NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
स्वास्थ्य
भारत
कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
कोरोना काल में अपनी जान की बाज़ी लगा देने वाले डॉक्टरों को वेतन भुगतान में देरी को लेकर जूझना पड़ा है। यह सिलसिला अब भी जारी है। चेन्नई के डॉक्टरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला जिसकी वजह से उन्हें कार्य बहिष्कार करना पड़ा।
एम.ओबैद
12 Jan 2022
कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
साभारःआइई

तीन महीने से अधिक समय से स्टाइपेंड न मिलने के विरोध में मंगलवार को चेन्नई स्थित चेंगलपेट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल के करीब 250 डॉक्टरों ने कार्य का बहिष्कार किया।

अस्पताल में कोविड -19 वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और अधिकांश अन्य विभागों में तैनात सर्जन और पोस्ट ग्रेजुएट (नन-सर्विस) डॉक्टर ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे विरोध जारी रखेंगे।

प्रदर्शन करने वाले डॉक्टर लक्षमाणन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "करीब 30 डॉक्टर कोविड -19 पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें वेतन मिले बिना वे अपने खर्च को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अपने दोस्तों और परिवारों से वित्तीय मदद मांग रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि चूंकि संक्रमित डॉक्टर आईसोलेशन में थे इसलिए अन्य डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ गया और कई लोग पर्याप्त आराम किए बिना 48 घंटे की शिफ्ट में काम करते रहे।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चेंगलपट्टु अस्पताल में सभी प्रकार की वैकल्पिक सर्जरी करना जारी है। इसलिए, डॉक्टरों को चौबीसों घंटे उपलब्ध रहना पड़ता है।

डॉक्टरों ने कहा कि उनके द्वारा काम करने की व्यस्तता के बावजूद सरकार ने स्टाइपेन जारी करने को लेकर उनके आग्रह का कोई जवाब नहीं दिया।

इसलिए, उन्होंने लंबित वेतन को तत्काल जारी करने की मांग करते हुए मंगलवार को कार्य बहिष्कार करने को मजबूर हुए और डीएमई से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उन्हें भविष्य में समय पर वेतन मिले।

मेडिकल कॉलेज के डीन जे मुथुकुमारन ने कहा कि ये बिल मंगलवार को कोषागार के सामने पेश किया गया है और जल्द उनके बैंक खातों में पैसा भेज दिया जाएगा।

डॉक्टरों के विरोध के बावजूद मंगलवार को मरीजों का इलाज जारी रहा क्योंकि मरीजों को देखने के लिए पीजी, सहायक प्रोफेसर, प्रोफेसर और विभागों के प्रमुख उपलब्ध थे। अस्पताल में फिलहाल 50 से अधिक कोविड-19 मरीज हैं।

वेतन भुगतान में देरी को लेकर बिहार में डॉक्टरों की हड़ताल

देश भर में वेतन में देरी और उचित वेतन न मिलने को लेकर डॉक्टर निरंतर विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं।

पिछले महीने बिहार के जूनियर डॉक्टरों ने कोरोना प्रोत्साहन राशि के भुगतान न होने समेत अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान काम करने वाले इन डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया था। साथ ही वे मानदेय में वृद्धि को लेकर लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं। मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर पीएमसीएच समेत बिहार के सभी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने इस वर्ष अक्टूबर महीने में भी कार्य का बहिष्कार कर वृद्धि की मांग की थी। इंटर्न डॉक्टरों का कहना था कि आइजीआइएमएस समेत देश भर के अन्य मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों को 30-35 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते है जबकि हमलोगों को केवल 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिलता है। इन डॉक्टरों का कहना था कि सरकार ने पिछले चार वर्षों से मानदेय की समीक्षा नहीं की। उनका कहना था कि आइजीआइएमएस में डॉक्टरों की हड़ताल के बाद तत्काल उनके मानदेय वृद्धि की घोषणा कर दी गई थी। डॉक्टरों का कहना था कि वर्ष2013से इंटर्न डॉक्टरों को केवल 15 हजार रुपये मानदेय मिल रहा है।

ऐसे समय में जब कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में अस्पताल संक्रमण की तीसरी लहर का सामना कर रहा है वहीं हिंदू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने इस महीने 15 जनवरी तक वेतन व बकाया भुगतान न होने पर हड़ताल पर फिर से जाने की धमकी दी है।

दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल

उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी अस्पताल और बाड़ा हिंदू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को भी पिछले साल नवंबर महीने तक तीन महीने का वेतन नहीं दिया गया था जिसके चलते वे हड़ताल पर चले गए थे। आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने हड़ताल समाप्त कर दिया था। पिछले साल मार्च महीने में ही उत्तर दिल्ली नगर निगम के डिस्पेंसरी, पॉलिक्लीनिक और हिंदु राव अस्पताल के डॉक्टरों का तीन-चार महीने का वेतन बकाया था जिसके चलते उन्होंने हड़ताल करने का रास्ता अपनाया था। कोरोना की पहली लहर के दौरान भी इन डॉक्टरों के वेतन का भुगतान समय पर नहीं हुआ और कई महीने तक का वेतन बकाया था जिसके चलते उन्होंने अक्टूबर 2020 में हड़ताल की थी। बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर उन्होंने जंतर-मंतर पर धरना दिया था।

झारखंड में डॉक्टरों का बकाया वेतन

बकाया भुगतान में देरी के विरोध में पूरे झारखंड के छह मेडिकल कॉलेज के लगभग 800 जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में पिछले साल मार्च में ओपीडी का बहिष्कार कर दिया था।

नवंबर 2019 में झारखंड के के पांच मेडिकल कॉलेजों से जुड़े 150 से अधिक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने तीन महीनों के वेतन का भुगतान न होने ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार करने की घोषणा की थी।

मध्यप्रदेश के डॉक्टर रहे हड़ताल पर

कोरोना की पहल लहर के दौरान जून 2020 में लोगों के लिए अपनी जान लगा देने वाले मध्यप्रदेश स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के 67 मे़डिकल ऑफिसर ने तीन महीने के वेतन का भुगतान तथा अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने जून 2020 में वेतन भुगतान न होने को लेकर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से कहा था कि युद्ध में आप सैनिकों को दुखी नहीं करते हैं। अतिरिक्त मील की यात्रा करने पर उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे दें। कोरोना की लड़ाई में शामिल डॉक्टरों के लिए सुविधा की कमी और वेतन भुगतान न होने के लेकर शीर्ष अदालत ने कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कोर्ट को वेतन भुगतान के मामले में शामिल नहीं किया जाना चाहिए और सरकार को इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा था कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि कई क्षेत्रों के डॉक्टरों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। उसने कहा था कि "हमने कई रिपोर्ट देखी कि डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। दिल्ली में, कुछ डॉक्टरों को पिछले तीन महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। ये ऐसी चिंताएं हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए था। इसमें अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।"

doctors
Salary Delay
Three Months
Chennai
Chengalpet Government Medical College Hospital
Bihar
Delhi
Jharkhand
MP

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  •  AFSPA
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या AFSPA को आंशिक तौर पर हटाना होगा पर्याप्त ?
    17 Apr 2022
    31 मार्च को, भारत सरकार की, पत्र सूचना कार्यालय ने गृह मंत्रालय का एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया। सरकार ने ऐलान किया -- मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने एक महत्वपूर्ण कदम लिया है -- दशकों बाद नागालैंड,…
  • सत्यम् तिवारी
    जहांगीरपुरी हिंसा में अभी तक एकतरफ़ा कार्रवाई: 14 लोग गिरफ़्तार
    17 Apr 2022
    उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में 16 अप्रैल की शाम बजरंग दल के हनुमान जयंती जुलूस के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें सब मुस्लिम समुदाय के हैं।
  • इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा -  क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं
    बादल सरोज
    इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं
    17 Apr 2022
    बिना कोई देर या हीलाहवाला किए उन्हें भारत उसके संविधान और लोकतंत्र पर झपट रही भेड़ियों की इस फ़ौज से लड़ना होगा।
  • DELHI VOILENCE
    सत्यम् तिवारी
    मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक
    17 Apr 2022
    जंतर मंतर पर जब सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को हटाने लगे तो भाईचारे और एकता का सबूत देते हुए रोज़ेदारों के साथ मिल कर प्रदर्शनकारियों ने इफ्तारी भी की और नारे लगाते हुए हिन्दू राष्ट्र, मुस्लिम विरोधी…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो
    17 Apr 2022
    “धर्म से आदम नहीं है, आदमी से धर्म है/ गुल का ख़ुशबू से नहीं, गुल से है ख़ुशबू का वजूद” ये शेर है ओम प्रकाश नदीम का, लेकिन इत्ती सी बात आज भी हमें समझ नहीं आ रही है। तभी वे कहते हैं कि सर जोड़ के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License