NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी : रणदीप हुड्डा संरा की पर्यावरण संधि के राजदूत के पद से हटाये गये
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ टिप्पणी के लिए अभिनेता हुड्डा की खूब आलोचना हो रही है। शुक्रवार को ट्विटर पर हैशटैग अरेस्टरणवीरहुड्डा ट्रेंड हुआ तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई।
भाषा
28 May 2021
Randeep Hooda

मुंबई: अभिनेता रणदीप हुड्डा को बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में संयुक्त राष्ट्र की, जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी संधि (सीएमएस) के राजदूत (एंबेसडर) के पद से हटा दिया गया है।

अभिनेता की सोशल मीडिया पर नौ वर्ष पुराने एक वीडियो के लिए आलोचना की जा रही है, जिसमें वह मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते नजर आते हैं। एक मीडिया घराने द्वारा 2012 में आयोजित एक कार्यक्रम का यह 43 सेकेंड का वीडियो है जिसे ट्विटर पर एक व्यक्ति ने साझा किया।

इस वीडियो में हुड्डा ने एक चुटकुला सुनाया जिसे जातिवादी एवं कामुक बताया जा रहा है और वह दर्शकों के साथ हंसते भी नजर आ रहे हैं।

सीएमएस की वेबसाइट पर एक बयान में कहा गया, ‘‘सीएमएस सचिवालय को वीडियो में की गई टिप्पणी आपत्तिजनक लगी और वह सीएमएस सचिवालय या संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों को नहीं दर्शाती।’’

बयान में कहा गया , ‘‘ हुड्डा अब सीएमएस के राजदूत नहीं हैं। ’’

अभिनेता को फरवरी 2020 में तीन साल के लिए जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी संधि (सीएमएस) का राजदूत नियुक्त किया गया था।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ टिप्पणी के लिए 44 वर्षीय हुड्डा की खूब आलोचना हो रही है। कुछ आलोचकों ने तो उनसे माफी की मांग भी की है।

शुक्रवार को ट्विटर पर हैशटैग अरेस्टरणवीरहुड्डा ट्रेंड हुआ तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई।

Randeep Hooda
MAYAWATI
BSP

Related Stories

ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब पुलिस का दिल्ली में इस्तेमाल करते केजरीवाल

मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर अखिलेश व मायावती क्यों चुप हैं?

अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे

हार के बाद सपा-बसपा में दिशाहीनता और कांग्रेस खोजे सहारा

विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा

बसपा की करारी हार पर क्या सोचता है दलित समाज?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक

विचार: क्या हम 2 पार्टी सिस्टम के पैरोकार होते जा रहे हैं?

यूपी चुनाव के मिथक और उनकी हक़ीक़त

विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 


बाकी खबरें

  • यूपी में प्रियंका, मोदी से मिले पवार, पंजाब का पेंच और दानिश की शहादत
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में प्रियंका, मोदी से मिले पवार, पंजाब का पेंच और दानिश की शहादत
    17 Jul 2021
    मोदी और योगी सरकार की विफलताएं पहाड़ जैसी होती जा रही हैं. पर विपक्ष के बड़े दल के रूप में कांग्रेस कोई वैकल्पिक मंच खड़ा करने में पूरी तरह विफल दिख रही है.
  • memory of danish
    भाषा सिंह
    दानिश का कैमरा: दानिश से मोहब्बत और नफ़रत के मायने
    17 Jul 2021
    बात बोलेगी: फ़ोटो को देखते हुए, फ़ोटो को खींचने वाली की पूरी शख्सियत, उनकी चिंताएं, उनका फोकस सब खुलकर सामने आ जाते हैं। कम से कम दानिश सिद्दीक़ी की फ़ोटो देखकर बिल्कुल ऐसा ही आभास जेहन में आता है।…
  • वे क्यूबा के बारे में क्या नहीं बताते हैं
    रोजा मिरियम एलिजाल्डे
    वे क्यूबा के बारे में क्या नहीं बताते हैं
    17 Jul 2021
    क्यबा की पत्रकार रोजा मिरियम एलिजाल्डे अंतरराष्ट्रीय मल्टी मीडिया में क्यूबा के विरुद्ध चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान पर अपनी राय देती हैं। 
  • हाईकोर्ट
    भाषा
    सभ्यता का आकलन अल्पसंख्यकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार के आधार पर होता है: हाईकोर्ट
    17 Jul 2021
    उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिले में बूचड़खानों पर लगी रोक पर उठाया सवाल। न्यायालय ने टिप्पणी की कि ‘‘सवाल यह है कि क्या नागरिकों को अपना भोजन चुनने का अधिकार है या राज्य इसका फ़ैसला करेगा।’’
  • कैसे असम बीफ़ को एक संघीय मुद्दा बनाने पर तुला हुआ है
    एजाज़ अशरफ़
    कैसे असम बीफ़ को एक संघीय मुद्दा बनाने पर तुला हुआ है
    17 Jul 2021
    असम का नया मवेशी संरक्षण विधेयक संविधान के अनुच्छेद 48 का उल्लंघन करता है और राज्य में गोरक्षकों की गुंडागर्दी को बढ़ावा देगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License