NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
फ़ंडिंग के लिए आलोचना के बाद कॉर्पोरेट अमेरिका मतदान प्रतिबंध बिल के विरोध में सामने आया
मतदाताओं के अधिकार पर प्रतिबंध के लिए रिपब्लिकन के प्रोत्साहन के ख़िलाफ़ कई हफ़्तों तक एकजुट रहने के बाद अमेरिकी कॉरपोरेट्स को इस तरह के नियमों की चेतावनी देने के लिए मजबूर किया गया है। कई अब भी उनकी आलोचना की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
15 Apr 2021
फ़ंडिंग के लिए आलोचना के बाद कॉर्पोरेट अमेरिका मतदान प्रतिबंध बिल के विरोध में सामने आया

संयुक्त राज्य अमेरिका में जमीनी स्तर के संगठनों ने देश में मेगा- कॉर्पोरेशन को मतदान के अधिकारों को प्रतिबंधित करने के लिए रूढ़िवादी और दक्षिणपंथी प्रांतों के विधायकों के हालिया प्रयासों के ख़िलाफ़ बोलने को मजबूर किया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में सैकड़ों प्रमुख कॉर्पोरेशन का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों के एक समूह ने न्यूयॉर्क टाइम्स में 14 अप्रैल को "वी स्टैंड फॉर डेमोक्रेसी" शीर्षक के साथ एक खुला पत्र प्रकाशित कराया है। इस पर ट्विटर, अमेजन, उबर, नेटफ्लिक्स और माइक्रोसॉफ्ट जैसे कॉर्पोरेशन ने हस्ताक्षर किया है और इन सभी का समर्थन है।

इस बयान में कहा गया है, "हमें मतदान के अधिकार का बचाव करने और किसी भी भेदभावपूर्ण कानून या नियमों को प्रतिबंधित करने या किसी योग्य मतदाता को मतदान करने के लिए समान और निष्पक्ष अवसर होने से रोकने के लिए एक जिम्मेदारी महसूस करनी चाहिए।"

एमेक्स के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी केन चेनॉल्ट और मर्क के सीईओ केन फ्रैजियर के नेतृत्व में कॉर्पोरेट संस्थाओं और अधिकारियों का यह दूसरा बयान है। रिपब्लिकन के नियंत्रण वाले विधायिकाओं द्वारा प्रस्तावित राज्य कानूनों की चेतावनी देते हुए चेनॉल्ट और फ्रैज़ियर ने भी 72 अश्वेत अधिकारियों के इसी तरह के बयान का नेतृत्व किया।

जॉर्जिया प्रांत के बिल के मद्देनजर इस तरह के बयान आ रहे हैं जो एक विधेयक पारित कर रहा है जिसके तहत नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और जमीनी स्तर के संगठनों को मजदूर वर्ग और वंचित समुदायों के लिए मतदान करने की स्थिति सीमित हो जाएगी। पिछले कुछ महीनों से रिपब्लिकन पार्टी अन्य प्रमुख प्रांतों में इसी तरह के कानून पर जोर दे रही है जहां उसका विधायिका पर नियंत्रण है।

इस तरह के कानूनों के खिलाफ विरोध करते हुए नागरिक अधिकारों की वकालत करने वाले समूहों ने भी ऐसे कानूनों के समर्थन में विधायकों के लिए लाखों डॉलर की धनराशि देने के बाद ऐसे बयानों के पीछे की निष्ठा पर सवाल उठाया है।

फरवरी 2021 तक प्रस्तावित 245 मतदान प्रतिबंध बिलों का विश्लेषण करने वाले पब्लिक सिटीजन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार पाया गया कि कंपनियों ने इन बिलों का सार्वजनिक रुप से समर्थन करने वाले उम्मीदवारों और विधायकों को 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का दान दिया है।

जॉर्जिया में विवादास्पद कानून के पारित होने के बाद कोका-कोला और डेल्टा एयरलाइंस (राज्य के बाहर की दोनों कंपनियां) जैसी कंपनियों की इस कानून के लिए वकालत करने वाले विधायकों को हजारों डॉलर दान करने के लिए आलोचना की गई है।

America
Corporate America voting ban bill
america protest
USA

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: खूंटी के आदिवासी गांवों में ‘ड्रोन सर्वे’ को लेकर विरोध, प्रशासन के रवैये से तनाव
    31 Dec 2021
    एआईपीएफ़ की फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम ने झारखंड ग्रामीण विकास मंत्री को वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सौंपी।
  • Shaheen Bagh : Loktantra Ki Nai Karavat
    राज वाल्मीकि
    ‘शाहीन बाग़; लोकतंत्र की नई करवट’: एक नई इबारत लिखती किताब
    31 Dec 2021
    दिल्ली में पत्रकार भाषा सिंह की नई किताब ‘शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट’ का विमोचन और चर्चा। वक्ताओं ने कहा, "यह किताब एक ज़िन्दा दस्तावेज़ है, जो शाहीन बाग़ को हमेशा ज़िन्दा रखेगी।"
  • Drone warfare
    पीपल्स डिस्पैच
    ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही
    31 Dec 2021
    द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा हाल में अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिमी एशिया में 2014 के बाद से अमरीकी हवाई हमलों में मारे गए हजारों लोगों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई। यह रिपोर्ट रेखांकित करती है कि अब…
  • kisan
    विजय विनीत
    यूपीः धान ख़रीद को लेकर किसानों से घमासान के बाद हड़ताल पर गए क्रय केंद्र प्रभारी
    31 Dec 2021
    चंदौली इलाक़े में धान ही इकोनॉमी का केंद्रबिंदु भी है। सरप्लस उपज के बावजूद इस पूरे इलाक़े में सरकार वैसी ख़रीद नहीं कर पा रही और न ही किसानों को एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है।
  • tabrej
    ज़ाकिर अली त्यागी
    झारखंड : मॉब लिंचिंग क़ानून के बारे में क्या सोचते हैं पीड़ितों के परिवार?
    31 Dec 2021
    झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मॉब लिंचिंग पर लगाम कसने के लिए  'भीड़ हिंसा एवं भीड़ लिंचिंग निवारण विधेयक'क़ानून 21 दिसंबर को सदन से पास करवा लिया है। इस नए क़ानून से मॉब लिंचिंग के पीड़ित व्यक्तियों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License