NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: पर्यावरण को दांव पर लगाकर पर्यावरणविद् का सम्मान!
पर्यावरण को बचाना ही पर्यावरण का सच्चा सम्मान है। पर्यावरण को लेकर देश-दुनिया में चिंता है, ऐसे में पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा को पद्मश्री से सम्मानित किया जाना अच्छा कदम है, लेकिन इससे भी अच्छा होता कि सरकार विकास के नाम पर जल-जंगल-ज़मीन के अंधाधुंध दोहन को रोकती। चाहे वो उत्तराखंड की ऑल वेदर रोड हो जिसके लिए पहाड़ों को बेतरतीब काटा जा रहा है, चाहे अन्य विकास योजनाओं या स्मार्ट सिटी के नाम पर जगह-जगह काटे जा रहे हरे-भरे जंगल हों। अगर विकास के नाम पर हो रहे इस विनाश पर कुछ रोक लगे तो इस पुरस्कार और सम्मान की सार्थकता होगी।
आज का कार्टून
09 Nov 2021
cartoon

कर्नाटक की पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा को 30,000 से अधिक पौधे लगाने और पिछले छह दशकों से पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में शामिल रहने के लिये पद्मश्री से सम्मानित किया गया। ख़बरों के मुताबिक जब वह सम्मान लेने के लिए पहुंची तो उनके बदन पर पारंपरिक धोती थी और पैरों के नीचे चप्पल तक नहीं थी। पीएम मोदी और अमित शाह से उनका सामना हुआ तो दोनों नेताओं ने उन्हें नमस्कार किया। पद्मश्री तुलसी गौड़ा की सादगी भरी तस्वीर को सोशल मीडिया पर भी खूब पसंद किया गया। उनकी मेहनत और समर्पण की चर्चाएं होने लगीं।

पर्यावरण को लेकर देश-दुनिया में चिंता है, ऐसे में पर्यावरणविद् तुलसी गौड़ा को पद्मश्री से सम्मानित किया जाना अच्छा कदम है, लेकिन इससे भी अच्छा होता कि सरकार विकास के नाम पर जल-जंगल-ज़मीन के अंधाधुंध दोहन को रोकती। चाहे वो उत्तराखंड की ऑल वेदर रोड हो जिसके लिए पहाड़ों को बेतरतीब काटा जा रहा है, चाहे अन्य विकास योजनाओं या स्मार्ट सिटी के नाम पर जगह-जगह काटे जा रहे हरे-भरे जंगल हों। अगर विकास के नाम पर हो रहे इस विनाश पर कुछ रोक लगे तो इस पुरस्कार और सम्मान की सार्थकता होगी।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
Save environment
Padma Shri
Padma Shri to Tulsi Gowda

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

'विनाशकारी विकास' के ख़िलाफ़ खड़ा हो रहा है देहरादून, पेड़ों के बचाने के लिए सड़क पर उतरे लोग

स्पेशल रिपोर्ट: बनारस की गंगा में 'रेत की नहर' और 'बालू का टीला'

कोकण के वेलास तट पर दुर्लभ ऑलिव रिडले समुद्री कछुओं को मिला जीवनदान, संवर्धन का सामुदायिक मॉडल तैयार

जब 10 हज़ार पेड़ कट रहे होंगे, चिड़ियों के घोंसले, हाथियों के कॉरिडोर टूट रहे होंगे, आप ख़ामोश रहेंगे?


बाकी खबरें

  • Russia Ukraine war
    अजय कुमार
    बेहतर भविष्य का रास्ता युद्ध से होकर नहीं जाता है
    03 Mar 2022
    चाहे जितने भी जायज तर्क हों, लेकिन वह युद्ध को जायज नहीं बता सकते। युद्ध वर्तमान को तो बर्बाद करता ही है, साथ में भूत और भविष्य सबको तबाह कर देता है।
  • up elections
    विजय विनीत
    यूपी का रणः उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबलियों का वर्चस्व, बढ़ गए दागी उम्मीदवार
    03 Mar 2022
    पूर्वांचल के बनारस, चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, भदोही, जौनपुर, सोनभद्र की सियासत तो बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। उत्तर प्रदेश  इलेक्शन  वॉच  एसोसिएशन फ़ॉर रिफॉर्म का ताजातरीन…
  • एम. के. भद्रकुमार
    क्यों रूस का ऑपरेशन डोंबास और काला सागर क्षेत्र पर केंद्रित है?
    03 Mar 2022
    पुतिन को डोंबास और काला सागर क्षेत्र में तैनात नव-नाजीवादी हथियारबंद गिरोहों की तरह बर्ताव करने वाली नागरिक सेना से भी बदला लेना है, जिसने इस क्षेत्र में रूसी समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ बहुत अत्याचार…
  • राज वाल्मीकि
    सीवर और सेप्टिक टैंक मौत के कुएं क्यों हुए?
    03 Mar 2022
    कब तक बना रहेगा प्रशासन इन मौतों का मूक दर्शक?
  • cartoon
    आज का कार्टून
    सरकार का फरमान: सभी छात्र बम और बारूद के बीच चलकर खुद रोमानिया और हंगरी की सीमा पर आ जाएं!
    03 Mar 2022
    खारकीव में मौजूद छात्रों से कहा गया है कि वे शाम छह बजे से पहले निकल जाएं। 15 किमी दूर एक स्थान पर पहुंच जाएं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License