NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
छत्तीसगढ़ : आंदोलन के लिए अन्न दान मांगेंगी किसान सभा
छेरछेरा पर्व खरीफ की नई फसल के खलिहान से कटाई के बाद घर पहुँचने पर मनाया जाता है और इस दिन दान करने का रिवाज है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jan 2021
छत्तीसगढ़ : आंदोलन के लिए अन्न दान मांगेंगी किसान सभा

किसान विरोधी तीन काले क़ानूनों के जरिए खेती-किसानी पर देशी-विदेशी कॉरपोरेटों का अधिपत्य स्थापित करने की साजिश के खिलाफ चल रहे देशव्यापी किसान आंदोलन को मदद करने के लिए 13-14 जनवरी को छत्तीसगढ़ किसान सभा पूरे प्रदेश में छेरछेरा मांगेगी और धन-धान्य एकत्रित करेगी। यह अभियान पूरे महीने चलाया जाएगा।

छेरछेरा पौष पूर्णिमा को मनाया जाने वाला एक लोकपर्व है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है। यह पर्व खरीफ की नई फसल के खलिहान से कटाई के बाद घर पहुँचने पर मनाया जाता है और इस दिन दान करने का रिवाज है। इस दौरान गाँव के युवक घर-घर जा कर अन्न दान मांगते हैं।

किसान सभा राज्य समिति के अध्यक्ष संजय पराते ने समिति के फ़ैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति तथा संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय किया है कि 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में देश जागृति अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान “गांव-गांव में संकल्प सभाएं की जाएगी तथा ग्रामीण जनों को कृषि विरोधी कानूनों के वास्तविक मकसद से परिचित कराया जाएगा। इसके साथ ही कृषि विरोधी कानूनों की प्रतियां और मोदी-अडानी-अंबानी के पुतले जलाए जाएंगे।”

दोनों संगठनों ने अडानी और अंबानी के उत्पादों और सेवाओं का बहिष्कार करने का आह्वान भी किया है। किसान सभा ने अपनी बैठक में निर्णय लिया है कि अन्य संगठनों के साथ मिलकर वे 26 जनवरी को ब्लॉक और जिला स्तर पर गणतंत्र परेड भी आयोजित करेगी

बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा के वित्त सचिव पी कृष्णप्रसाद और संयुक्त सचिव बादल सरोज भी शामिल ते। दोनों नेताओं ने देशव्यापी किसान आंदोलन को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे बड़ा संघर्ष बताते हुए कहा कि इस आंदोलन को कमजोर करने और इसमें फूट डालने वाली मोदी सरकार की सभी साजिशें विफल हुई हैं और इन काले कानूनों की वापसी के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए देश के सभी मेहनतकश संकल्पबद्ध हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ये काले कानून खेती-किसानी और देश के किसानों के लिए मौत का फरमान है, इसलिए इनकी वापसी से कम कुछ भी किसानों को मंजूर नहीं है और इन कानूनों में संशोधनों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

कल, 7 जनवरी को कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाने और अपना दमखम दिखाने के लिए ट्रैक्टर मार्च निकाला जिसमें हजारों किसानों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हान्नान मुल्ला ने मार्च को ग़ाज़ीपुर बॉर्डर से हरी झंडी दिखाई, जो राष्ट्रीय राजमार्ग 24 के जरिए कुंडली-मानेसर पहुँचा।

Chattisgarh
kisan sabha
farmers protest
All India Kisan Sabha
Food Donations
Farm bills 2020

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • भाषा
    हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित
    28 Mar 2022
    हरियाणा में सोमवार को रोडवेज कर्मी देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। केंद्र की कथित गलत नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License