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सऊदी अरब : ‘तख्तापलट की साज़िश’ के आरोप में तीन राजकुमार हिरासत में 
शाही गार्ड ने शाह सलमान के भाई राजकुमार अहमद बिन अब्दुल अजीज अल-सउद और भतीजे राजकुमार मोहम्मद बिन नयेफ को शुक्रवार तड़के उनके घर से हिरासत में ले लिया। उन पर राजद्रोह का आरोप है। 
एएफपी
07 Mar 2020
सऊदी अरब

रियाद : सऊदी अरब के अधिकारियों ने शाही परिवार के दो बड़े राजकुमारों समेत तीन सदस्यों को तख्तापलट की साजिश के आरोपों में हिरासत में लिया है। इसके साथ ही देश के शक्तिशाली राजकुमार (क्राउन प्रिंस) ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है।

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि शाही गार्ड ने शाह सलमान के भाई राजकुमार अहमद बिन अब्दुल अजीज अल-सउद और भतीजे राजकुमार मोहम्मद बिन नयेफ को शुक्रवार तड़के उनके घर से हिरासत में ले लिया। उन पर राजद्रोह का आरोप है। 

समाचार पत्र ने बताया कि सऊदी अरब की अदालत ने कभी सत्ता के संभावित दावेदार रहे दो लोगों पर ‘‘शाह तथा क्राउन प्रिंस को हटाने के लिए तख्तापलट करने की साजिश’’ रचने का आरोप लगाया तथा उन्हें ताउम्र कैद या मौत की सजा सुनाई जा सकती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी हिरासत में लिए जाने की खबर देते हुए बताया कि राजकुमार नयेफ के छोटे भाई राजकुमार नवाफ बिन नयेफ को भी हिरासत में लिया गया है।

सऊदी अरब के अधिकारियों ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

इससे पहले क्राउन प्रिंस मोहम्मन बिन सलमान ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए प्रतिष्ठित मौलवियों और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजकुमारों और कारोबारियों को जेल में डाला था।

शाह के बेटे प्रिंस मोहम्मद ने इस्तांबुल दूतावास में अक्टूबर 2018 में आलोचक जमाल खशोगी की हत्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना का भी सामना किया।

मुल्क के रक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था तक सभी बड़े मामलों को देखने वाले वास्तविक नेता के तौर पर देखे जा रहे क्राउन प्रिंस अपने 84 वर्षीय पिता शाह सलमान से औपचारिक रूप से सत्ता के हस्तांतरण से पहले आंतरिक असंतोष को खत्म करने की राह पर दिख रहे हैं। 

अमेरिका स्थित आरएएनडी कोरपोरेशन में नीति विश्लेषक बेका वासेर ने कहा, ‘‘ प्रिंस मोहम्मद ने पहले ही अपनी राह में आने वाले खतरों को हटा दिया है और अपनी सत्ता के आलोचकों को जेल भेज दिया या उनकी हत्या करा दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की ओर एक कदम है और साथ ही शाही परिवार के सदस्यों समेत किसी के लिए भी संदेश है कि उनको हटाने की हिम्मत न करें।’’

राजकुमार अहमद, खशोगी की हत्या के बाद लंदन से सऊदी अरब लौटे थे जिसे कुछ लोगों ने राजतंत्र के लिए समर्थन जुटाने के प्रयास के तौर पर देखा।

जून 2017 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पूर्व क्राउन प्रिंस नयेफ को दरकिनार करते हुए अरब देश की सत्ता पर कब्जा जमाया था। 
उस समय खाड़ी देश के टेलीविजन चैनलों ने प्रिंस मोहम्मद को पूर्व प्रिंस का हाथ चूमते हुए और उनके सम्मान में घुटनों के बल बैठते हुए दिखाया था।

बाद में पश्चिमी मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि अपदस्थ प्रिंस को घर में नजरबंद कर दिया गया है। हालांकि सऊदी अरब के अधिकारियों ने इस दावे का खंडन किया था।

हिरासत में लेने की यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब सऊदी अरब ने कोरोना वायरस के डर से मुस्लिम जायरीनों को इस्लाम के पवित्र स्थल की यात्रा करने से रोक दिया है।

सऊदी अरब ने मक्का और मदीना में इस बीमारी के फैलने के डर से ‘उमरा’ स्थगित कर दिया है जिससे आगामी हज यात्रा पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

तेल संपन्न सऊदी अरब कच्चे तेल की गिरती कीमतों से भी जूझ रहा है जो उसके राजस्व का मुख्य स्रोत है।

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