NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
फेक्ट चेक: प्रयागराज में तबलीग़ी जमात पर टिप्पणी करने पर युवक की हत्या!
जमात के नाम से मीडिया में ये खबर बड़े पैमाने पर चलाई गई। जबकि प्रयागराज पुलिस ने साफ-साफ कहा है कि इसका जमात से कोई संबंध नहीं है।
राज कुमार
09 Apr 2020
fact check

05 अप्रैल 2020 को प्रयागराज में लोटन निषाद नाम के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ घंटों के बाद ही ये खबर ब्रेकिंग न्यूज़ बनकर तकरीबन सभी चैनलों और मीडिया वेबसाइटों पर चलने लगी। शीर्षक दिया गया “जमात पर टिप्पणी करने पर युवक की हत्या।” हत्या का कारण जमात पर टिप्पणी बताया जा रहा है। आइये अब मीडिया के इस दावे की पड़ताल करते हैं।

 image 1_19.JPG

आजतक, दैनिक भास्कर, जनसत्ता, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, पंजाब केसरी, राजस्थान पत्रिका, ज़ी न्यूज़,द क्विंट, एबीपी न्यूज़ आदि ज्यादातर मीडिया वेबपेज़ पर ये खबर तैरने लगी। शीर्षक था “तब्लीग़ी जमात पर टिप्पणी करने पर युवक की हत्या।” इसी तरह से इसको दीपक चौरसिया समेत कई बड़े पत्रकारों ने भी ट्विट और रिट्विट किया।

Screen Shot 2020-04-07 at 6.42.52 PM.png

Screen Shot 2020-04-07 at 6.43.55 PM.png

 Screen Shot 2020-04-07 at 6.45.35 PM.png

 Screen Shot 2020-04-07 at 6.46.12 PM.png

 

Screen Shot 2020-04-07 at 6.41.46 PM.png

Screen Shot 2020-04-07 at 6.49.01 PM.png

एबीपी न्यूज़ के विकास भदौरिया ने इसे ट्विट किया। जिसे भाजपा आइटी सेल के इंचार्ज़ अमीत मालवीय ने भी रिट्विट किया।

 Screen Shot 2020-04-07 at 6.20.08 PM.png

जमात के नाम से मीडिया में ये खबर बड़े पैमाने पर चलाई गई। जबकि प्रयागराज पुलिस ने साफ-साफ कहा है कि इसका जमात से कोई संबंध नहीं है।पुलिस महानिरिक्षक श्री कविंद्र सिंह प्रताप की ये वीडिये देखिये। ये वीडियो आइजीरेंज प्रयागराज के आफिशियल हैंडल से ट्विट किया गया है। घटनास्थल से अधिकारी ने बाइट दिया है। 0:36 टाइमकोड देखें उनसे सवाल पूछा जाता है कि जमात पर टिप्पणी को लेकर क्या कोई मामला संज्ञान में आया हैं? पुलिस अधिकारी जवाब देता है कि “जमात को लेकर करके नहीं है। ये स्पष्ट नहीं हो रहा है। लेकिन कोरोना को लेकर है।”

Screen Shot 2020-04-08 at 11.50.31 AM.png
मात्र इतना ही नहीं बल्कि अमित मालवीय ने जिनका ट्विट रिट्विट किया था उनको प्रयागराज पुलिस के आफिशियल हैंडल से रिप्लाइ भी दिया गया है कि इसका जमात से कोई संबंध नहीं है।

दीपक चौरसिया के ट्विट पर भी प्रयागराज पुलिस ने रिप्लाइ किया है।

Screen Shot 2020-04-08 at 11.57.36 AM (1).png
इसी प्रकार भारत समाचार को रिप्लाइ दिया है और सुदर्शन न्यूज़ को भी रिप्लाइ दिया गया है। लेकिन उसके बावजूद खबर का शीर्षक और नैरेटिव ज्यों का त्यों चलता रहा।

 Screen Shot 2020-04-08 at 11.59.29 AM.png

 Screen Shot 2020-04-08 at 12.00.57 PM.png


पुलिस के अधिकारियों और प्रयागराज पुलिस का कहना है कि इसका जमात से कोई संबंध नहीं है। प्रयागराज का पुलिस का आफिशियल बयान नीचे पढ सकते हैं।

 Screen Shot 2020-04-08 at 12.00.57 PM copy (1).png


स्पष्ट है कि जमात पर टिप्पणी की वजह से हत्या होने का जो दावा मीडिया प्रसतुत कर रहा है। प्रयागराज पुलिस ने उसका खंडन किया है।

(लेखक राज कुमार स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं।)

इसे भी पढ़ें : फेक्ट चेक : मरकज़ के नाम से फ़र्ज़ी फोटो वायरल

इसे भी पढ़े : फेक्ट चेक : भाजपा विधायक ने साझा की भारत की फर्ज़ी सैटेलाइट फ़ोटो

इसे भी पढ़े : 50 जीबी फ्री इंटरनेट डाटा का व्हाट्सऐप मैसेज़ झूठा है

Tablighi Jamaat
UttarPradesh
fact check
fake news
Prayagraj
twitter
Social Media
Corona
COVID-19

Related Stories

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

पड़ताल: क्या टिकैत वाकई मीडिया को धमकी दे रहे हैं!

छत्तीसगढ़ की वीडियो की सच्चाई और पितृसत्ता की अश्लील हंसी

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”

ट्विटर बताए कि आईटी नियमों के अनुरूप शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक होगी : अदालत

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा: देश का कानून सर्वोपरि, आपकी नीति नहीं

मोहन भागवत समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक


बाकी खबरें

  • Shiromani Akali Dal
    जगरूप एस. सेखों
    शिरोमणि अकाली दल: क्या यह कभी गौरवशाली रहे अतीत पर पर्दा डालने का वक़्त है?
    20 Jan 2022
    पार्टी को इस बरे में आत्ममंथन करने की जरूरत है, क्योंकि अकाली दल पर बादल परिवार की ‘तानाशाही’ जकड़ के चलते आगामी पंजाब चुनावों में उसे एक बार फिर से शर्मिंदगी का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
  • Roberta Metsola
    मरीना स्ट्रॉस
    कौन हैं यूरोपीय संसद की नई अध्यक्ष रॉबर्टा मेट्सोला? उनके बारे में क्या सोचते हैं यूरोपीय नेता? 
    20 Jan 2022
    रोबर्टा मेट्सोला यूरोपीय संसद के अध्यक्ष पद के लिए चुनी जाने वाली तीसरी महिला हैं।
  • rajni
    अनिल अंशुमन
    'सोहराय' उत्सव के दौरान महिलाओं के साथ होने वाली अभद्रता का जिक्र करने पर आदिवासी महिला प्रोफ़ेसर बनीं निशाना 
    20 Jan 2022
    सोगोय करते-करते लड़कियों के इतने करीब आ जाते हैं कि लड़कियों के लिए नाचना बहुत मुश्किल हो जाता है. सुनने को तो ये भी आता है कि अंधेरा हो जाने के बाद सीनियर लड़के कॉलेज में नई आई लड़कियों को झाड़ियों…
  • animal
    संदीपन तालुकदार
    मेसोपोटामिया के कुंगा एक ह्यूमन-इंजिनीयर्ड प्रजाति थे : अध्ययन
    20 Jan 2022
    प्राचीन डीएनए के एक नवीनतम विश्लेषण से पता चला है कि कुंगस मनुष्यों द्वारा किए गए क्रॉस-ब्रीडिंग के परिणामस्वरूप हुआ था। मादा गधे और नर सीरियाई जंगली गधे के बीच एक क्रॉस, कुंगा मानव-इंजीनियर…
  • Republic Day parade
    राज कुमार
    पड़ताल: गणतंत्र दिवस परेड से केरल, प. बंगाल और तमिलनाडु की झाकियां क्यों हुईं बाहर
    20 Jan 2022
    26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर होने वाली परेड में केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की झांकियां शामिल नहीं होंगी। सवाल उठता है कि आख़िर इन झांकियों में ऐसा क्या था जो इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। केरल की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License