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स्वास्थ्य
भारत
बिहारः पटना में डेंगू का क़हर, एक रिटायर्ड अधिकारी की मौत
CPIM पटना जिला के सचिव मनोज कुमार ने न्यूजक्लिक को कहा डेंगू के मामले सामने आने के बाद भी पटना नगर निगम की ओर से दवा छिड़काव का काम अब तक नहीं हुआ है। सरकार और प्रशासन ने जनता को मरने के लिए छोड़ दिया है। पटना नगर निगम वास्तव में पटना नरक निगम हो गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Oct 2021
बिहारः पटना में डेंगू का क़हर, एक रिटायर्ड अधिकारी की मौत
साभारःइंडियन एक्सप्रेस

कोरोना के बाद डेंगू ने बिहार की राजधानी पटना में पैर पसारना शुरू कर दिया है। फुलवारी शरीफ के बिरला कॉलोनी में रहने वाले 62 वर्षीय राजेश मिश्रा की डेंगू से मौत हो गई। पटना के एक प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इस सीजन की ये पहली मौत बताई जा रही है। बता दें कि मिश्रा जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद से दो साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे और अपने परिवार के साथ बिरला कॉलोनी में रहते थे। 

राजधानी में सोमवार तक 112 मरीज मिले हैं। यहां पटना सिटी, कंकड़बाग, अगमकुआं के बाद पुनाईचक, शिवपुरी, इंद्रपुरी और न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी डेंगू का नया हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को डेंगू के 13 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 11 पीएमसीएच और दो अन्य अस्पतालों में मिले। पटना में अब डेंगू पीड़ितों की संख्या 112 पर पहुंच गई है।हालांकि, सिविल सर्जन कार्यालय को मिली सूची के अनुसार इनकी संख्या 99 ही है।

प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी

पटना में डेंगू मरीजों के बढ़ने से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। शहर की बात करें तो यहां रोजाना करीब 70 यूनिट प्लेटलेट्स की खपत हो रही है। ऐसे में लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है क्योंकि शहर में रक्तदान करने वालों की काफी कमी है जिसके चलते मरीजों के परिजनों को अन्य जिलों से प्लेटलेट्स के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पटना में छह सरकारी ब्लड बैंक हैं। इनमें पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एनएमसीएच, पटना एम्स, जयप्रभा ब्लड बैंक और रेडक्रॉस शामिल हैं। पटना एम्स और पीएमसीएच में हर रोज करीब 25 यूनिट का मांग है। 

नए इलाकों से मिल रहे मरीज़

रिपोर्ट के अनुसार पटना में पीएमसीएच, एनएमसीएच के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में इसका इलाज किया जा रहा है। पटना के शहरी इलाकों में पटना सिटी, बाकरगंज, बाजार समिति, दीघा, ट्रांसपोर्ट नगर में डेंगू के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। वहीं, शहर के नए इलाके भी अब डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। मछुआ टोली, पुनपुन, गर्दनीबाग, स्लम बस्ती से भी कुछ डेंगू के मरीज मिलने लगे हैं। इससे बीमारियों का खतरा व दायरा बढ़ने लगा है। डेंगू मरीज का मामला सामने आने के बाद लोग डरे हुए हैं।

डेंगू का प्रकोप धीरे-धीरे शहर के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। दानापुर से लेकर पटना सिटी तक के लगभग सभी मोहल्ले में डेंगू के मरीज मिलने लगे हैं। सोमवार को मिले मरीजों में से कई मरीज राजीवनगर, शास्त्रीनगर, कदमकुआं, पाटलिपुत्रा कॉलोनी, राजेंद्रनगर जैसे नए इलाके से भी हैं।

वहीं पहले से डेंगू प्रभावित इलाके महेंद्रू और बाजार समिति से भी एक-एक मरीज मिले हैं। पुनाईचक के पोस्ट ऑफिस गली में भी तीन मरीज मिले हैं। हालांकि, इन तीनों ने निजी लैब में अपनी जांच कराई है इसी कारण सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा इनकी सूची नहीं जोड़ी गई है। पटना में अब डेंगू पीड़ितों की संख्या 112 तक पहुंच गई है।

पुनाईचक के बाद अब बाजार समिति, अगमकुआं, पटना सिटी, महेंद्रू, विजय नगर, मुसल्लहपुर हाट, खगौल और गोला रोड से भी डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। पहले से डेंगू प्रभावित मोहल्लों शिवपुरी, न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी, एजी कॉलोनी, इंद्रपुरी, पटेलनगर, शास्त्रीनगर के अलावा कंकड़बाग से भी लगातार मरीज मिल रहे हैं।

इमर्जेंसी में मरीज़ को नहीं मिल रहा बेड

सीपीआइएम पटना जिला के सचिव मनोज कुमार न्यूजक्लिक से बातचीत में कहते है, "डेंगू के मामले सामने आने के बाद भी पटना नगर निगम की ओर से दवा छिड़काव का काम अब तक नहीं हुआ है। सरकार और प्रशासन ने जनता को मरने के लिए छोड़ दिया है। यहां सिर्फ नगर निगम बन गया है। पटना नगर निगम वास्तव में पटना नरक निगम हो गया है। मेयर-उपमेयर का केवल चुनाव होता है लेकिन जनता के लिए कोई काम नहीं होता है। अस्पतालों में दवा का अभाव है। अस्पताल की इमर्जेंसी वार्ड में मरीजों को बेड नहीं मिल रहा है। पीएमसीएच की हालत इतनी बदतर है कि उसकी इमर्जेंसी में मरीज को बेड नहीं मिल रहा है। दो दिन पहले एक मरीज छपरा से आया था तो उसको इमर्जेंसी में बेड नहीं मिला जिसके चलते वह जमीन पर पड़ा हुआ था। डेंगू को लेकर प्रशासन की ओर से कोई सतर्कता नहीं है।"

हिंदुस्तान अखबार को कंकड़बाग के एक निजी लैब संचालक ने बताया कि डेंगू के शक में प्रतिदिन लगभग 80 से 90 लोग अपनी जांच कराने आ रहे हैं। उनमें से चार से पांच लोग डेंगू पीड़ित मिल रहे हैं। संचालक ने बताया कि शहर के अन्य इलाके में स्थित लैब में भी डेंगू के केस लगातार मिल रहे हैं। 

अखबार से बातचीत में पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. बीपी चौधरी ने कहा कि सोमवार को कुल 24 बुखार पीड़ितों की जांच माइक्रोबायोलॉजी लैब में की गई। इनमें से 11 डेंगू पीड़ित मिले। यह इस साल एक दिन में अब तक का सर्वाधिक केस है। उन्होंने कहा कि डेंगू वार्ड में अभी चार मरीज भर्ती हैं।

 

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https://hindi.newsclick.in/Patna-Metro-encroachment-rehabilitatio-tea-seller-died

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