NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
पर्यावरण
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोविड-19 और वायु प्रदूषण: दो त्रासदियों के बीच 'हांफती' दिल्ली सरकार!
आज और अभी की परेशानी बस इतनी है कि कोरोना और जहरीली हवा से उतना डर नहीं लगता है जितना इस एहसास से लगता है कि इसके सामने दिल्ली की पूरी व्यवस्था असहाय नजर आ रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Nov 2020
कोविड-19 और वायु प्रदूषण
Image courtesy: Vox

देश की राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शुक्रवार सुबह दिल्ली में स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। आज यानी शुक्रवार को दिल्ली के आनंद विहार इलाके में वायु गुणवत्ता स्तर 422, आरके पुरम 407, द्वारका में 421 और बवाना में 430 है। मौसम विज्ञानियों ने कहा कि अगर हालात यह रहें तो आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में गैस चैंबर जैसी स्थिति हो जाएगी।

इतना ही नहीं दिल्ली में कोरोना का कहर एक बार फिर तेज हो गया है। शुक्रवार को दिल्ली में लगातार चौथे दिन कोरोना के छह हजार से ज्यादा नए केस सामने आए जिससे राजधानी में संक्रमण की दर बढ़कर करीब 13 फीसदी हो गई। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6,715 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में 66 मरीजों की मौत हो गई। 27 जून के बाद पहली बार एक दिन में इतनी मौत हुई है। यहां अब तक कुल 6769 लोगों की मौत कोरोना के चलते हो चुकी है।

गुरुवार को इसे लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी केजरीवाल सरकार की आलोचना की। दिल्ली हाई कोर्ट ने राजधानी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि दिल्ली जल्द ही देश की कोरोना राजधानी बन जाएगी। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार महामारी के मामले में पूरी तरह से 'गलत' रास्ते पर चली गई है। अदालत ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य को हल्के में ले रही है और इस मामले को अलग से देखा जाएगा।

गौरतलब है कि अदालत ने यह टिप्पणी उत्तरी दिल्ली नगर निगम के डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों, शिक्षकों, सेवानिवृत्त इंजीनियरों एवं अन्य कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं करने को लेकर दायर की गईं कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की।

वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हुई है। मुझे लगता है कि हम इसे महामारी की 'तीसरी लहर' कह सकते हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली इस समय कोविड-19 और बढ़ते वायु प्रदूषण का सामना कर रही है। दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह से बैन लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति बदतर होती जा रही है।’ बता दें कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण के मामलों को लेकर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर चुकी है।

अब इसे देखकर एक बात साफ कही जा सकती है कि इस बार दिल्ली में सिर्फ प्रदूषण ही नहीं बढ़ रहा, कोरोना संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे लेकर जानकार लंबे समय से चेतावनी भी दे रहे थे। कुछेक का दावा है कि वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है कि वायु प्रदूषण बढ़ने से कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो जाएगा, लेकिन दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और विशेषज्ञों ने इसकी आशंका पहले ही जाहिर की थी।

लेकिन हर बार की तरह इस बार भी सरकार वायु प्रदूषण से लड़ने में नाकाम साबित हो रही है। दुखद यह है कि किसी भी संकट के समय हमारी सरकार झोलाछाप डॉक्टरों की तरह मर्ज का इलाज करती नजर आती है।

जैसे कि अभी वायु प्रदूषण खतरनाक रूप ले चुका है, तब पटाखों की बिक्री पर पाबंदी लगाकर इसका समाधान खोजा जा रहा है। यह बात सबको पता है कि तमाम प्रयासों और कोर्ट के आदेश के बाद भी पराली यानी फसलों के अवशेष जलाने के सिलसिले को नहीं रोका जा सका। इसी प्रकार वायु प्रदूषण को बढ़ाने वाले अन्य कारणों, जैसे सड़कों एवं निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और ट्रैफिक जाम के चलते वाहनों के खतरनाक उत्सर्जन को नियंत्रित करने के भी कोई प्रभावी उपाय नहीं किए जा सके हैं।

दरअसल हर साल तमाम तरह की योजनाएं बनाई जाती हैं, हालांकि इसमें भी अनेक पुरानी योजनाएं ही दोहराई जाती हैं। उन सबका जो भी होता हो, लेकिन हर साल दिल्ली के लोगों को धुंध में जीना और जहरीली हवा में सांस लेना पड़ता है।

ऐसे में दुर्भाग्य यह है कि इस साल दिल्ली के रहने वाले एक साथ दो त्रासदियों का शिकार बनने के लिए अभिशप्त हैं। उससे भी बुरी बात यह है कि हमारी संस्थाओं, हमारी सरकारों, हमारे नागरिक समाज और शोध संस्थानों के पास इसका हल नहीं है।

फिलहाल आज और अभी की परेशानी बस इतनी है कि कोरोना और जहरीली हवा से उतना डर नहीं लगता है जितना इस एहसास से लगता है कि इसके सामने दिल्ली की पूरी व्यवस्था असहाय नजर आ रही है। दिल्ली की सरकार दो त्रासदियों कोविड-19 और वायु प्रदूषण के बीच 'हांफती' दिख रही है। 

Coronavirus
COVID-19
Corona in Delhi
Air Pollution
Delhi Air Pollution
AAP
Arvind Kejriwal
AAP government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Antony Blinken
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस को अमेरिकी जवाब देने में ब्लिंकन देरी कर रहे हैं
    21 Jan 2022
    रूस की सुरक्षा गारंटी देने की मांगों पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही अमेरिकी कूटनीति तेज हो गई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के क़रीब साढ़े तीन लाख नए मामले सामने आए
    21 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के साढ़े तीन लाख के क़रीब यानी 3,47,254 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.23 फ़ीसदी यानी 20 लाख 18 हज़ार 825 हो गयी है।
  • jute mill
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल : जूट मिल बंद होने से क़रीब एक लाख मज़दूर होंगे प्रभावित
    21 Jan 2022
    नौ प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हस्तक्षेप की मांग की है।
  • online education
    सतीश भारतीय
    ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न समस्याओं से जूझते विद्यार्थियों का बयान
    21 Jan 2022
    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट ज्ञात हो रहा है कि इस वक्त ऑनलाइन शिक्षा एक औपचारिकता के रूप में विद्यमान है। सरकार ने धरातलीय हकीकत जाने बगैर ऑनलाइन शिक्षा कोरोना…
  • Ukraine
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद
    20 Jan 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी पर किये ड्रोन हमले की असल कहानी पर प्रकाश डाला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License