NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
भारत
राजनीति
एमपीः रीवा में मज़दूरी मांगने गए दलित मज़दूर का मालिक ने काटा हाथ, आईसीयू में भर्ती
पीड़ित अशोक की पत्नी ने कहा गणेश मिश्रा पर लगभग 15,000 रुपये बकाया थे, लेकिन कई महीनों से वे भुगतान नहीं कर रहे थे। हम ग़रीब लोग हैं, अपना पेट पालने के लिए मज़दूरी पर निर्भर हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Nov 2021
worker
Image courtesy : ThePrint

मध्यप्रदेश के रीवा में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक दलित मजदूर अशोक साकेत (37 वर्ष) का उस समय तलवार से हाथ काट दिया गया जब वह अपनी मजदूरी लेने के लिए मालिक गणेश मिश्रा के पास गया था। घटना शनिवार 20 नवंबर की है।

अशोक की पत्नी रीता (31 वर्ष) ने दिप्रिंट से कहा, ‘अपने काम का रुपया ही तो मांगा था। लॉकडाउन के बाद जो काम मिला उसपर ही आस लगा कर बैठे थे 5-6 महीने से।’

पीड़ित अशोक रीवा जिले के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती है।

रीता ने बताया कि अशोक के मालिक गणेश मिश्रा ने शनिवार को उसे फोन करके बुलाया था। यह कहते हुए कि फोन सुनकर वह काफी खुश हो गया था। रीता ने बताया, ‘गणेश मिश्रा पर लगभग 15,000 रुपये बकाया थे, लेकिन कई महीनों से वे भुगतान नहीं कर रहे थे। हम गरीब लोग हैं, अपना पेट पालने के लिए मजदूरी पर निर्भर हैं। उस दिन, मिश्रा ने फोन किया और कहा, आओ और अपने पैसे ले लो।’ शनिवार को दोपहर में अशोक और सत्येंद्र साकेत मिश्रा से बकाया पैसे लेने के लिए वहां गए थे।

इस घटना के एक मात्र प्रत्यक्षदर्शी सत्येंद्र ने द प्रिंट से बातचीत में कहा कि ‘जब हम वहां पहुंचे तो उसने हमें बैठने को कहा और कहा कि वह नकद लेने जा रहे है। हम पैसे मिलने की आशा में खुश थे। पैसों की बजाए, वह हाथ में तलवार लेकर लौटा और अशोक की गर्दन पर वार कर दिया। अशोक ने खुद को बचाने के लिए हाथ उठाया… लेकिन कुछ ही सेकंड में उसका हाथ कटकर सामने जमीन पर गिर गया।’

सत्येंद्र ने आगे कहा कि, ‘मैं बाइक स्टार्ट करने के लिए तेजी से उठा और अशोक भी मेरी ओर भागा। उसका कटा हाथ जमीन पर ही पड़ा था। वह बाइक पर मेरे पीछे बैठ गया और एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया। हम बमुश्किल ही कुछ दूर पहुंचे थे कि वह बेहोश हो गया।’

रीवा के एसपी भसीन ने दिप्रिंट से कहा कि पुलिस ने पीड़ित की मदद के लिए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि, ‘जब मुझे फोन आया कि ऐसी घटना हुई है और वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है तो हमने तुरंत संजय गांधी अस्पताल के डीन से संपर्क किया। डॉक्टरों की एक टीम समय बर्बाद किए बिना हाथ दोबारा जोड़ने के लिए सर्जरी को तैयार थी।’

उन्होंने कहा कि, ‘उस समय एक थाने को अशोक को अस्पताल लाने के जिम्मेदारी दी गई। दूसरे थाने को उसके हाथ का कटा हिस्सा लेकर आने का काम सौंपा गया था। टीम के साथ एक एम्बुलेंस को भी लगाया गया ताकि इसे जल्द से जल्द लाया जा सके।’ भसीन ने कहा कि एक पुलिस टीम ने आरोपी मिश्रा और उसके दो भाइयों को ‘तीन घंटे के भीतर’ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

एसपी ने कहा कि, ‘जब उसने अशोक का हाथ काट डाला और दोनों (मजदूर) वहां से भागने में सफल रहे तो मिश्रा डर गया और अपने भाइयों को बुलाया। उन्होंने खून से सने कपड़ों हटाने में उसकी मदद की और उनके लिए दूसरे कपड़ों की व्यवस्था की। उन लोगों ने कटे हुए हाथ को छिपाने के लिए उसे खेत में फेंक दिया और तलवार भी छिपा दी। मिश्रा घटनास्थल से बाइक पर फरार हो गया था।’

Madhya Pradesh
dalit
Dalit Worker
Dalit laborer
Dalit Rights
workers safety

Related Stories

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

अमित शाह का शाही दौरा और आदिवासी मुद्दे

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

ग्राउंड रिपोर्ट: ‘पापा टॉफी लेकर आएंगे......’ लखनऊ के सीवर लाइन में जान गँवाने वालों के परिवार की कहानी


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License