NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पुदुचेरी चुनाव: भाजपा पर मतदाताओं को रिश्वत देने और लंबे-चौड़े वादे करने का आरोप
केंद्र शासित प्रदेश पुड्डूचेरी में जहां कुल 81.55% मतदान हुआ है, वहां कांग्रेस ने सारी उम्मीदें अपने पारंपरिक मतदाता-आधार पर लगा रखी हैं। 
नीलाम्बरन ए
09 Apr 2021
पुदुचेरी चुनाव: भाजपा पर मतदाताओं को रिश्वत देने और लंबे-चौड़े वादे करने का आरोप

6 अप्रैल को केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में विधानसभा की 30 सीटों के लिए हुए एकल चरण के मतदान के लिए मतदाता भारी दादाद में निकलकर आए। अंतिम मतदान की सूची यहाँ पर 81.55% रही है। स्थानीय कांग्रेस सरकार को अपदस्थ करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस केंद्र शासित प्रदेश में अपनी घुसपैठ बनाने के लिए बेचैन है।

पार्टी की चुनावी रणनीति मुख्यतया प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा इस क्षेत्र के विकास को लेकर केंद्र से भरपूर सहयोग के वादों पर आधारित थी।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) एवं विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची (वीसीके) गठबंधन को उम्मीद है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को सत्ता से दूर रख पाने में सफल रहेगा। हालाँकि, चुनाव-पूर्व सर्वेक्षणों में एनडीए के लिए बेहतर स्थिति में रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है, जिसमें भाजपा के साथ आल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) और आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) सहयोगी दल शामिल हैं।

विकास को लेकर एनडीए के वायदे 

हमेशा की तरह यहाँ पर भी भाजपा ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो इस केंद्र शासित प्रदेश में विकास और रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। पीएम और गृह मंत्री ने अपने दौरों के दौरान वादों की झड़ी लगा दी थी। 30 मार्च को अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनडीए पुड्डुचेरी को ‘बेस्ट’’-“व्यवसाय, शिक्षा, अध्यात्म एवं पर्यटन” बनाने के लिए काम करेगा।

फ्रंटलाइन पत्रिका के सह-संपादक आर.के. राधाकृष्णन ने न्यूज़क्लिक को बताया: “ऐसा कोई भी प्रमाण समूचे देश भर में नहीं मिलता, जहाँ पर भाजपा सत्ता में आई हो या लंबे समय से शासन में रही हो और वहां के लोगों की जीवन में कोई बेहतरी देखने को मिली हो। पार्टी द्वारा इस केंद्र शासित क्षेत्र में एकल अंक वाले लाटरी टिकट बेचने वालों से लेकर शराब उद्योग से जुड़े लोगों तक को टिकट बांटा गया है। इन वादों के पूरा होने की कोई संभावना नजर नहीं आती, क्योंकि ये लोग तो सिर्फ अपने धंधों को बचाने की फ़िराक में हैं।”

राधाकृष्णन आगे कहते हैं “इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए, पुड्डुचेरी को पर्यटन केंद्र से आध्यात्मिक शहर में तब्दील करने के आरएसएस के एजेंडा के ही साकार होने की संभावना नजर आ रही है।”

चुनाव अभियान के दौरान अपने भाषण में गृहमंत्री अमित शाह ने भी वादा किया था कि ‘पुड्डुचेरी को भारत का रत्न’ बनायेंगे। भाजपा नेताओं ने बेरोजगारी की दर को 40% से कम करने का वादा भी किया है, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी इनके चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया गया था। कोरोनावायरस महामारी के दौरान अप्रैल 2020 में, पुड्डुचेरी में बेरोजगारी की दर असामान्य रूप से 75.8% के स्तर तक बढ़ गई थी।

डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (डीवाईएफआई) की पुड्डुचेरी ईकाई के अध्यक्ष ए. आनंद के अनुसार “भाजपा बड़े-बड़े और झूठे वादे करने के लिए मशहूर है। पुड्डुचेरी में दो लाख नौजवान रोजगार के लिए पंजीकृत हैं। केंद्र में आसीन भाजपा सरकार ने पिछले पांच वर्षों से नियुक्तियों पर रोक लगा रखी है। उनके ये वादे सिर्फ चुनावी जुमले हैं, और इसके सिवाय कुछ नहीं है।”

 ‘28 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट के बदले में कैश की शिकायतें’

गठबंधन के भीतर भाजपा अपना दबाव बनाती जा रही है, और एआईएनआरसी को एनडीए में शामिल होने के मजबूर कर रही है, जबकि एआईएडीएमके के पास गठबंधन में शामिल होने के अलावा कोई चारा नहीं था। यहाँ पर एआईएडीएमके एक जूनियर पार्टनर की हैसियत तक सिमट कर रह गई है, जिसे मात्र पांच सीटें आवंटित की गई थीं। वहीं भाजपा ने नौ निर्वाचन क्षेत्रों से अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जबकि 2016 के चुनावी मुकाबले में इसकी 30 निर्वाचन क्षेत्रों में से 29 में जमानत जब्त हो गई थी।

भाजपा हमेशा से यह आरोप लगाती आई है कि द्रविड़ पार्टियाँ मतदाताओं को रिझाने के लिए रिश्वत देते रहे हैं, और अपने चुनावी घोषणापत्रों में मुफ्त में चीजें बाँटने की घोषणायें करते आये हैं। हालाँकि, इस बार यह खुद गलती करते पकड़ा गया, जब इसके थिरुनलार निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार राजशेखरन पर महिलाओं को सोने के सिक्के और पुरुष मतदाताओं को 2,000 रूपये नकद बांटने का आरोप लगाया गया था। चुनाव आयोग ने कथित तौर पर इस उम्मीदवार के सहयोगियों के पास से इस प्रकार के 149 सोने के सिक्के और 96,000 रूपये नकद जब्त किये थे।

राधाकृष्णन आरोप लगाते हुए कहते हैं “खबर है कि 30 निर्वाचन क्षेत्रों में से 28 में पैसे बंटवाये गए थे। मतदान से पहले 2,000 रूपये का भुगतान किया गया था, और 2 मई को चुनाव परिणाम के बाद एक फिर से 1,000 रूपये दिए जाने का वादा किया गया था। नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले सोने के सिक्के जब्त किये गए थे, लेकिन ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग, तमिलनाडु में इस पर भारी हंगामा और चिल्ल-पों मचाने के बाद पुड्डुचेरी में पूरी तरह से खामोश हो गया है।”

‘चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को जबरन थोपा जा रहा है?’

अधिकांश चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में एनडीए की जीत की भविष्यवाणी की गई है, लेकिन राधाकृष्णन को लगता है कि “चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के जरिये भाजपा के पक्ष में जमीन तैयार की गई है।”

इस बारे में राधाकृष्णन का कहना है “चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में भारी जीत का पूर्वानुमान लगाना पूरी तरह से अकल्पनीय है। लोगों की मानसिक संरचना में 180 डिग्री तक का बदलाव लाने के लिए भाजपा ने जमीन पर ऐसा कुछ भी नहीं किया है।”

भाजपा ने बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया अभियान जारी किया था, जिसपर मद्रास हाई कोर्ट ने भारत के चुनाव आयोग को नागरिकों की गोपनीयता भंग करने के मामले में जांच का आदेश दिया है। 

आनंद ने बताया “डीवाईएफआई की तरफ से हमने भाजपा द्वारा डेटा चोरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अदालत ने चुनाव को स्थगित करने से इंकार कर दिया, लेकिन संबंधित अधिकारियों को इस मामले की विस्तृत जांच करने के बाद वापस रिपोर्ट करने के आदेश दिए हैं।”

पिछले विधानसभा में भाजपा के तीन मनोनीत सदस्य थे, जबकि डीएमके और कांग्रेस ने इस केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 58 वर्षों तक शासन किया है। वहीं एआईएडीएमके 1.5 वर्षों तक सत्ता पर काबिज रही। एआईएनआरसी ने भी पांच साल तक सत्ता संभाली है। सत्ता में अपनी वापसी के लिए कांग्रेस अपने परंपरागत मतदाताओं के भरोसे है। हालाँकि, पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणस्वामी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, जिसके चलते कांग्रेसी खेमे के भीतर माहौल फीका है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Puducherry Elections: Desperate BJP Allegedly Bribes Voters, Makes Huge Promises

Puducherry Elections
BJP
AINRC
Congress loses Power in Puducherry
DMK
BJP Bribe Voters
Data Breach by BJP
DYFI
N Rangaswamy
BJP Promises Employment in Puducherry

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License