NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
माकपा ने एससी-एसटी के लिए मनरेगा मज़दूरी पर परामर्श को लेकर उठाए सवाल
"यहां मुख्य मुद्दा नरेगा के तहत काम की कमी है। अप्रैल-मई में काम के औसत दिन पिछले साल से 20 दिन प्रति घर कम हुए हैं। महामारी की दूसरी लहर ने नौकरी के अवसरों को खत्म कर दिया है और नरेगा के तहत काम का प्रावधान व्यापक भूख और व्यापक नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Jun 2021
मनरेगा
फाइल फोटो

नयी दिल्ली: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर केंद्र की ओर से राज्यों को भेजे गए उस परामर्श के पीछे की मंशा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जिसमें कहा गया है कि मनरेगा के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य के लिए मजदूरी के भुगतान को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाए।

उन्होंने पत्र में कहा कि यह परामर्श राज्यों को यह अधिकार देता है कि कानून के क्रियान्वयन के हर पहलू का सामाजिक वर्गीकरण किया जाए।

माकपा नेता के अनुसार, इस परामर्श में नौकरशाही से जुड़े इस कदम का कोई कारण नहीं बताया गया है।

वृंदा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इस कदम का एससी-एसटी समुदाय के लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और वे अलग-अलग लेखा-जोखा और बैंकिंग प्रक्रिया के ‘शिकार’ हो जाएंगे।

उन्होंने सवाल भी उठाया है कि आजतक किसी भी साल सरकार ने मज़दूरों को 150 दिनों का काम मुहैया नहीं करवाया है। उनके मुताबिक़ मुख्य समस्या यह है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।  

उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार इसकी जरूरत क्यों पड़ी? इस परामर्श में कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। बहरहाल, परामर्श में एक वाक्य है जिसमें कहा गया है कि सभी संबंधित पक्ष समयबद्ध तरीके से कदम उठाना सुनिश्चित कर सकते हैं ताकि उसी के मुताबिक धन जारी किया जा सके। इससे संदेह पैदा होता है।’’

माकपा नेता ने कहा कि मनरेगा एक सार्वभौमिक कार्यक्रम है और इसके लिए समग्र रूप से बजट का आवंटन किया जाता है।

वृंदा के मुताबिक मुख्य समस्या काम की अनुपलब्धता है उन्होंने अपने पत्र के अंत में लिखा है कि "यहां मुख्य मुद्दा नरेगा के तहत काम की कमी है। अप्रैल-मई में काम के औसत दिन पिछले साल से 20 दिन प्रति घर कम हुए हैं। महामारी की दूसरी लहर ने नौकरी के अवसरों को खत्म कर दिया है और नरेगा के तहत काम का प्रावधान व्यापक भूख और व्यापक नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक है।"

पूरा पत्र माकपा के वेबसाइट पर मौजूद है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

CPIM
SC/ST
MGNREGA
MGNREGA Wages
Brinda Karat

Related Stories

अमित शाह का शाही दौरा और आदिवासी मुद्दे

केवल आर्थिक अधिकारों की लड़ाई से दलित समुदाय का उत्थान नहीं होगा : रामचंद्र डोम

बिहारः भूमिहीनों को ज़मीन देने का मुद्दा सदन में उठा 

अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा

UP Elections: जनता के मुद्दे भाजपा के एजेंडे से गायब: सुभाषिनी अली

केंद्रीय बजट में दलित-आदिवासी के लिए प्रत्यक्ष लाभ कम, दिखावा अधिक

यूपी : सत्ता में आरक्षित सीटों का इतिहास और नतीजों का खेल

एमपी में एससी/एसटी के ख़िलाफ़ अत्याचार के 37,000 से अधिक मामले लंबित, दोष-सिद्धि की दर केवल 36 फ़ीसदी

दलित लड़कियों-महिलाओं के लिए सुरक्षा और इंसाफ़ की पुकार

कैसे ख़त्म हो दलितों पर अत्याचार का अंतहीन सिलसिला


बाकी खबरें

  • भाषा
    हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित
    28 Mar 2022
    हरियाणा में सोमवार को रोडवेज कर्मी देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। केंद्र की कथित गलत नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License