NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
मोदी सरकार ने पूरे किए अपने वादे, बेरोज़गारी के आंकड़ों में दिखता विकास!
छात्र और अध्यापक आज ऑनलाइन आंदोलन चला रहे हैं जिसमें वो सरकार से युवाओं को रोज़गार देने की मांग रहे हैं।  लेकिन प्रधानमंत्री लगातार बेरोजगारी के सवाल से खुद को ऐसे दूर कर रहे हैं जैसे यह भी कोई संवैधानिक मूल या कर्तव्य हो।  
आज का कार्टून
25 Feb 2021
cartoon click

2014 में  दो करोड़ रोज़गार देने का वादा करके आने वाली सरकार अब रोजगार के सवाल पर बात भी नहीं करना चाहती है।  एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक प्रत्येक एक घंटे में देश का एक नागरिक बेरोजगारी व गरीबी के कारण आत्महत्या कर लेता है।  भाजपा सरकार नव युवकों के लिए नई भर्तियां नहीं निकाल रहे हैं। बल्कि जो भर्ती खोली भी गईं उनको पूरा करने में सालों साल का समय लग रहा है। आप को हैरानी होगी इस तथ्य को जानकर कि एसएससी सीजीएल-2018 की परीक्षा का नोटिफिकेशन 5 मई, 2018 को जारी किया गया था और फाइनल प्रोसेस आज 2021 की वर्तमान तारीख तक पूरा नहीं हो पाया है। सीजीएल 2019 के 2 ही चरण हो पाए हैं। क्या इसी डिजिटल इंडिया की बात हमारे देश के महानुभाव करते हैं जहाँ एक प्रतियोगी परीक्षा को 3 साल का अंडर ग्रेजुएट कोर्स बना दिया जाता है? एसएससी सीजीएल की वेकैंसी 2012 में 16119 थी, जो 2020 में घटकर 6,506 रह जाती हैं, यानि लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट।

इन्हीं लचर व्यवस्थाओं की त्रासदी झेल रहे छात्र और अध्यापकों ने आज 25 फरवरी को ऑनलाइन आंदोलन चलाया हुआ है, जिस के तहत वो सरकार से युवाओं को रोज़गार देने की मांग कर रहे हैं। 

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
twitter trends
Online protest
teachers protest
Student Protests
Social Media

Related Stories

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अचानक सिलेबस बदले जाने से नाराज़

बिहार : शिक्षा मंत्री के कोरे आश्वासनों से उकताए चयनित शिक्षक अभ्यर्थी फिर उतरे राजधानी की सड़कों पर  

'अच्छे दिन’ नहीं चाहिए, बस ये बता दो कब होगी रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा?

किसान आंदोलन का एक साल: ...अब MSP का पहाड़ तोड़ना बाक़ी है

त्वरित टिप्पणी: विशुद्ध चुनावी है मोदी जी का यू-टर्न, लेकिन किसानों की जंग अभी जारी है


बाकी खबरें

  • bose
    प्रबीर पुरकायस्थ
    मोदी सरकार और नेताजी को होलोग्राम में बदलना
    28 Jan 2022
    बोस की सच्ची विरासत को उनकी होलोग्राफिक छवि के साथ खत्म कर देना : बिना किसी सार और तत्व के प्रकाश तथा परछाइयों का खेल। यह लगातार मोदी सरकार की वास्तविक विरासत बनती जा रही है!
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License