NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ज्ञानवापी मामला : मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख नियत
मुकदमा चलाने लायक है या नहीं, इस पर अदालत 26 मई को सुनवाई करेगी। 
भाषा
24 May 2022
gyanvapi

वाराणसी : मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में मुकदमे की पोषणीयता से संबंधित मामले पर सुनवाई के लिए वाराणसी जिला अदालत ने 26 मई की तारीख नियत की है। 
    
शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने बताया कि अदालत ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख मुकर्रर की है। 
    
उन्होंने बताया कि यह मुकदमा चलाने लायक है या नहीं, इस पर अदालत 26 मई को सुनवाई करेगी। 
   
सिंह ने बताया कि इसके साथ ही अदालत ने कमीशन की कार्यवाही पर आपत्ति दाखिल करने के लिए दोनों पक्षों को एक सप्ताह का समय दिया है।
   
मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने बताया कि उन्होंने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर यह कहा है कि यह मुकदमा सुनने लायक नहीं है क्योंकि ज्ञानवापी प्रकरण की सुनवाई करना उपासना स्थल अधिनियम-1991 का उल्लंघन है।
    
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने पिछली 20 मई को ज्ञानवापी मामले को वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत से जिला जज के न्यायालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। न्यायालय का कहना था कि चूंकि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है इसीलिए कोई तजुर्बेकार न्यायिक अधिकारी इस मामले को सुने। 
    
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएसएन नरसिम्हा और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने कहा था कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में जरूर है लेकिन पहले इसे वाराणसी की जिला अदालत में सुना जाए। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिए थे कि जिला जज आठ हफ्ते में अपनी सुनवाई पूरी करें।
    
दिल्ली निवासी राखी सिंह तथा अन्य की याचिका पर वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने पिछली 26 अप्रैल को ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी परिसर का वीडियोग्राफी सर्वे कराए जाने का निर्देश दिया था। सर्वे का यह काम पिछली 16 मई को मुकम्मल हुआ था, जिसकी रिपोर्ट 19 मई को अदालत में पेश की गई थी। 

हिंदू पक्ष ने सर्वे के अंतिम दिन ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा किया था, जिसे मुस्लिम पक्ष ने नकारते हुए कहा था कि वह शिवलिंग नहीं बल्कि फव्वारा है।

Gyanvapi controversy
Gyanvapi Update

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

ज्ञानवापी सर्वे का वीडियो लीक होने से पेचीदा हुआ मामला, अदालत ने हिन्दू पक्ष को सौंपी गई सीडी वापस लेने से किया इनकार

ज्ञानवापी विवाद पर मस्जिद कमेटी के वकील अभय नाथ यादव से खास बातचीत

ज्ञानवापी मामला : अधूरी रही मुस्लिम पक्ष की जिरह, अगली सुनवाई 4 जुलाई को

ज्ञानवापी मस्जिद की परछाई देश की राजनीति पर लगातार रहेगी?

ज्ञानवापी अपडेटः जिला जज ने सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा अपना फैसला, हिन्दू पक्ष देखना चाहता है वीडियो फुटेज

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेता

पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?

उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी दिवानी वाद वाराणसी जिला न्यायालय को स्थानांतरित किया


बाकी खबरें

  • Syrian refugees
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों हम सभी शरणार्थियों को यूक्रेनी शरणार्थियों की तरह नहीं मानते?
    07 Mar 2022
    अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, सोमालिया, यमन और दूसरी जगह के शरणार्थियों के साथ यूरोप में नस्लीय भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जाता रहा है। यूक्रेन का शरणार्थी संकट पश्चिम का दोहरा रवैया प्रदर्शित कर रहा…
  • air pollution
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान
    07 Mar 2022
    वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहर अब भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष स्थान पर हैं। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर प्रमुख हैं।
  • Chaudhary Charan Singh University
    महेश कुमार
    मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
    07 Mar 2022
    मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और…
  • shimla
    टिकेंदर सिंह पंवार
    गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है
    07 Mar 2022
    स्मार्ट सिटी परियोजनाएं एक बड़ी विफलता हैं, और यहां तक कि अब सरकार भी इसे महसूस करने लगी है। इसीलिए कभी खूब जोर-शोर से शुरू की गई इस योजना का नए केंद्रीय बजट में शायद ही कोई उल्लेख किया गया है।
  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License