NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वॉरियर मेट में कोयला कर्मचारियों की हड़ताल को 2 महीने पूरे हुए
वॉरियर मेट कोल द्वारा सामना किए जाने वाले विरोध और कठिनाइयों के बावजूद अलबामा के सबसे बड़े मेटालर्जिकल कोल प्रोड्यूसर में लगभग 1,100 कर्मचारियों ने उचित अनुबंध के लिए अपनी हड़ताल जारी रखी है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jun 2021
वॉरियर मेट में कोयला कर्मचारियों की हड़ताल को 2 महीने पूरे हुए

अलबामा के ब्रुकवुड के वॉरियर मेट कोल प्लांट में दो महीने की हड़ताल होने के बाद भी कर्मचारी स्थल छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मौजूदा अनुबंध समाप्त होने के दिन यानी 1 अप्रैल से 1,100 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

इस हड़ताल का आयोजन यूनाइटेड माइन वर्कर्स एसोसिएशन (यूएमडब्ल्यूए) की स्थानीय शाखा द्वारा किया गया है। यह वर्तमान में अमेरिका में सबसे लंबे समय तक चलने वाले वॉक-आउट में से एक है।

इस हड़ताल के बाद भी बातचीत जारी है लेकिन वॉरियर मेट ने COVID-19 महामारी के दौरान हुए नुकसान और बाजार की अनिश्चितता का हवाला देते हुए कर्मचारियों द्वारा रखी गई किसी भी मांग को स्वीकार करने से लगातार इनकार कर दिया है।

लेकिन यूनियन का कहना है कि कंपनी ने वाल्टर एनर्जी के स्वामित्व में 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की रिपोर्ट करने के बाद 2016 में दिवालिएपन के लिए दायर किए जाने के बाद से कर्मचारियों ने कंपनी को ऋणमुक्त करने के लिए बलिदान दिया है। कंपनी को बाद में कोल एक्विजिशन एलएलसी को बेच दिया गया जो आगे चलकर वॉरियर मेट कोल बन गई। इसके बाद उसी वर्ष यूनियन के साथ पुन: बातचीत के अनुबंध के बाद यह किया गया।

यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा किए गए बलिदान के बावजूद कंपनी के शेयरधारकों ने मुनाफा कमाना जारी रखा जबकि प्रबंधन और अधिकारियों को भारी बोनस प्राप्त हुआ।

दिवालिएपन के नाम पर कंपनी के नए मालिकों द्वारा लागू किए गए नियमों में वेतन में 6 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे की कटौती, पेड सिक लीव्स का नुकसान, एक साल में तीन दिनों को छोड़कर छुट्टियों का नुकसान, हेल्थ केयर की खर्च में वृद्धि, ओवरटाइम के भुगतान के लिए 40 घंटे या उससे अधिक के काम की आवश्यकता, विभिन्न नौकरी वर्गों के बीच बढ़ी हुई वेतन की अधिक असमानता, भुगतान किए गए लंच में कमी, रविवार को जबरन काम करना, काम की अधिक आउटसोर्सिंग और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा मानदंडों में ढील शामिल हैं।

कर्मचारियों ने अनुशासनात्मक नियमों के रूप में छंटनी सहित कर्मचारी-विरोधी क्रूर नियमों की भी शिकायत की है। कर्मचारी इन सभी नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं साथ ही इस अवधि के दौरान उनके द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई के लिए वेतन और लाभों में पर्याप्त वृद्धि की मांग की है।

वॉरियर मेट वर्तमान में अमेरिका में मेटालर्जिकल कोल के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है जिसका उपयोग उत्तरी अमेरिका और यूरोप में स्टील का उत्पादन करने के लिए किया जाता है।

Alabama
Warrior Mate
Coal workers' strike
COVID-19

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 


बाकी खबरें

  • सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 
    28 Apr 2022
    उत्तराखंड राज्य में विद्यालयों की स्थिति के आंकड़े दिखाते हैं कि सरकारी स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते विद्यार्थियों का नामांकन कम हो रहा है, और अंत में कम नामांकन के चलते स्कूल बंद…
  • प्रेम कुमार
    ‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!
    28 Apr 2022
    अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाए जाते हैं तो कीमत में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो जाएगी। जनता केंद्र और राज्यों के दोहरे कराधान से भी बच जाएगी। जनता की भलाई के लिए बीजेपी की सरकार…
  • वी. श्रीधर
    एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला
    28 Apr 2022
    एलआईसी को लिस्टेड करने की इस बेबुनियाद हड़बड़ी में दिग्गज "निवेशकों" के पैसे बनाने की सनक को बढ़ावा देते हुए लोगों के हितों की भयानक अनदेखी नज़र आती है। आईपीओ की क़ीमत से यह संकेत मिलता है कि यह शायद…
  • सुभाष गाताडे
    दलित जननेता जिग्नेश को क्यों प्रताड़ित कर रही है भाजपा? 
    28 Apr 2022
    ‘क्या अपने राजनीतिक आकाओं के फायदे के लिए एक जननेता को प्रताड़ित और आतंकित किया जा रहा है’?
  • अनीस ज़रगर
    कश्मीर में एक आर्मी-संचालित स्कूल की ओर से कर्मचारियों को हिजाब न पहनने के निर्देश
    28 Apr 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने भाजपा पर महिलाओं की आजादी पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License