NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
न्यूज़ीलैंड के लोगों ने जनमत संग्रह में इच्छामृत्यु को मंज़ूरी दी, कैनाबिस के क़ानून को अस्वीकार किया
दोनों वोटों का समर्थन जैकिंडा अर्डर्न की सरकार ने किया जिन्हें हाल ही में देश के संसदीय चुनावों में फिर से चुना गया है।
पीपल्स डिस्पैच
30 Oct 2020
Jacinda Ardern

शुक्रवार 30 अक्टूबर को न्यूजीलैंड में निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित प्रारंभिक परिणामों के अनुसार जनमत संग्रह में भाग लेने वाले देश के 65% से अधिक मतदाताओं ने इच्छामृत्यु (यूथेनेशिया) को अनुमति देने वाले क़ानून को मंजूरी दे दी है। हालांकि गुरुवार के जनमत संग्रह में लगभग आधा मिलियन वोटों की गिनती की जानी है और अंतिम परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे और यह सामान्य रुप से स्पष्ट तौर पर "हां" ही है।

न्यूजीलैंड ने गुरुवार को दो जनमत संग्रह किए। शौकिया भांग (cannabis) के इस्तेमाल को "न" कहते हुए दूसरे जनमत संग्रह के 53% से अधिक मतदाताओं द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया है। दोनों जनमत संग्रह को लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री जैकिंडा अर्डर्न द्वारा समर्थन दिया गया था जो इस महीने के शुरू में देश में हुए 53 वें संसदीय चुनावों में भारी बहुमत से फिर से चुनी गई थी।

शौकिया भांग के क़ानून को लेकर "हां" के पक्ष में वोट मिलने के बाद ऐसा करने वाला दुनिया में कनाडा और पैराग्वे के बाद न्यूजीलैंड तीसरा देश बन गया। इस क़ानून का समर्थन करने वाली विपक्षी ग्रीन पार्टी ने वोटिंग से पहले "हां" के पक्ष में वोट का समर्थन नहीं करने के लिए जैकिंडा आर्डरन सरकार की आलोचना की जिससे उनमें भ्रम पैदा हुई।

वर्ष 2018 में जैसिंडा अर्डर्न की सरकार ने यूएन में कहा था कि वह आपराधिक न्याय दृष्टिकोण के बजाय नशीली दवाओं के नुकसान को कम करने में विश्वास करती है और इसलिए गुरुवार के जनमत संग्रह को उस दिशा में प्रस्तावित किया गया था।

यूथेनेशिया को क़ानून की मंजूरी के बाद सरकार को यह सुनिश्चित करना है कि एंड ऑफ लाइफ च्वाइस एक्ट को अक्टूबर 2021 से पहले लागू किया जाए। न्यूजीलैंड में पिछले कुछ महीनों में काफी चर्चा और संशोधन के बाद इस क़ानून को अंतिम रूप दिया गया है। इस क़ानून के अनुसार, अपने जीवन को समाप्त करने की मांग करने वाले किसी बीमार व्यक्ति को ऐसा करने के लिए स्वीकृति मिलने से पहले कम से कम दो डॉक्टरों के अनुमोदन की आवश्यकता है और ऐसा करने के लिए मंजूरी प्राप्त होने से पहले एक लंबी जांच सूची को पूरा करना है।

NewZeland
Jacinda Ardern
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?

दुनिया भर की : नेतन्याहू के जानेभर से इज़रायल भला नहीं बन जाएगा

थाईलैंड : "राजशाही के अपमान" को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरू

लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License