NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
यूएस में एफ़बीआई ने निगरानी के दौरान कई गोपनीयता मानदंडों का उल्लंघन किया : एफ़आईएससी का खुलासा
एफ़बीआई के पिछले दरवाज़े से तलाशी के माध्यम से कई "व्यापक उल्लंघन" पाए जाने के बावजूद एफ़आईएससी ने एजेंसी की निगरानी कार्यक्रम को प्रमाणित किया था।
पीपल्स डिस्पैच
28 Apr 2021
यूएस में एफ़बीआई ने निगरानी के दौरान कई गोपनीयता मानदंडों का उल्लंघन किया : एफ़आईएससी का खुलासा

हाल ही में सामने आए दस्तावेजों से पता चला कि अमेरिका में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) निगरानी के दौरान गोपनीयता सुरक्षा के कई उल्लंघनों का दोषी है। फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विलांस कोर्ट (एफआईएसए कोर्ट) द्वारा सोमवार 26 अप्रैल को गुप्त न होने की श्रेणी में घोषित किए गए संशोधित दस्तावेजों में पाया गया कि एफबीआई ने अमेरिकी नागरिकों की बार-बार वारंट रहित निगरानी की है।

ये दस्तावेज़ नवंबर 2020 का है और एफआईएसए कोर्ट की एक प्रमाणन रिपोर्ट है जिसे विदेशी खुफिया निगरानी अधिनियम 1978 के तहत स्थापित किया गया था ताकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के निगरानी कार्यक्रमों का निरीक्षण किया जा सके। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 और 2020 के बीच एफबीआई ने कई "बैच क्वेरीज" संचालित किए।

मौजूदा मानदंडों और मानकों का उल्लंघन करते हुए नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (एनएसए) द्वारा एकत्र किए गए व्यक्तिगत विदेशी संचारों की एक टुकड़ी के माध्यम से बैच क्वेरीज को अक्सर "बैकडोर सर्च" के रूप में समझा जाता है।

"क्वेरी मानक के व्यापक स्पष्ट उल्लंघन" को खोजने और चिंताओं को व्यक्त करने के बावजूद न्यायाधीश जेम्स बोसबर्ग की अध्यक्षता वाली अदालत की बेंच ने इन उल्लंघनों को ठीक करने के लिए एफबीआई के सिस्टम में बदलाव और प्रशिक्षण के ऑडिट के बिना भी जारी रखने के लिए निगरानी कार्यक्रम को प्रमाणित किया।

यह पहली बार नहीं है कि एफआईएसए कोर्ट ने एफबीआई को क्वेरीज और सर्च के लिए मानक प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए पाया। साल 2018 में इस अदालत ने एफबीआई को चेतावनी दी थी कि उसका आचरण संभावित रूप से अवैध था और यहां तक कि संविधान द्वारा दी गई गोपनीयता सुरक्षा की भावना के खिलाफ भी था।

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) ने अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में निगरानी कार्यक्रम के प्रमाणन को रद्द करने के लिए एक याचिका दायर की है। एसीएलयू की याचिका में कहा गया है, "एफआईएसएच की भूमिका मूल रूप से संकीर्ण थी" लेकिन "आज, विधायी परिवर्तन और नई तकनीक के परिणामस्वरूप अदालत निगरानी के व्यापक कार्यक्रमों का मूल्यांकन करती है जिसका अमेरिकियों की गोपनीयता, भावात्मक और साहचर्य अधिकारों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।"

US
America
US FBI
FBI violated privacy norms
FISC
privacy in US

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख


बाकी खबरें

  • china
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    चीन ने अमेरिका से ही सीखा अमेरिकी पूंजीवाद को मात देना
    22 Nov 2021
    चीन में औसत वास्तविक मजदूरी भी हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जो देश की अपनी आर्थिक प्रणाली की एक और सफलता का संकेतक है। इसके विपरीत, अमेरिकी वास्तविक मजदूरी हाल ही में स्थिर हुई है। संयुक्त…
  • kisan andolan
    असद रिज़वी
    लखनऊ में किसान महापंचायत: किसानों को पीएम की बातों पर भरोसा नहीं, एमएसपी की गारंटी की मांग
    22 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हुई “किसान महापंचयत” में जमा किसानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा पर विश्वास की कमी दिखी। किसानों का कहना…
  • farmers movement
    सुबोध वर्मा
    यूपी: कृषि कानूनों को रद्दी की टोकरी में फेंक देने से यह मामला शांत नहीं होगा 
    22 Nov 2021
    ऐसी एक नहीं, बल्कि ढेर सारी वजहें हैं जिसके चलते लोग, खासकर किसान, योगी-मोदी की ‘डबल इंजन’ वाली सरकार से ख़फ़ा हैं।
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज़ी न्यूज़ के संपादक को UAE ने अपने देश में आने से रोका
    22 Nov 2021
    बोल' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, देश के मेनस्ट्रीम मीडिया और सरकार का अमूमन बचाव करने वाले जी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी' की चर्चा कर रहे हैंI ज़ी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी'…
  • modi
    अनिल जैन
    प्रधानमंत्री ने अपनी किस 'तपस्या’ में कमी रह जाने की बात कही?
    22 Nov 2021
    प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह समय किसी को भी दोष देने का नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि यह समय नहीं है दोष देने का तो फिर सरकार के दोषों पर कब चर्चा होनी चाहिए और क्यों नहीं होनी चाहिए?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License