NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
समाज
भारत
अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ 1 दिसंबर को माकपा का देशव्यापी प्रदर्शन
अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ माकपा 1 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपने सभी इकाइयों से अल्पसंख्यकों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमलों के विरोध के दिन के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Nov 2021
अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ 1 दिसंबर को माकपा का देशव्यापी प्रदर्शन

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संघ परिवार से जुड़े संगठनों द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों (ईसाई और मुस्लिम) के खिलाफ बढ़ते हमलों पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के आंतरिक दस्तावेजों के हालिया खुलासे में यह भी सामने आया है कि बीजेपी के नेताओं ने कैसे कई मामलों में हिंसा को भड़काने के लिए सांप्रदायिक संदेशों को बढ़ावा दिया है। पीड़ितों की रक्षा करने के बजाय इस तरह की सांप्रदायिक गतिविधियों के अपराधियों को न केवल कानून से छूट मिलती है बल्कि कई बीजेपी शासित राज्यों में प्रशासन पीड़ितों और उनका सहयोग करने वालों को गिरफ्तार कर झूठे मामलों में फंसा देता है और उन पर सख्त धाराएं लगाता है।

मानवाधिकार समूहों की हालिया रिपोर्टों ने 2021 में पहले नौ महीनों के भीतर ईसाई समुदायों और उनके धार्मिक पूजा स्थलों पर 300 हमले दर्ज किए हैं। पीड़ितों में से कई आदिवासी और दलित समुदायों से हैं। प्रार्थना सभाओं को लगातार रोका जा रहा है और धर्मांतरण रोकने के नाम पर पार्टिसिपेंट्स को पीटा जा रहा है।

मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लोगों को निशाना बनाया जाता है और उनके खिलाफ 'गोरक्षा' और 'लव जिहाद' के नाम पर लिंचिंग, पुलिस हत्याएं, झूठी गिरफ्तारी और भीड़ द्वारा हिंसा के मामले जारी हैं। सबसे ताजा उदाहरण त्रिपुरा का है जहां वीएचपी के गुंडों ने अल्पसंख्यक समुदायों पर हमला किया साथ ही मस्जिदों में तोड़फोड़ की। इन हमलों की रिपोर्ट करने वालों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक अन्य मामला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुड़गांव का है जहां नमाज पढ़ने के अधिकार से वंचित गया। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मुस्लिम रेहड़ी-पटरी वालों को धमकी दी गई है और उन्हें काम धंधा करने से रोक दिया गया है। असम में, दशकों से खेती करने वाले गरीब किसान परिवारों को केवल इसलिए बेरहमी से बेदखल किया गया क्योंकि वे मुस्लिम समुदाय के थें। उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के खिलाफ एनएसए का इस्तेमाल आम बात हो गई है।

अल्पसंख्यकों पर ये हमले भारत के संविधान पर हमला हैं। माकपा अपनी सभी इकाइयों से 1 दिसंबर को अल्पसंख्यकों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमलों के विरोध के दिन के रूप में मनाने का आह्वान किया है।

CPIM
All India
Protest
minorities
Muslim
christians
Tripura
Attack
mosques
Churches

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है


बाकी खबरें

  • प्रेम कुमार
    यूपी विधानसभा चुनाव : लाभार्थी वर्ग पर भारी आहत वर्ग
    08 Mar 2022
    लाभार्थी वर्ग और आहत वर्ग ने यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया है। इसमें कोई संदेह नहीं है। मगर, सवाल यह है कि क्या इन दोनों वर्गों के मतदाताओं ने वोट करते समय जाति, धर्म और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं…
  •  Election commission
    अनिल जैन
    जनादेश-2022:  इस बार कहीं नहीं दिखा चुनाव आयोग, लगा कि सरकार ही करा रही है चुनाव!
    08 Mar 2022
    आमतौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता कभी संदेह से परे नहीं रही। उस पर पक्षपात के छिट-पुट के आरोप लगते ही रहे हैं। लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों से हालत यह हो गई है कि जो भी नया मुख्य चुनाव आयुक्त आता है, वह…
  • dalit
    ओंकार सिंह
    यूपी चुनाव में दलित-पिछड़ों की ‘घर वापसी’, क्या भाजपा को देगी झटका?
    08 Mar 2022
    पिछड़ों के साथ दलितों को भी आश्चर्यजनक ढंग से अपने खेमे में लाने वाली भाजपा, महंगाई के मोर्चे पर उन्हें लंबे समय तक अपने साथ नहीं रख सकती। 
  • EXIT POLL
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 राज्यों की जंग: ज़मीनी हक़ीक़त, रिपोर्टर्स का EXIT POLL
    08 Mar 2022
    देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर ने अपना फ़ैसला सुना दिया है। जनादेश ईवीएम में बंद हो चुका है। लेकिन उससे पहले ही एग्ज़िट पोल के बक्से खुल चुके हैं। लेकिन हम न…
  • सोनम कुमारी
    भाजपा ने अपने साम्प्रदायिक एजेंडे के लिए भी किया महिलाओं का इस्तेमाल
    08 Mar 2022
    वर्ष 2019 में जब पूरे देश में CAA कानून का विरोध हो रहा था और मुस्लिम महिलाएँ सड़कों पर नागरिकता पर उठे सवालों का प्रतिरोध कर रही थी,  तब बीजेपी के कई नेताओं ने उन्हें “रेप” की धमकी दी और शाहीन बाग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License