NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध
‘रिजेक्ट एनईपी’ हैशटैग का इस्तेमाल कर शिक्षक और छात्र संगठनों ने ट्विटर पर शिक्षा नीति के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। इससे पहले 24 अगस्त को डूटा के आह्वान पर डीयू के शिक्षक और छात्रों ने उपकुलपति के कार्यालय का घेराव किया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Sep 2021
DU

नयी दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया।

‘रिजेक्ट एनईपी’ हैशटैग का इस्तेमाल कर शिक्षक और छात्र संगठनों ने ट्विटर पर शिक्षा नीति के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। इससे पहले 24 अगस्त को डूटा के आह्वान पर डीयू के शिक्षक और छात्रों ने उपकुलपति के कार्यालय का घेराव किया था।

उन्होंने मांग उठाई थी कि विश्वविद्यालय  में एनईपी लागू न किया जाए क्योंकि इससे शिक्षण प्रक्रिया प्रभावित होगी। महामारी ने ऑनलाइन शिक्षा के दुष्परिणामों को सामने ला दिया है और अब इस नई नीति से शिक्षा व्यवस्था को उसी की ओर धकेलने से छात्रों के भविष्य पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ये नीति केंद्र सरकार की एक क्रूर चाल है जिससे वो विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षण नौकरियों को छीनने का प्रयास कर रही है।

विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक चल रही है, जिसके एजेंडे में 2022-23 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करना है।

रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने कहा कि पिछले हफ्ते अकादमिक मामलों की स्थायी समिति और अकादमिक परिषद ने 2022-23 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति और चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को लागू करने की मंजूरी दे दी थी।

उन्हें कार्यकारी परिषद द्वारा अनुमोदित किए जाने की संभावना है, जो निर्णय लेने वाला विश्वविद्यालय का सर्वोच्च निकाय है।

डूटा के अध्यक्ष राजीब राय ने एक ट्वीट में कहा, “(एनईपी2020) का एजेंडा व्यवसायीकरण और निजीकरण करने का है और विदेशी विश्वविद्यालय राज्य द्वारा वित्तपोषित शिक्षा का स्थान लेंगे जिनमें कुलीन शिक्षण एन्क्लेव होंगे और सामाजिक न्याय और जाति आधारित आरक्षण के उपायों का कोई स्थान नहीं होगा। पाठ्यक्रमों, डिग्रियों को कमजोर करने एवं शिक्षकों के कार्यभार को कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।’’

इसी तरह छात्र संगठन एसएफआई ने ट्वीट किया और नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक कोर्स को चार साल का करने पर सवाल उठाए।  उन्होंने लिखा कि "चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम  में कई गड़बड़ियां हैं। यह सीखने की प्रक्रिया को खत्म कर देगा और डीयू  में छात्रों का एक बहुत बड़ा वर्ग निम्न आय वर्ग से आता है।  उनके लिए इन परिस्थतियों में शिक्षा को पूरा कर पाने का सपना मुश्किल हो जाएगा।  

आइसा ने भी ट्वीट कर  बताया कि नई शिक्षा नीति छात्र, शिक्षक और शिक्षा विरोधी हैं।  

डूटा की कोषाध्यक्ष आभा देव हबीब ने कहा कि उच्च शिक्षा का व्यवसायीकरण एवं निजीकरण नहीं होना चाहिए और “जन धन से पोषित उच्च शिक्षा को बर्बाद नहीं होने देना चाहिए। शिक्षा बचाएं, देश बचाएं।”

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Student Protests
teachers protest
new education policy
Delhi University
DUTA
Delhi University Teachers Association
SFI
Students Federation of India

Related Stories

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

नई शिक्षा नीति, सीयूसीईटी के ख़िलाफ़ छात्र-शिक्षकों ने खोला मोर्चा 

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    ओये किसान, तू तो बड़ा चीटिंगबाज़ निकला!
    27 Nov 2021
    कटाक्ष: बेचारे मोदी जी को साल भर, जी हां पूरे साल भर, इसके सब्ज़बाग़ दिखाए कि बस, तीन कानूनों की वापसी की ही बात है। तीन कानून बस। इधर कानून वापस हुए और उधर बार्डर खाली, लेकिन...
  •  Prayagraj murder and rape case
    सोनिया यादव
    यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!
    27 Nov 2021
    इस घटना के बाद एक बार विपक्ष खस्ता कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो वहीं सरकार इस मामले में फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। हालांकि राज्य में एक के बाद एक घटित हो रही ऐसी घटनाएं सरकार के '…
  • ncrt
    गौरी आनंद
    ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए NCERT वेबसाइट पर डाली गई शिक्षक प्रशिक्षण नियमावली को हटाया गया, LGBTQ+ समूहों ने किया विरोध
    27 Nov 2021
    700 से ज़्यादा लोगों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र को सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजा गया।
  • farming
    डॉ. ज्ञान सिंह
    किसानों की बदहाली दूर करने के लिए ढेर सारे जायज कदम उठाने होंगे! 
    27 Nov 2021
    केवल 3 कृषि कानूनों को वापस ले लेने से ही छोटे किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण कारीगरों की दुर्दशा में सुधार नहीं होने जा रहा है। भारी कर्ज और बेहद गरीबी में जी रहे किसानों की भलाई के लिए ढेर सारे…
  • poverty
    भरत डोगरा
    डेटा: ग़रीबी कम करने में नाकाम उच्च विकास दर
    27 Nov 2021
    सरकार को असमानता को कम करना चाहिए और जीडीपी विकास दर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करना चाहिए। ग़रीबों को कोने में धकेलते हुए उनकी क़ीमत पर, आय और पूंजी को चंद मुट्ठियों में जमा किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License