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घरेलू गैस की कीमतें बढ़ी, विपक्ष ने कहा-जनता की जेब पर लगा करंट
विपक्षी दलों ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी हार का बदला लेने के लिए ऐसा किया है। एलपीजी की कीमत में प्रति सिलेंडर 144.5 रुपये की वृद्धि की गई है। अब एक सिलेंडर के लिए 858.50 रुपये देने होंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2020
lpg

दिल्ली: वाम दलों ,कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने घरेलू गैस की कीमत में वृद्धि को लेकर भाजपा की  केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भगवा पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी हार का बदला लेने के लिए ऐसा किया है।
 एलपीजी की कीमत में प्रति सिलेंडर 144.5 रुपये की वृद्धि की गई है। अब एक सिलेंडर के लिए 858.50 रुपये देने होंगे। वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण यह बढ़ोत्तरी की गई है।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा जन-विरोधी पार्टी है और उसके फैसले तथा नीतियां यही दर्शाती हैं। विभिन्न विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद उन्हें अभी तक सबक सीखना बाकि है।’’

माकपा के विधायक दल के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘वे लोग दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार का बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं। सिर्फ इसलिए कि लोगों ने भाजपा को वोट नहीं दिया, वे लोग एलपीजी की कीमत बढ़ाकर बदला ले रहे हैं।’’
 इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि एलपीजी की कीमत में वृद्धि का दिल्ली चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। घोष ने कहा कि एलपीजी की कीमत वक्त-वक्त पर बढ़ती-घटती रहती है इसका चुनाव परिणाम से कोई लेना-देना नहीं है।

कांग्रेस ने रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार ने जनता की जेब पर करंट लगा दिया है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी को वापस ले और कच्चे तेल के दाम में गिरावट का फायदा देश को जनता को प्रदान करे।


उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी सरकार ने रसोई गैस की क़ीमत 144 रुपये बढ़ाई। दिल्ली चुनाव के दौरान अमित शाह ने करंट लगाने की बात की। अब जनता की जेब पर करंट लगा दिया गया है।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘देश में प्रति उपभोक्ता 12 सिलेंडर के वार्षिक खपत के आधार पर हिसाब लगाएं तो मोदी जी ने इस वृद्धि से जनता की जेब से साल में 43562 करोड़ रुपये निकाल लिया। इसे कहते हैं कि मोदी जी का करंट जिससे जोर का झटका जोर से लगता है। इससे महिलाओं के बजट पर ग्रहण लगा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम हो रहे हैं । अगर आपको देश की जनता पर बोझ डालना था तो इसका उल्लेख बजट में करना था। बजट में इसकी चर्चा नहीं और पिछले दरवाजे से कीमत बढ़ा दी। हमारी मांग है कि रसोई गैस की इस वृद्धि वापस ली जाए और कच्चे तेल के दाम में कटौती का फायदा आम लोगों को दिया जाए।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘2019 से 2020 यानी एक साल में रसोई गैस की क़ीमत 200 रुपये बढ़ गई है। दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत 858.50 रुपये, मुंबई में 829.50 रुपये, चेन्नई में 881 रुपये और कोलकाता में 896 रुपये है।’’

दरअसल, रसोई गैस की कीमतों में बुधवार को 144.5 रुपये प्रति सिलिंडर की भारी-भरकम वृद्धि की गयी। सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी।
हालांकि सरकार ने रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर लगभग दोगुनी कर दी है। इससे सब्सिडी वाले सिलिंडर के उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। कंपनियों ने कहा कि एलपीजी सिलिंडर की कीमत पहले के 714 रुपये से बढ़ाकर 858.50 रुपये कर दी गयी है।
(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)
     

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