NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
युद्ध विराम की सहमति से पहले वायु व समुद्री नाकेबंदी हटाने की हौथी की मांग
हौथी के नाम से चर्चित अंसार अल्ला ने युद्ध विराम और साना हवाई अड्डा व होदेदा बंदरगाह खोलने के सऊदी के प्रस्ताव को "महत्वहीन" बताया।
पीपल्स डिस्पैच
23 Mar 2021
यमन

सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहाद अल सऊद के युद्ध विराम के प्रस्ताव का जवाब देते हुए अंसार अल्ला के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद अब्दुलसलाम ने सोमवार 22 मार्च को कहा कि यदि वे शांति वार्ता के प्रति वास्तव में गंभीर हैं तो "दबाव बनाने वाले उपकरण" के रूप में "मानवीय अधिकार" को दोहराने के बजाय सउदी को यमन की वायु और समुद्री नाकेबंदी को हटाना चाहिए।

सोमवार को सऊदी ने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में देशव्यापी युद्ध विराम सहित "शांति पहल" का प्रस्ताव दिया और सऊदी समर्थित हादी सरकार के साथ राजस्व साझा करने के साथ सीमित स्थानों के लिए साना हवाई अड्डे और होदेदा बंदरगाह को खोलने का प्रस्ताव दिया।

इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए हौथी ने किसी भी तरह की गंभीर शांति वार्ता से पहले वायु और समुद्री नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग की है जो कि देश में खाद्य और चिकित्सा की कमी के लिए ज़िम्मेदार है। इसे संयुक्त राष्ट्र ने "दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट" कहा है।

यमन में युद्ध के चलते अब तक 2,30,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और लाखों लोग भुखमरी और चिकित्सा सुविधाओं की कमी से मौत के कगार पर हैं। सऊदी के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने उत्तरी यमन की ओर खाद्य और आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाली कई जहाजों को जब्त कर लिया है।

नागरिक बुनियादी ढांचे पर सऊदी गठबंधन के हवाई हमलों ने देश की अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है जिससे लोगों की मौत के अलावा बुनियादी सुविधाओं में कमी और गरीबी में भारी वृद्धि हो गई। हौथी ने देश के दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में सऊदी हवाई हमलों और इसके सैन्य कब्जे को समाप्त करने की मांग की है।

अधिकांश यमनी लोगों की आबादी वाले देश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र और राजधानी साना पर हौथी के नियंत्रण करने के बाद साल 2015 से यूएस और अन्य पश्चिमी सहयोगियों की सहायता से सऊदी के नेतृत्व वाली गठबंधन ने यमन के खिलाफ युद्ध छेड़ रखी है। हौथी के नियंत्रण ने तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दरबू मंसूर अल हादी को पहले अदन और फिर सऊदी अरब भागने के लिए मजबूर किया।

सउदी और इसके क्षेत्रीय व पश्चिमी सहयोगियों ने हौथी पर ईरान का नुमाइंदा होने का आरोप लगाया है और देश की सरकार के रुप में हादी के नेतृत्व वाले प्रशासन को समर्थन देता है। ईरान और हौथी दोनों ने सऊदी आरोपों को खारिज कर दिया है। हौथी का दावा है कि हादी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ उनकी लड़ाई यमनी संप्रभुता के लिए और उनके शासनकाल में व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है।

yemen
YEMEN WAR
houthi
yemen crisis

Related Stories

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

रूस-यूक्रेन विवाद : जब दुनिया सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल कर रही है, तब सामने आया खेल संस्थाओं का पाखंड

पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मानवीय संकटों की अलोकप्रियता को चुनौती

यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है

यमन के लोगों ने सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया, युद्ध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया

हाउथी और सरकार समर्थक सैनिकों के बीच यमन के मारिब में लड़ाई तेज़

यमन की नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग को लेकर अमेरिकी कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल


बाकी खबरें

  • SFI PROTEST
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
    09 Feb 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौत दी।
  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License