NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलीपींस : नीग्रोस में एक और शांति सलाहकार की हत्या
एनडीएफ़ के शांति सलाहकार रान्डौल एकानिस की हत्या के बाद बैकोलॉड शहर में ज़ारा अल्वारेज़ की हत्या से फिलीपींस में लोग बेहद नाराज़ हैं।
पीपल्स डिस्पैच
18 Aug 2020
नीग्रोस में एक और शांति सलाहकार की हत्या
फोटो : ज़ारा अल्वारेज़ / फेसबुक

फिलीपिंस की सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार की वकील ज़ारा अल्वारेज़ की हत्या सोमवार 17 अगस्त को नीग्रोस द्वीप में बैकोलॉड शहर में अज्ञात बंदूकधारियों ने कर दी थी। एक तरफ जहां अमन व शांति के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता रान्डौल एकानिस के अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया चल रही थी ठीक इसी दिन इस हत्या का मामला सामने आया है। एकानिस को आम तौर पर का रैंडी (Ka Randy) के रूप में जाना जाता है। इनकी हत्या राष्ट्रीय राजधानी के पास इसी परिस्थितियों में एक सप्ताह पहले की गई थी।

अल्वारेज़ नीग्रोस द्वीप हेल्थ इंटिग्रेटेड प्रोग्राम और ह्यूमन राइट्स कोलिशन कारापातन से जुड़े एक प्रमुख कार्यकर्ता थीं। उनकी गतिविधियां काफी हद तक नीग्रोस द्वीप के कृषि क्षेत्र में केंद्रित थी। इस द्वीप में रॉड्रिगो डुटर्टे के 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रेड यूनियनिस्टों और कार्यकर्ताओं पर सबसे हिंसक हमले हुए हैं।

अल्वारेज़ को पहले फिलीपींस नेशनल पुलिस ने फिलीपींस की बागी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीपी) से जुड़े आतंकी होने के निराधार आरोपों में हिरासत में रखा था।

वह 2018 में डुटर्टे प्रशासन द्वारा एक आधिकारिक आतंकी सूची में शामिल 600 से अधिक लोगों में से भी थें। व्यापक रूप से बदनाम करने वाले कार्यकर्ताओं के रूप में इसकी निंदा की गई थी। अदालत के आदेश के बाद इस सूची में केवल दो नामों को शामिल करने के लिए बड़े पैमाने पर संशोधन किया गया था।

सामाजिक आंदोलन के नेताओं, वामपंथी दलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन दो हत्याओं पर आवाज़ उठाई है। अपनी हत्या को लेकर कारापातन ने "गहरा दुःख और नाराज़गी" जाहिर करते हुए एक बयान जारी किया था।

कारापातन ने कहा, "हम ज़ारा, का रैंडी और न्यायेत्तर हत्याओं के सभी पीड़ितों के लिए न्याय पाने में कभी भरोसा नहीं करेंगे।"

एकानिस सीपीपी की राजनीतिक शाखा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) की शांति सलाहकार (Peace consultant ) थे। शांति सलाहकार राष्ट्रपति रोड्रिगो दुटेर्टे की सरकार के साथ शांति वार्ता में कम्युनिस्टों के प्रतिनिधि होते हैं। उनकी मृत्यु की परिस्थितियां एक अन्य एनडीएप शांति सलाहकार रैंडी मलायओ से मिलती जुलती थीं जिन्हें जनवरी 2019 में मार दिया गया था।

वामपंथी राजनीतिक दल बायान मुना (Bayan Muna) और मकाबायान गठबंधन ने उनकी मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है। इसने अल्वारेज़ की मौत की भी निंदा की है और उन्हें सरकार की "हिट लिस्ट" का शिकार बताया जिसमें उस अवैध आतंकवादी सूची का उल्लेख किया गया था जिसमें उनका नाम था।

Philippines
Peace advisor
Negros
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

फ़िलीपींस ने प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक शाखा को "आतंकवादी" घोषित किया

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?

फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए

दुनिया भर की : नेतन्याहू के जानेभर से इज़रायल भला नहीं बन जाएगा


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!
    04 Apr 2022
    आरएसएस-बीजेपी की मौजूदा राजनीतिक तैयारी को देखकर के अखिलेश यादव को मुसलमानों के साथ-साथ दलितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यादवों के कंधे पर डालनी चाहिए।
  • एम.ओबैद
    बिहारः बड़े-बड़े दावों के बावजूद भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम नीतीश सरकार
    04 Apr 2022
    समय-समय पर नीतीश सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलेरेंस नीति की बात करती रही है, लेकिन इसके उलट राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक:  ‘रोज़गार अभियान’ कब शुरू होगा सरकार जी!
    04 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा की थी। लेकिन बेरोज़गारी पर कोई बात नहीं कर रहा है।…
  • जगन्नाथ कुमार यादव
    नई शिक्षा नीति, सीयूसीईटी के ख़िलाफ़ छात्र-शिक्षकों ने खोला मोर्चा 
    04 Apr 2022
    बीते शुक्रवार को नई शिक्षा नीति (एनईपी ), हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (हेफ़ा), फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP),  सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) आदि के खिलाफ दिल्ली…
  • अनिल सिन्हा
    नेहरू म्यूज़ियम का नाम बदलनाः राष्ट्र की स्मृतियों के ख़िलाफ़ संघ परिवार का युद्ध
    04 Apr 2022
    सवाल उठता है कि क्या संघ परिवार की लड़ाई सिर्फ़ नेहरू से है? गहराई से देखें तो संघ परिवार देश के इतिहास की उन तमाम स्मृतियों से लड़ रहा है जो संस्कृति या विचारधारा की विविधता तथा लोकतंत्र के पक्ष में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License