NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी अरब : ‘तख्तापलट की साज़िश’ के आरोप में तीन राजकुमार हिरासत में 
शाही गार्ड ने शाह सलमान के भाई राजकुमार अहमद बिन अब्दुल अजीज अल-सउद और भतीजे राजकुमार मोहम्मद बिन नयेफ को शुक्रवार तड़के उनके घर से हिरासत में ले लिया। उन पर राजद्रोह का आरोप है। 
एएफपी
07 Mar 2020
सऊदी अरब

रियाद : सऊदी अरब के अधिकारियों ने शाही परिवार के दो बड़े राजकुमारों समेत तीन सदस्यों को तख्तापलट की साजिश के आरोपों में हिरासत में लिया है। इसके साथ ही देश के शक्तिशाली राजकुमार (क्राउन प्रिंस) ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है।

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि शाही गार्ड ने शाह सलमान के भाई राजकुमार अहमद बिन अब्दुल अजीज अल-सउद और भतीजे राजकुमार मोहम्मद बिन नयेफ को शुक्रवार तड़के उनके घर से हिरासत में ले लिया। उन पर राजद्रोह का आरोप है। 

समाचार पत्र ने बताया कि सऊदी अरब की अदालत ने कभी सत्ता के संभावित दावेदार रहे दो लोगों पर ‘‘शाह तथा क्राउन प्रिंस को हटाने के लिए तख्तापलट करने की साजिश’’ रचने का आरोप लगाया तथा उन्हें ताउम्र कैद या मौत की सजा सुनाई जा सकती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी हिरासत में लिए जाने की खबर देते हुए बताया कि राजकुमार नयेफ के छोटे भाई राजकुमार नवाफ बिन नयेफ को भी हिरासत में लिया गया है।

सऊदी अरब के अधिकारियों ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

इससे पहले क्राउन प्रिंस मोहम्मन बिन सलमान ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए प्रतिष्ठित मौलवियों और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजकुमारों और कारोबारियों को जेल में डाला था।

शाह के बेटे प्रिंस मोहम्मद ने इस्तांबुल दूतावास में अक्टूबर 2018 में आलोचक जमाल खशोगी की हत्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना का भी सामना किया।

मुल्क के रक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था तक सभी बड़े मामलों को देखने वाले वास्तविक नेता के तौर पर देखे जा रहे क्राउन प्रिंस अपने 84 वर्षीय पिता शाह सलमान से औपचारिक रूप से सत्ता के हस्तांतरण से पहले आंतरिक असंतोष को खत्म करने की राह पर दिख रहे हैं। 

अमेरिका स्थित आरएएनडी कोरपोरेशन में नीति विश्लेषक बेका वासेर ने कहा, ‘‘ प्रिंस मोहम्मद ने पहले ही अपनी राह में आने वाले खतरों को हटा दिया है और अपनी सत्ता के आलोचकों को जेल भेज दिया या उनकी हत्या करा दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की ओर एक कदम है और साथ ही शाही परिवार के सदस्यों समेत किसी के लिए भी संदेश है कि उनको हटाने की हिम्मत न करें।’’

राजकुमार अहमद, खशोगी की हत्या के बाद लंदन से सऊदी अरब लौटे थे जिसे कुछ लोगों ने राजतंत्र के लिए समर्थन जुटाने के प्रयास के तौर पर देखा।

जून 2017 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पूर्व क्राउन प्रिंस नयेफ को दरकिनार करते हुए अरब देश की सत्ता पर कब्जा जमाया था। 
उस समय खाड़ी देश के टेलीविजन चैनलों ने प्रिंस मोहम्मद को पूर्व प्रिंस का हाथ चूमते हुए और उनके सम्मान में घुटनों के बल बैठते हुए दिखाया था।

बाद में पश्चिमी मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि अपदस्थ प्रिंस को घर में नजरबंद कर दिया गया है। हालांकि सऊदी अरब के अधिकारियों ने इस दावे का खंडन किया था।

हिरासत में लेने की यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब सऊदी अरब ने कोरोना वायरस के डर से मुस्लिम जायरीनों को इस्लाम के पवित्र स्थल की यात्रा करने से रोक दिया है।

सऊदी अरब ने मक्का और मदीना में इस बीमारी के फैलने के डर से ‘उमरा’ स्थगित कर दिया है जिससे आगामी हज यात्रा पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

तेल संपन्न सऊदी अरब कच्चे तेल की गिरती कीमतों से भी जूझ रहा है जो उसके राजस्व का मुख्य स्रोत है।

International news
Saudi Arabia
Royal Family
Arrested
Sedition

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

किसकी मीडिया आज़ादी?  किसका मीडिया फ़रमान?

बुलडोज़र की राजनीति, ज्ञानवापी प्रकरण और राजद्रोह कानून

राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट: घोर अंधकार में रौशनी की किरण

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत


बाकी खबरें

  • Farmers
    भारत डोगरा
    किसानों की मांगें सही हैं: खाद्य क्षेत्र पर कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ता जा रहा है
    04 Oct 2021
    पोषक तत्वों का संचार करना कृषि और खाद्य क्षेत्र पर कंपनियों के बढ़ते प्रभाव का एक और संकेत है। इससे उपभोक्ताओं और कृषकों को नुकसान पहुंचेगा।
  • Purvanchal in protest against Lakhimpur incident
    विजय विनीत
    लखीमपुर कांड के विरोध में पश्चिमी से लेकर पूर्वांचल तक आंदोलन, धरना-प्रदर्शन
    04 Oct 2021
    पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में संयुक्त किसान मोर्चा जमकर प्रदर्शन किया। किसानों को उपद्रवी करार देने पर बनारस से निकलने वाले अखबार की प्रतियां भी फूंकी। मोदी के गोद लिए गांव नागेपुर…
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों में आक्रोश, प्रियंका अखिलेश का हल्लाबोल
    04 Oct 2021
    'न्यूज चक्र' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, लखीमपुर खीरी में हुई 4 किसानों की हत्या पर बात कर रहे हैं, साथ ही बीजेपी के नेताओं के द्वारा किसानों के प्रति हिंसा के लिए उकसाए जाने और…
  • Analysing India’s Climate Change Policy
    सिद्धार्थ चतुर्वेदी
    भारत की जलवायु परिवर्तन नीति का विश्लेषण
    04 Oct 2021
    भारत की जलवायु परिवर्तन नीति की शुरुआत 2008 से मानी जा सकती है, जब जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री की परिषद (परिषद) द्वारा जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) की घोषणा की गई थी। 
  • Rakesh Tikait
    असद रिज़वी
    लखीमपुर कांड: किसानों के साथ विपक्ष भी उतरा सड़कों पर, सरकार बैकफुट पर आई, न्यायिक जांच और एफआईआर की शर्त पर समझौता
    04 Oct 2021
    कई घंटे चली बातचीत के बाद किसान नेता राकेश टिकैत की मौजूदगी में सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 45 लाख के मुआवजे के अलावा घटना की “न्यायिक जांच” और 8 दिन में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License