NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
ईद मुबारक...आइए हाथ उठाएँ हम भी, हम जिन्हें रस्म-ए-दुआ याद नहीं...
“आइए अर्ज़ गुज़ारें कि निगार-ए-हस्ती/ज़हर-ए-इमरोज़ में शीरीनी-ए-फ़र्दा भर दे…” ईद उल-फ़ित्र के इस मुबारक मौके पर आइए पढ़ते हैं मशहूर शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म ‘दुआ’।
न्यूज़क्लिक डेस्क
25 May 2020
Eid Mubarak

दुआ

 

आइए हाथ उठाएँ हम भी

हम जिन्हें रस्म-ए-दुआ याद नहीं

हम जिन्हें सोज़-ए-मोहब्बत के सिवा

कोई बुत कोई ख़ुदा याद नहीं

 

आइए अर्ज़ गुज़ारें कि निगार-ए-हस्ती

ज़हर-ए-इमरोज़ में शीरीनी-ए-फ़र्दा भर दे

वो जिन्हें ताब-ए-गिराँ-बारी-ए-अय्याम नहीं

उन की पलकों पे शब ओ रोज़ को हल्का कर दे

 

जिन की आँखों को रुख़-ए-सुब्ह का यारा भी नहीं

उन की रातों में कोई शम्अ मुनव्वर कर दे

जिन के क़दमों को किसी रह का सहारा भी नहीं

उन की नज़रों पे कोई राह उजागर कर दे

 

जिन का दीं पैरवी-ए-किज़्ब-ओ-रिया है उन को

हिम्मत-ए-कुफ़्र मिले जुरअत-ए-तहक़ीक़ मिले

जिन के सर मुंतज़िर-ए-तेग़-ए-जफ़ा हैं उन को

दस्त-ए-क़ातिल को झटक देने की तौफ़ीक़ मिले

 

इश्क़ का सिर्र-ए-निहाँ जान-ए-तपाँ है जिस से

आज इक़रार करें और तपिश मिट जाए

हर्फ़-ए-हक़ दिल में खटकता है जो काँटे की तरह

आज इज़हार करें और ख़लिश मिट जाए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
स्रोत: पुस्तक : Nuskha Hai Wafa
साभार : रेख़्ता
eid
Eid Mubarak
poem
Hindi poem
nazm
Faiz Ahmed Faiz

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

मंज़र ऐसा ही ख़ुश नज़र आए...पसमंज़र की आग बुझ जाए: ईद मुबारक!

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

कितने मसलक… कितनी टोपियां...!

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

फ़ासीवादी व्यवस्था से टक्कर लेतीं  अजय सिंह की कविताएं


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License