NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
दुखद: प्रख्यात लेखक, निर्देशक सागर सरहदी नहीं रहे
सागर सरहदी साहब ने ‘बाज़ार’ जैसी क्लासिकल फ़िल्म दी। इसके अलावा उन्होंने नूरी, कभी-कभी, सिलसिला और चांदनी जैसी सुपरहिट फ़िल्में भी दीं। वे हमेशा प्रगतिशील आंदोलन के साथी रहे। उनके निधन से फ़िल्म के साथ बौद्धिक और कला-संस्कृति जगत में भी शोक छा गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Mar 2021
सागर सरहदी

मुंबई: महान फ़िल्म निर्देशक, लेखक, नाटककार सागर सरहदी नहीं रहे। आयु संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते रविवार रात उनका निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। उन्होंने ‘बाज़ार’ जैसी क्लासिकल फ़िल्म दी। इसके अलावा उन्होंने नूरी, कभी-कभी, सिलसिला और चांदनी जैसी सुपरहिट फ़िल्में भी दीं।

सागर सरहदी के भतीजे तथा फिल्मकार रमेश तलवार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उन्होंने यहां सियोन के निकट अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

तलवार ने कहा, 'मध्यरात्रि से कुछ देर पहले उनका निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे और उन्होंने खाना तक छोड़ दिया था।'

उन्होंने कहा कि सरहदी का अंतिम संस्कार आज दोपहर के आसपास सियोन शवदाह गृह में किया जाएगा।

पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर के निकट बफ्फा शहर में पैदा हुए सरहदी का नाम गंगा सागर तलवार था। सीमांत प्रांत से संबंध होने के चलते उन्होंने अपने नाम के आगे 'सरहदी' जोड़ लिया था। 12 साल की आयु में वह दिल्ली आकर रहने लगे थे।

सरहदी ने उर्दू लघु कथाओं से अपने करियर की शुरुआत की और फिर उर्दू नाट्य लेखक बन गए। फिल्मकार यश चोपड़ा की 1976 में आई अमिताभ बच्चन तथा रेखा अभिनीत फिल्म 'कभी कभी' से उन्होंने बॉलीवुड में प्रवेश किया।

सरहदी ने चोपड़ा की 'सिलसिला' (1981) और श्रीदेवी तथा ऋषि कपूर अभिनीत 'चांदनी' जैसी फिल्मों के लिए संवाद लेखन किया।

साल 1982 में सरहदी ने निर्देशन में हाथ आजमाए और सुप्रिया पाठक शाह, फारूक शेख, स्मिता पाटिल तथा नसीरुद्दीन शाह अभिनीत फिल्म 'बाज़ार' का निर्देशन किया।

सरहदी ने 1992 में आई अभिनेता शाहरुख खान की पहली फिल्म 'दीवाना' और ऋतिक रोशन की पदार्पण फिल्म 'कहो ना प्यार है' के संवाद भी लिखे।

सरहदी प्रगतिशील आंदोलन से हमेशा जुड़े रहे। शुरुआत में उन्होंने भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) के लिए भी खूब लिखा। भगत सिंह और अशफ़ाक़ उल्ला खां पर लिखे उनके नाटक खूब मशहूर हुए। उनके निधन से फ़िल्म के साथ बौद्धिक और कला-संस्कृति जगत में भी शोक छा गया है।

सागर सरहदी ने शादी नहीं की थी। उनके परिवार में उनके भतीजे-भतीजियां हैं।

(समाचार एजेंसी ‘भाषा’ के इनपुट के साथ)

Sagar Sarhadi
Sagar Sarhadi Passes Away

Related Stories


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    आज़मगढ़: फ़र्ज़ी एनकाउंटर, फ़र्ज़ी आतंकी मामलों को चुनावी मुद्दा बनाया राजीव यादव ने
    05 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने आज़मगढ़ की निजामाबाद विधानसभा का हाल लिया। बात की निर्दलीय उम्मीदवार, रिहाई मंच के एक्टिविस्ट राजीव यादव से, जिन्होंने आज़मगढ़ में फ़र्ज़ी एनकाउंटर और…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: सहरसा में पंचायत का फरमान बेतुका, पैसे देकर रेप मामले को रफा-दफा करने की कोशिश!
    05 Mar 2022
    रेप की घटना को पंचायत ने रफा-दफा करने के लिए अजीबोगरीब फैसला सुनाते हुए आरोपी युवक को पीड़ित परिवार को 70 हजार रुपए देने को कहा। साथ ही समझौते के जरिए मामले को दबाने की बात भी सामने रखी।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 
    05 Mar 2022
    भाकपा माले के विधायक मनोज मंजिल ने सदन में कहा, "तीन साल में मात्र 37 हज़ार शिक्षकों की बहाली की है। पूरे बिहार में साढ़े तीन लाख पद खाली पड़े हैं। नौजवानों की जवानी बर्बाद हो जा रही है। ये सरकार…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : काशी का माँझी समाज योगी-मोदी के खिलाफ
    05 Mar 2022
    यूपी चुनाव: वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों का दीदार करने के लिए देश-विदेश से सैलानी वाराणसी आते है और इन घाटों पे सैलानी नाव में यात्रा करते हैं। यहाँ के नाव चालक यानी नाविक माँझी समाज से है। वाराणसी में…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: वोट की चिंता ख़त्म होते ही बढ़ सकती है आपकी चिंता!
    05 Mar 2022
    हर जानकार यही कह रहा है कि चुनाव ख़त्म होगा तो वोट की चिंता ख़त्म होगी। वोट की चिंता ख़त्म होगी तो कीमतें अपने आप बढ़ जाएंगी। आम आदमी पर महंगाई कहर बनकर टूटने लगेगी। देखते जाइए आगे-आगे होता है क्या।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License