लैक फंगस के मात्र दो मामले ही प्रकाश में आये हैं, लेकिन सरकार को आने वाले दिनों में और ज्यादा मामलों का अंदेशा है। इस संबंध में एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को राज्य में फंगल रोग का उपचार करने के लिए दवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

न्यूज़क्लिक के साथ अपनी बातचीत के दौरान कोविड-19 नोडल अधिकारी, डॉ. राजेश भाष्कर का कहना था “हमने अभी सिर्फ दो मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले को दर्ज किये हैं। जो लोग कोविड-19 से उबर कर बाहर आ रहे हैं, उन मरीजों में हम इस फंगस को होते देख रहे हैं।

भास्कर इस बीमारी की वजह कोविड-19 के उपचार के दौरान स्टेरॉयड की उच्च मात्रा में इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनके अनुसार “इससे पहले भी जिन मरीजों को वेंटीलेटर पर रखा जाता था और उनपर स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जाता था, उनमें फंगस से संक्रमण के लक्षण देखने को मिलते थे। लेकिन अब ये मामले कोविड-19 के मरीजों के बीच में बढ़ रहे हैं, क्योंकि स्टेरॉयड के आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल के कारण मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता दमित हो जाती है और ब्लड शुगर बढ़ने लगता है।”

ब्लैक फंगस कथित तौर पर नाक की ग्रंथि पर हमला करता है और चारों तरफ फ़ैल जाता है, जिससे चेहरे की हड्डियों और आँखों को नुकसान पहुंचाते हुए यह मष्तिष्क तक पहुँच जाता है।

(हरियाणा से राहुल चौहान द्वारा दी गई जानकारी के साथ)

Coronavirus
COVID-19
Haryana

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • sedition
    भाषा
    सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश
    11 May 2022
    पीठ ने कहा कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। अदालतों द्वारा आरोपियों को दी गई राहत जारी रहेगी। उसने आगे कहा कि प्रावधान की वैधता को चुनौती…
  • बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    एम.ओबैद
    बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    11 May 2022
    "ख़ासकर बिहार में बड़ी संख्या में वैसे बच्चे जाते हैं जिनके घरों में खाना उपलब्ध नहीं होता है। उनके लिए कम से कम एक वक्त के खाने का स्कूल ही आसरा है। लेकिन उन्हें ये भी न मिलना बिहार सरकार की विफलता…
  • मार्को फ़र्नांडीज़
    लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?
    11 May 2022
    दुनिया यूक्रेन में युद्ध का अंत देखना चाहती है। हालाँकि, नाटो देश यूक्रेन को हथियारों की खेप बढ़ाकर युद्ध को लम्बा खींचना चाहते हैं और इस घोषणा के साथ कि वे "रूस को कमजोर" बनाना चाहते हैं। यूक्रेन
  • assad
    एम. के. भद्रकुमार
    असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की
    11 May 2022
    राष्ट्रपति बशर अल-असद का यह तेहरान दौरा इस बात का संकेत है कि ईरान, सीरिया की भविष्य की रणनीति का मुख्य आधार बना हुआ है।
  • रवि शंकर दुबे
    इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा यूपी में: कबीर और भारतेंदु से लेकर बिस्मिल्लाह तक के आंगन से इकट्ठा की मिट्टी
    11 May 2022
    इप्टा की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गीतों, नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License