NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
खेल
भारत
अंतरराष्ट्रीय
निराश होने का समय नहीं, कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा: कप्तान मनप्रीत और श्रीजेश
टोक्यो ओलंपिक: पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और स्टार गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि टीम के पास इस दिल तोड़ने वाली हार के बारे में सोचने का समय नहीं है क्योंकि उन्हें गुरुवार को होने वाले कांस्य पदक के प्ले आफ मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा।
भाषा
03 Aug 2021
निराश होने का समय नहीं, कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा: कप्तान मनप्रीत और श्रीजेश

टोक्यो: बेल्जियम के खिलाफ ओलंपिक सेमीफाइनल में 2-5 की हार निराशाजनक है लेकिन पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और स्टार गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि टीम के पास इस दिल तोड़ने वाली हार के बारे में सोचने का समय नहीं है क्योंकि उन्हें गुरुवार को होने वाले कांस्य पदक के प्ले आफ मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा।

आठ बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारत को मंगलवार को यहां सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन बेल्जियम के खिलाफ 2-5 से हार का सामना करना पड़ा।

मनप्रीत ने हार के बाद कहा, ‘‘मेरे लिए अभी चीजें आसान नहीं हैं क्योंकि हम जीतने की मानसिकता के साथ आए थे लेकिन दुर्भाग्य से हम मैच जीत नहीं पाए। अब हमें कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाने की जरूरत है और हमें यह पदक जीतने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लंबे समय के बाद सेमीफाइनल में जगह बनाना हमारे लिए सम्मान की बात है लेकिन मुझे लगता है कि अब हमें एकाग्र होने की जरूरत है क्योंकि अगला मैच हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। हम देश के लिए कांस्य पदक जीत सकते हैं।’’

कप्तान ने कहा कि टीम ने इस स्तर पर पहुंचने के लिए पिछले पांच साल में कड़ी मेहनत की और ऐसे में भारत मंगलवार को बेहतर नतीजे का हकदार था।

उन्होंने कहा, ‘‘टीम ने हमेशा कड़ी मेहनत की और एकजुटता दिखाई। यह टीम पिछले चार या पांच साल से एक साथ है। इस स्तर पर पहुंचने के लिए हमने बेहद कड़ी मेहनत की है। हम बेहतर नतीजे के हकदार थे और दुर्भाग्य से आज हम इसे हासिल नहीं कर पाए।’’

श्रीजेश भी कप्तान से सहमत हैं और उन्होंने कहा कि बेल्जियम के खिलाफ हार अब अतीत की बात है और टीम को यहां से पदक जीतकर लौटने पर ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘निराश, लेकिन हमारे पास इस बारे में चिंतित होने का समय नहीं है। आपको इस बारे में भूलना होगा और भविष्य के बारे में सोचना होगा। हमारे पास अब भी पदक जीतने का मौका है और इस समय रोने की जगह हमारे लिय यह अधिक महत्वूपर्ण है।’’

श्रीजेश ने कहा, ‘‘हमारे लिए यह अधिक महत्वपूर्ण है कि हम भविष्य के बारे में सोचें, मैच देखें, सोचें कि हम कहां हारे, हमने कहां गल्तियां की, इसमें सुधार करें और आगे बढ़ें।’’

भारत के सीनियर डिफेंडर रूपिंदर पाल सिंह का भी मानना है कि भारत ने मौजूदा खेलों में सब कुछ नहीं गंवाया है।

रूपिंदर ने कहा, ‘‘बेशक यह हमारे लिए दिल तोड़ने वाला है, 41 साल बाद सेमीफाइनल में जगह बनाना और हम यहां स्वर्ण पदक जीतने आए थे। यह हमारा लक्ष्य था लेकिन हम आज हार गए। अच्छी चीज यह है कि अगले मैच में हमारे पास तीसरे स्थान पर जगह बनाने का मौका होगा इसलिए हमें इस पर ध्यान लगाना होगा।’’

रूपिंदर का मानना है कि टोक्यो में पदक से स्वदेश में खेल को फायदा होगा। उन्होंने साथ ही टोक्यो में सफलता का श्रेय टीम के आत्मविश्वास को दिया।

मनप्रीत और श्रीजेश ने भारतीय महिला टीम को शुभकामनाएं दी जो बुधवार को अर्जेन्टीना के खिलाफ पहली बार ओलंपिक सेमीफाइनल खेलेगी।

मनप्रीत ने कहा, ‘‘उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। हम अर्जेन्टीना के खिलाफ सेमीफाइनल के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। उम्मीद करते हैं कि हम जीत दर्ज करेंगे।’’

श्रीजेश ने कहा, ‘‘यह शानदार रहा। शुरुआती तीन मैच हारने के बाद लड़कियों ने शानदार टक्कर दी और अगले जीत मैच जीते जो उनके लिए महत्वपूर्ण थे। कल के मैच में आस्ट्रेलिया को हराकर उलटफेर किया और मुझे लगता है कि लड़कियां इस टूर्नामेंट में पदक जीतने में सक्षम हैं।’’

उधर, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बेल्जियम के हाथों मिली हार पर दिल छोटा करने की जरूरत नहीं है और पूरे टूर्नामेंट में अद्भुत दक्षता और परस्पर सहयोग प्रदर्शित करने के लिए खिलाड़ियों की सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हार और जीत जीवन का हिस्सा है। भविष्य के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और यही मायने रखता है।

Indian hockey
Tokyo Olympics
Tokyo 2020

Related Stories

क्या है विनेश फोगाट और सोनम मलिक के निलंबन के पीछे का कारण? अनुशासन की आड़ में, मुखर होने की सजा!

नीरज चोपड़ा : एक अपवाद, जिसे हमें सामान्य बनाने की जरूरत है

‘आगे बढ़ने के संदेश’ के साथ टोक्यो ओलंपिक का समापन, अब पेरिस में मिलेंगे

इतवार की कविता : हॉकी खेलती लड़कियाँ

जाति की ज़ंजीर से जो जकड़ा हुआ है,  कैसे कहें मुल्क वह आज़ाद है!

नीरज ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास, पूरे देश ने दी बधाई

एथलेटिक्स में भारत के ओलंपिक पदक का इंतज़ार ख़त्म करने के लिये निगाहें नीरज पर

हारकर भी भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता देशवासियों का दिल

बलात्कार हो या खेल, जाति की ज़हरीली सोच पर क्यों चुप और गायब हैं MR PM

जर्मनी को हराकर भारत ने कांस्य पदक जीता, 41 साल बाद ओलंपिक पदक; देशभर से आ रही हैं बधाईयां


बाकी खबरें

  • मोदी की काशी यात्रा: बदहाल ‘विकास’ की हक़ीक़त परदे से ढांपने की कोशिश
    विजय विनीत
    मोदी की काशी यात्रा: बदहाल ‘विकास’ की हक़ीक़त परदे से ढांपने की कोशिश
    15 Jul 2021
    प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के समय नौकरशाही ने बनारस शहर के चेहरे पर चस्पा दाग़ को ढंकने के लिए पूरे शहर में जगह-जगह पैबंद लगा दिए। जितने भी खुले नाले थे, जिसकी बदबू और सड़ांध से समूचा शहर परेशान रहता…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोरी गांव में घरों का तोड़े जाना जारी, राजद्रोह क़ानून पर मुख्य न्यायाधीश के अहम सवाल और अन्य ख़बरें
    15 Jul 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे खोरी गांव में जारी मकानों के गिराए जाने, राजद्रोह पर भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा उठाए सवाल और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • भारत का संचालन किसके हाथ — शास्त्र/धर्मपुस्तकें या संविधान?
    सुभाष गाताडे
    भारत का संचालन किसके हाथ — शास्त्र/धर्मपुस्तकें या संविधान?
    15 Jul 2021
    विगत कुछ सालों के विभिन्न अदालतों के फैसलों की थोड़ी-सी बेतरतीब चर्चा करते हुए हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि अदालतों ने किस तरह समय-समय पर कानून की हिफाजत का काम किया है।
  • खोरी गांव : पुलिसिया दमन के बीच आज भी जारी रहा तोड़-फोड़, हरियाणा सरकार की पुनर्वास योजना हवा हवाई
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खोरी गांव : पुलिसिया दमन के बीच आज भी जारी रहा तोड़-फोड़, हरियाणा सरकार की पुनर्वास योजना हवा हवाई
    15 Jul 2021
    फरीदाबाद खोरी गांव में लोग रोते रहे, चिल्लाते-बिलखते रहे किंतु प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा चल रही तोड़फोड़ जारी रही। आज यानि गुरुवार को लगभग 1700 घरों को तोड़ दिया गया है। इसका विरोध कर रहे कुल 9 लोगों…
  • दिल्ली दंगे: पुलिस जाँच से नाख़ुश कोर्ट
    दिल्ली दंगे: पुलिस जाँच से नाख़ुश कोर्ट
    15 Jul 2021
    दिल्ली में 2020 में हुए दंगो के एक केस की सुनवाई करते हुए कड़कड़डूमा अदालत ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही पुलिस पर 25,000 का जुर्माना भी लगाया है। 'बोल' के इस एपिसोड में अदालत के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License