NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्रेयोना टेलर मामला : धीमी जांच और पुलिस हिंसा को लेकर लुइसविले प्रशासन का विरोध
ब्रेयोना टेलर की हत्या के तीन महीने बाद आधिकारिक जांच में अभी तक किसी भी संदिग्ध का नाम नहीं आया है और तीन पुलिस अधिकारियों पर अभी भी मुकदमा नहीं किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Jul 2020
ब्रेयोना टेलर

संयुक्त राज्य अमेरिका में केंटुकी के लुइसविले में ब्रेओना टेलर की हत्या और धीमी जांच और कथित दुर्व्यवहार को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए। मेयर ग्रेग फिशर के नेतृत्व में शहर प्रशासन जांच को लेकर और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस हिंसा की वजह से हुई एक मौत को लेकर विरोध का सामना कर रहा है।

लुइसविले मेट्रो काउंसिल की गवर्नमेंट ओवरसाइट एंड ऑडिट कमेटी (जीओए) ने सोमवार को "फिशर एडमिनिस्ट्रेशन की कार्रवाई और निष्क्रियता" पर एक जांच शुरू की है। नगर परिषद द्वारा हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति में जांच का खुलासा किया गया था और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार अभी शुरू होना बाकी है।

जांच में ब्रेयोना टेलर मामले के प्रशासन की कार्रवाई के अलावा, डेविड मैकएटी की मौत की परिस्थितियों के बारे में जिन्हें कथित तौर पर नेशनल गार्ड द्वारा गोली मार दी गई थी, विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस विभाग (एलएमपीडी) की हिंसक प्रतिक्रिया और प्रशिक्षण नीतियां और छापे में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई शामिल होगा।

26 वर्षीय ब्रेयोना टेलर एक अश्वेत महिला थी जिसे मार्च महीने में उसके अपार्टमेंट में पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जो ड्रग छापेमारी के दौरान जबरन घर में घुस गई थी। पुलिस ने स्वीकार किया कि उसके पुलिस एक संदिग्ध को लेकर ग़लत घर में प्रवेश कर गए जो वहां नहीं रहता था और वहां कोई ड्रग्स नहीं मिला था। तब से लुइसविले के लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

इसमें शामिल तीन अधिकारियों पर अभी तक कोई भी मुकदमा नहीं किया गया है, यहां तक कि लुइसविले के अटॉर्नी जनरल दो महीने से इस मामले की जांच कर रहे हैं। मंगलवार को शहर के दर्जनों लोगों ने अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें मांग की गई थी कि इसमें शामिल अधिकारियों पर मुकदमा किया जाए। यहां से 87 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया।

USA
Breona Taylor case
Breona Taylor
Police brutality
International news

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात


बाकी खबरें

  • CM YOGI
    श्याम मीरा सिंह
    मथुरा में डेंगू से मरती जनता, और बांसुरी बजाते योगी!
    04 Sep 2021
    मथुरा के हर गांव की हालत ऐसी है कि प्रत्येक गांव में डेंगू के मरीज निकल आएंगे, मथुरा के फरह ब्लॉक में स्थित कोह गांव में अभी तक 11 लोगों ने डेंगू और वायरल फीवर से अपनी जान गंवा दी। इसी तरह गोवर्धन…
  • गुजरात के एक जिले में गन्ना मज़दूर कर्ज़ के भंवर में बुरी तरह फंसे
    दमयन्ती धर
    गुजरात के एक जिले में गन्ना मज़दूर कर्ज़ के भंवर में बुरी तरह फंसे
    04 Sep 2021
    डांग जिले के गन्ना कटाई के काम से जुड़े श्रमिकों को न तो मिल-मालिकों द्वारा ही श्रमिकों के तौर पर मान्यता प्रदान की गई है और न ही उन्हें खेतिहर मजदूर के बतौर मान्यता दी गई है।
  • क्या अफ़गानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता देना भारत के हित में है? 
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या अफ़गानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता देना भारत के हित में है? 
    04 Sep 2021
    इस बात की संभावना जताई जा रही है कि तालिबान के नेतृत्व में बनने वाली सरकार एक समावेशी गठबंधन की सरकार होगी। अब तक की मिली रिपोर्टों के अनुसार इस संबंध में शुक्रवार को काबुल में घोषणा होने की उम्मीद…
  • दिल्ली दंगे: गिरफ़्तारी से लेकर जांच तक दिल्ली पुलिस लगातार कठघरे में
    मुकुंद झा
    दिल्ली दंगे: गिरफ़्तारी से लेकर जांच तक दिल्ली पुलिस लगातार कठघरे में
    04 Sep 2021
    यह कोई पहली बार नहीं है जब पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
  • किसान महापंचायत के लिए एकजुटता। 5 सितंबर की महापंचायत के लिए किसान-मज़दूर पिछले काफी दिनों से लगातार छोटी-छोटी पंचायतें कर रहे हैं। मुज़फ़्फ़रनगर के सरनावली गांव में 23 अगस्त को हुई पंचायत का दृश्य। 
    लाल बहादुर सिंह
    मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत : जनउभार और राजनैतिक हस्तक्षेप की दिशा में किसान आंदोलन की लम्बी छलांग
    04 Sep 2021
    किसान आंदोलन देश में नीतिगत बदलाव की लड़ाई के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय संस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License