NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
राजनीति
‘तांडव’ से कुछ दृश्य हटाये गए, पर वेब सीरीज़ का संकट गहराया
विवादास्पद वेब सीरीज़ ‘तांडव’ से दो दृश्य हटा लिये गए हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इसके निर्माताओं और कलाकारों के ख़िलाफ़ नई प्राथमिकी दर्ज होने के साथ बुधवार को यह वेब सीरीज़ और अधिक संकट में घिर गई।
भाषा
21 Jan 2021
तांडव

विवादास्पद वेब सीरीज़ ‘तांडव’ से दो दृश्य हटा लिये गए हैं। इस बीच बंबई उच्च न्यायालय ने ‘तांडव’ के निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र, अमेज़न प्राइम इंडिया की प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु मेहरा और सीरीज़ के लेखक गौरव सोलंकी को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी। उन्हें चार हफ्तों के लिए यह राहत दी गई है ताकि वे लखनऊ स्थित एक संबद्ध अदालत का रुख कर सकें। सीरीज में धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर लखनऊ में उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि पर आधारित सीरीज़ की प्रथम कड़ी ‘तानाशाह’ से दो दृश्य हटा दिये गए हैं, जिनमें मुख्य किरदारों के बीच बातचीत का एक दृश्य भी शामिल है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही अमेजन प्राइम वीडियो की इस सीरीज के निर्माताओं एवं कलाकारों ने एक बार फिर से माफी मांगी थी और कहा था कि उन्होंने इस संबंध में प्रकट की गई चिंताओं को दूर करने के लिए कुछ बदलाव करने का फैसला किया है।

इस सीरीज को लेकर विवाद के केंद्र में वह दृश्य है, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। मुख्य रूप से इस दृश्य को लेकर इस सीरीज का बहिष्कार करने की अपील की जा रही है, प्राथमिकी दर्ज हुई है और विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस दृश्य में मंच पर भगवान शिव का किरदार निभा रहे ज़ीशान अयूब और नारद मुनि का किरदार निभा रहे कलाकार के बीच एक संवाद को लेकर आपत्ति जताई गई थी।

यह दृश्य हटा दिया गया है। अब ज़ीशान दर्शकों की तालियों के बीच भगवान शिव के वेश में मंच पर आते दिख रहे हैं और इस बीच, (कॉलेज) परिसर में एक छात्र को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को घुसते हुए दिखाया जा रहा है।

साथ ही, सीरीज में ‘प्रधानमंत्री’ देवकी नंदन सिंह के संवाद में दलित नेता कैलाश कुमार का अपमान करने वाले दृश्य को भी हटा दिया गया है। इसमें सिंह का किरदार तिगमांशु धूलिया, जबकि कुमार का किरदार अनूप सोनी निभा रहे हैं। इसके अलावा, और भी कुछ बदलाव किये गये हैं। जाति पर एक संवाद को भी काट कर छोटा कर दिया गया है, जो सोनी के किरदार और संध्या की भूमिका निभा रही संध्या मृदुल के बीच है।

हालांकि, इसके बावजूद भी सीरीज पर संकट गहराता जा रहा है।

इस सीरीज का निर्देशन अली अब्बास ज़फ़र ने किया है। इसमें बॉलीवुड अभिनेता सैफ़ अली खान, डिंपल कपाड़िया और मोहम्मद ज़ीशान अयूब ने अभिनय किया है।

'तांडव' पर शिकायतें

मुंबई पुलिस ने शहर में भाजपा के एक विधायक द्वारा दर्ज कराई शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि घाटकोपर पुलिस ने अमेजन प्राइम वीडियो की ‘तांडव’ में काम करने वाले सैफ अली खान, मोहम्मद जीशान अयूब समेत कलाकारों, उसके निर्देशक अली अब्बास जफर, निर्माता हिमांशु मेहरा, लेखक गौरव सोलंकी, अमेजन इंडिया के प्रमुख अमित अग्रवाल और अपर्णा पुरोहित के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘भाजपा के घाटकोपर से विधायक राम कदम ने वेब श्रृंखला के खिलाफ एक लिखित शिकायत दी थी और आरोप लगाया था कि इसने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने बीकेसी तक अमेजन वेब प्रमुख कार्यालय तक एक मोर्चा भी निकाला था।’’ इससे पहले दिन में, महाराष्ट्र राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य पुलिस को ‘तांडव’ के बारे में एक शिकायत मिली है।

देशमुख ने यहां पत्रकारों से बातचीत में मांग की कि केन्द्र सरकार को ओवर द टॉप (ओटीटी) मंचों पर सामग्री को विनियमित करने के लिए एक कानून लाना चाहिए।

देशमुख ने कहा, ‘‘हमें शिकायत मिली है। हम कानून के तहत औपचारिक कार्रवाई करेंगे ।’’ इसबीच, उत्तर प्रदेश पुलिस की चार सदस्यीय एक टीम बुधवार को मुंबई पहुंची। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई है।

टीम द्वारा वेब सीरीज के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के बयान दर्ज करने की संभावना है। उन पर हिंदू देवी-देवताओं के अपने चित्रण के जरिए धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप हैं।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के कर्मी सुबह मुंबई पहुंचे और वे मदद के लिए उपनगरीय अंधेरी में पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन -1) के कार्यालय गये।

उधर, मध्यप्रदेश पुलिस ने ‘‘तांडव’’ के निर्माताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । एक हिंदू संगठन के पदाधिकारी की शिकायत पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई।

जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमित कुमार ने बुधवार को बताया कि वेब सीरीज ‘‘तांडव’’ के निर्देशक और अन्य के खिलाफ समाज के विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को नाराज़ करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी। प्राथमिकी में दर्ज शिकायत की पुलिस जांच कर रही है।’’

इसी से जुड़े एक घटनाक्रम के तहत, मध्यप्रदेश विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर मुंबई में भाजपा के विधायक राम कदम की शिकायत पर तांडव के निर्माताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।

भाजपा नेता विजय गोयल और उनके समर्थकों ने राष्ट्रीय राजधानी में इस वेब सीरीज के खिलाफ नारेबाजी की।

उत्तर प्रदेश में सीरीज के खिलाफ लखनऊ, ग्रेटर नोएडा और शाहजांपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने सोमवार को कहा था कि ‘‘तांडव’’ के निर्माताओं को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

उन्होंने बताया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस के चार सदस्य मामले की विस्तृत जांच के लिए मुंबई रवाना हो गये हैं। इस मामले में हजरतगंज पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

सीरीज के कलाकारों और इसके निर्माण से जुड़े लोगों की ओर से सोमवार को एक बयान में ‘तांडव’ के निर्माताओं ने कहा था कि यदि अनजाने में किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं।

सीरीज की टीम ने कहा, ‘‘दृश्यों के बारे में जताई गई आपत्तियों को लेकर उनमें बदलाव करने का फैसला किया गया है।’’

निर्माताओं ने कहा, ‘‘लोगों की भावनाओं का वे काफी सम्मान करते हैं और उन का इरादा किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, नस्ल, धर्म आदि के आधार पर किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था।’’

सीरीज के खिलाफ मुख्य रूप से भाजपा नेताओं ने अपने विरोध के स्वर उठाये हैं, वहीं निर्देशक हंसल मेहता और अदाकारा स्वरा भास्कर को छोड़ कर सिने जगत की मुख्यधारा के शखिसयत लगभग चुप रहे हैं।

स्वरा ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘मैं एक हिंदू हूं और तांडव के किसी दृश्य से मैं आहत नहीं हुई हूं...तांडव सीरीज पर पाबंदी क्यों लगाया जाए? ’’

तांडव सीरीज पिछले शुक्रवार से अमेजन प्राइम वीडियो पर दर्शकों के लिए उपलब्ध कराई गई है।

Tandav
Web Series
Amazon Prime
bollywood
mumbai police
Religion Politics
BJP
RSS

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

फ़िल्म निर्माताओं की ज़िम्मेदारी इतिहास के प्रति है—द कश्मीर फ़ाइल्स पर जाने-माने निर्देशक श्याम बेनेगल

कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’

कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?

भाजपा सरकार के प्रचार का जरिया बना बॉलीवुड

कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया

हिटलर से प्रेरित है 'कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक

कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License