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बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!
क्या होंगी बोलीविया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की भविष्य की नीतियां?
ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
03 Nov 2020
बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!
बोलीविया के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति लुइस एर्स और उप-राष्ट्रपति डेविड चोकहुवांका, 2020। 

लगभग एक साल पहले, 10 नवंबर 2019 को, जनरल विलियम्स कलिमन द्वारा राष्ट्रपति इवो मोरालेस आयमा को इस्तीफ़ा देने के ‘सुझाव’ के बाद, बोलीविया में तख़्तापलट हुआ था। अपने और अपने परिवार तथा अपने राजनीतिक दल के ख़िलाफ़ लगातार मिल रही धमकियों और हिंसा को देखते हुए राष्ट्रपति मोरालेस ने पद छोड़ दिया और मैक्सिको चले गए। अंत में वे अर्जेंटीना में निर्वासन में रहने लगे।

ये तख़्तापलट एक चुनाव के बाद हुआ, जिसके परिणामस्वरूप मोरालेस का राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल मिलने वाला था। इस चुनाव के नतीजे पर अमेरिकी राज्यों के संगठन या OAS (जिसका 60% फ़ंड अमेरिकी सरकार से आता है) को संदेह था। दुनिया भर के उदारवादियों ने OAS के तर्क को मान लिया कि अक्टूबर 2019 के चुनाव में कोई धोखाधड़ी हुई थी, जबकि किसी को भी इस बात की चिंता नहीं हुई कि मोरालेस का तीसरा कार्यकाल समाप्त होने में अभी कई महीने बचे थे। बाद में अमेरिका के राजनीतिक विशेषज्ञों ने दिखाया कि चुनाव में कोई धोखाधड़ी नहीं हुई थी; पुराने तरीक़े से तख़्तापलट कर के मोरालेस को हटाया गया था। यही कारण है कि लैटिन अमेरिका की प्रगतिशील सरकारें अब OAS के प्रमुख लुइस अल्माग्रो के इस्तीफ़े की माँग कर रही हैं।

बोलीविया के लोगों पर बेइंतहा दमन हुआ, जबकि उन्हें कहा गया था कि अब 'लोकतंत्र' आ गया है। इस ‘लोकतंत्र’ को बहुसंख्यक स्वदेशी आबादी के ख़िलाफ़ कॉन्क्विस्टाडोरीयन तर्ज़ पर वर्गीय हमले करने के लिए इस्तेमाल किया गया। मध्य बोलीविया में विंटो शहर की मेयर और मोरालेस की राजनीतिक पार्टी, मूवमेंट टू सोशलिज़्म (MAS) की नेता, पेट्रीसिया एर्स गुज़मन को गुंडे उनके कार्यालय से बाहर घसीट लाए; उन पर लाल पेंट और गैसोलीन फेंका और फिर उनके बाल नोचे जिससे उनके सर के एक हिस्से से चमड़ी उधड़ गई। यह सब कैमरे के सामने हुआ। एर्स ने अवज्ञापूर्वक कहा, ‘मैं डरी नहीं हूँ। मैं एक आज़ाद देश में रहती हूँ।’ एर्स ने पूरी बहादुरी के साथ इस्तीफ़ा देने से इंकार कर दिया। वो कुछ समय के लिए छुप गईं और दो हफ़्ते के भीतर मेयर का पद वापस सँभाल लिया। पेट्रीसिया एर्स ने बोलीवियाई लोगों की बहादुरी का प्रतिनिधित्व किया, जो तख़्तापलट से डरे नहीं हैं।

टीबीटी: बोलीवियाई चुनाव। 

इस साहसी इंकार ने MAS को ताक़त दी और 18 अक्टूबर के चुनाव में MAS उम्मीदवारों की जीत हुई। 87% मतदाताओं ने वोट डाले, जिनमें से MAS के उम्मीदवार -लुइस एर्स (राष्ट्रपति) और डेविड चोकहुवांका (उपराष्ट्रपति)- 55.1% मतों के साथ जीते, जबकि दूसरे स्थान पर रहे दक्षिणपंथी उम्मीदवार कार्लोस मेसा को केवल 28.8% वोट मिले। इसके साथ-साथ MAS को संसदीय चुनावों में भी भारी जीत मिली; निचले सदन की 130 में से 73 सीटों और सीनेट की 36 में से 21 सीटों पर MAS जीती है। बड़े अंतर से जीतने वाली बीस महिला सीनेटरों में से एक हैं, पेट्रीसिया एर्स। एर्स ने ट्विटर पर लिखा, ‘काम, विनम्रता और बोलीवियाई लोगों के समर्थन के साथ, हम अपने देश को एकता और साहस से सबके लिए ठीक कर देंगे।’ उन्होंने ‘इस तख़्तापलट के बाद [देश में] सरकार पुन:स्थापित’ करने में मदद करने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया।

संयुक्त राज्य अमेरिका, जिसने 2019 के तख़्तापलट में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई थी, उसने एक छोटे बयान के साथ नयी सरकार को बधाई दी। उनका बयान एक निर्विवाद टिप्पणी के साथ ख़त्म होता है कि वाशिंगटन एर्स और चोकहुवांका सरकार के साथ ‘आपसी हित के मामलों’ पर काम करेगा।

सतोरी गिगी (बोलीविया), इल्लिमानी की चोरी!, 2016। 

एर्स और चोकहुवांका जब अपना पद ग्रहण करेंगे, तो उनका एजेंडा संपूर्ण होगा। तख़्तापलट के बाद सत्ता संभालने वाली सरकार ने कोविड​​-19 का संक्रमण चक्र तोड़ने और आर्थिक व्यवधानों से परेशान लोगों को राहत देने वाली सभी प्रभावी नीतियों को अवरुद्ध कर दिया है। एर्स, जो कि एक अर्थशास्त्री हैं, ने इवो मोरालेस के नेतृत्व में शुरू हुए बोलीवियन समाजवादी प्रोजेक्ट को जारी रखने के लिए कुछ प्रमुख नीतियाँ तय की हैं:

  1. भुखमरी ख़त्म करना: सितंबर में, MAS द्वारा नियंत्रित सीनेट ने तख़्तापलट सरकार और महामारी से पीड़ित जनता को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण बिल पारित किए: बुज़ुर्गों और कमज़ोर व्यक्तियों को स्वास्थ्य देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए एक बिल के साथ-साथ एक हंगर बॉन्ड भी पारित किया जिसके तहत हर बोलीवियन को एक निश्चित राशि मिले। तख़्तापलट सरकार ने जनता को तत्काल राहत देने की आवश्यकता को ख़ारिज करते हुए, बिलों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। एर्स का कहना है कि उनकी सरकार का पहला काम इन राहत उपायों को लागू करना होगा।

 

  1. औद्योगीकरण: मोरालेस सरकार के लगभग चौदह सालों (2006-2019) के दौरान, बोलीवियन लोगों के जीवन में व्यापक सुधार हुए। ग़रीबी की दर 38.2% से घटकर 15.2% हो गई। औसत जीवन प्रत्याशा नौ वर्ष बढ़ी। और सार्वभौमिक स्वास्थ्य प्रणाली विकसित हुई। बोलीवियाई सरकार द्वारा बहुराष्ट्रीय खनन फ़र्मों के साथ किए जा रहे बेहतर सौदों के नतीजे में ये सुधार लागू करने के लिए आवश्यक फ़ंड जुटाए जा रहे थे। यह संसाधन समाजवाद का एक उदाहरण था।

एर्स का कहना है कि MAS की परियोजना में अगला क़दम आयात को कम करने वाले औद्योगीकरण की शुरुआत करना है। इसके तहत मूल उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन सरकार की प्राथमिकता होगी, क्योंकि इन वस्तुओं -जिनका निर्माण काफ़ी आसान है- के आयात में बोलीविया का विदेशी मुद्रा भंडार ख़र्च हो जाता है। तख़्तापलट से पहले, मोरालेस ने क्वांटम मोटर्स और सरकारी लीथियम कंपनी, यसिमींटोस दे लितीयो बोलीवियानोस के द्वारा बनाई गई एक नयी इलेक्ट्रिक कार का उद्घाटन किया था। उस समय, बैट्री का आयात चीन से किया गया था, लेकिन इन सरकारी फ़र्मों ने देश की लीथियम प्रॉसेस करने और E2, E3 कारों के लिए बैट्री बनाने की क्षमता विकसित करने की योजना बनाई थी। एर्स ने कहा है कि वे -चीन के समर्थन के साथ- शुरुआत में बोलीविया के बाज़ार और फिर निर्यात के लिए इन कारों के निर्माण की व्यवस्था करने का प्रयास करेंगे।

  1. खाद्य उत्पादन: खाद्य आपूर्ति शृंखला के टूटने के कारण, बोलीविया के छोटे किसानों को अपनी उपज बाज़ार में ले जाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और बुनियादी वस्तुओं की ऊँची क़ीमतें वसूलने वाले बड़े कृषि उद्योग उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं। महामारी से पहले ही, बोलीविया विदेशी स्वामित्व वाली कंपनियों के माध्यम से अपेक्षाकृत अपरिष्कृत सोयाबीन (खाल, आटा आदि) के निर्यात पर निर्भर हो गया था। एर्स छोटे किसानों के लिए तकनीकी नवाचारों पर ज़ोर देने के साथ बोलीविया की खाद्य संप्रभुता बढ़ाना चाहते हैं।

 

  1. ऋण रद्द करवाना: पड़ोसी देश अर्जेंटीना को उसके पूर्व राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री के कार्यकाल (2015-2019) के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से लिए गए भारी बाहरी क़र्ज़ और मेहरबानी का बोझ चुकाने में संघर्ष करते देख, एर्स ने प्रतिज्ञा की है कि बोलीविया भविष्य में ऋण नहीं लेगा, क्योंकि ऋण लेने के बाद देश की अमीर बॉन्ड-होल्डर्स पर निर्भरता और बढ़ेगी। इसके बजाय, बोलीविया बाहरी ऋण सेवा की 11 बिलियन डॉलर की राशि का भुगतान करने पर पुन: बातचीत करेगा। उन्हें उम्मीद है कि ऋण सेवा भुगतान पर दो साल के निलंबन से भुखमरी, औद्योगीकरण और खाद्य उत्पादन के लिए 16 करोड़ डॉलर की बचत कर पाने की संभावना है।

 

  1. कराधान: इसके अतिरिक्त, लुइस एर्स ने कहा है कि उनकी सरकार बोलीविया के 0.001% लोगों (1 करोड़ 15 लाख की आबादी में से लगभग 113 व्यक्ति, जो अत्याधिक धन के मालिक हैं) से टैक्स लेगी। इससे सरकारी ख़ज़ाने में लगभग 40 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी होगी।

MAS की जीत का कारण केवल एर्स और चोकहुवांका का नेतृत्व नहीं है, बल्कि मोरालेस सरकार के द्वारा चौदह सालों तक किए गए जन-हित के काम भी हैं। मोरालेस के शासन के दौरान, प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद की औसतन 3.2% वार्षिक वृद्धि दर के साथ देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 46% की वृद्धि हुई (यदि आप बोलीविया के सकल घरेलू उत्पाद में निश्चित निवेश का प्रतिशत देखें तो वो 14.3% से बढ़कर 20.8% हो गया है)। महत्वपूर्ण रूप से, अधिकांश सामाजिक संकेतक जैसे पोषण, स्वास्थ्य और साक्षरता में ऊँची दर के साथ सुधार हुआ।

एर्स का कहना है कि वे MAS की इस परियोजना को जारी रखेंगे, हालाँकि सरकार को काफ़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। सबसे पहले तो, अंतर्राष्ट्रीय ऋण संस्थानों ने प्रभावी तरीक़े से ऋण रद्द करने से इंकार कर दिया है। दूसरा, अमेरिकी सरकार बोलीविया में MAS परियोजना की प्रगति में ख़लल डालने के लिए हर हथकंडे का उपयोग करेगी। वाशिंगटन जानता है कि एर्स को एक ‘उदारवादी’ के रूप में चित्रित कर उनके और मोरालेस के बीच फ़र्क़ पैदा करना संभव नहीं होगा; एर्स निश्चित रूप से बोलीविया की विदेश नीति को लीमा ग्रूप व अन्य दक्षिणपंथी सस्थानों के चंगुल से बाहर निकालकर वेनेजुएला और क्यूबा के अनुरूप बनाएँगे। अमीर बॉन्डहोल्डर्स और अमेरिकी सरकार का गठजोड़ एर्स के इस वाम एजेंडे को बाधित करने की सभी कोशिशें करेगा।

ऐसे में चीन का महत्व बढ़ जाता है। चीन और बोलीविया में पहले से ही एक व्यावसायिक साझेदारी स्थापित है। लीथियम प्रॉसेसिंग, जलविद्युत विस्तार (रोज़िटस प्रोजेक्ट), सड़क निर्माण (एल एस्पिनो राजमार्ग परियोजना) और 2013 में टूपैक कटारी टेलिकॉम सैटेलाइट की लॉन्चिंग बोलीविया और चीन की साझीदारी के उदाहरण हैं। ये परियोजनाएँ चीनी बैंकों से लिए गए ऋण और बोलीवियन सरकार के बचत से वित्त पोषित हुईं।

व्यावसायिक साझेदारी के बजाय अब ज़रूरत है विकास के नज़रिये से साझेदारी स्थापित करने की, जिसमें बोलीविया के लिए अपने लीथियम संसाधनों के औद्योगीकरण को विकसित करने और बोलीविया में खाद्य संप्रभुता का विस्तार करने के लिए अनुदान शामिल हों। चीन के वाणिज्य मंत्रालय और चीनी निर्यात व ऋण बीमा निगम (सिनोश्योर) ने अत्यधिक ऋणी देशों को कुल 30 करोड़ डॉलर (जो कि चीन के द्वारा दिए गए कुल ऋणों का केवल 5% है)  के 200 से अधिक शून्य-ब्याज ऋण दिए हैं, जिनमें से 85% ऋण रद्द किए जा चुके हैं; इसका अर्थ है कि ज़्यादातर ऋण अनुदान हैं। एर्स का एजेंडा लागू करने के लिए ऐसे फ़ंड की ज़रूरत है जो देश को ऋण निर्भरता के जाल में न फँसाए; इसलिए विश्व बैंक या निजी लेनदारों के बजाय उन्हें फ़ंड जुटाने के लिए अन्य स्रोत/साधन ढूँढ़ने और विकसित करने होंगे।

मोरालेस के साथ काम करने वाले जुआन कार्लोस पिंटो क्विंटनिला ने हाल ही में पीपुल्स डिस्पैच को बताया कि MAS प्रोजेक्ट को ‘राजनीतिक क्षितिज की धारणा को गहरा करने’ का काम करना चिहिए और कार्यक्रम की संपूर्णता के बारे में जागरूकता पैदा करते हुए जन-भागीदारी बढ़ाना MAS का एजेंडा होना चाहिए। इस तरह की विकेंद्रीकृत धारणा यह सुनिश्चित करेगी कि बोलीविया की नयी पीढ़ी एक ऐसी परियोजना की रक्षा करे जो वास्तव में उनकी अपनी है।

माग्दा आर्ग्वेडस (बोलीविया), कल रोटी होगी, 1974। 

बोलीविया के चुनाव की ख़बर के साथ, स्विस बैंक (UBS) ने अपनी नयी अरबपतियों की रिपोर्ट जारी की है। 2020 के अप्रैल और जुलाई महीनों के बीच अरबपति वर्ग की संपत्ति में 27.5% की वृद्धि हुई है। केवल 2,189 अरबपति 10.2 ट्रिलियन डॉलर के मालिक हैं। दूसरी ओर, विश्व बैंक ने घोषणा की है कि 1988 के बाद पहली बार ग़रीबी की दर अब बढ़ेगी। यही वर्ग संघर्ष का सार है, जिसमें अमेज़न का जेफ़ बेजोस 203 बिलियन डॉलर का मालिक है जबकि दुनिया की आधी आबादी रात में भूखे पेट सोती है। नयी बोलीवियाई सरकार को, मानव जीवन को मूल्यवान समझने वाले सभी आंदोलनों और राजनीतिक दलों की तरह, अपने देश के प्रत्येक जन के लिए रोटी का इंतज़ाम करने के लिए संघर्ष करना होगा।

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