NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी अरब ने कतर की हवाई, ज़मीनी और समुद्री नाकेबंदी हटाने का फ़ैसला किया
दोनों पक्षों के बीच तनाव के साढ़े तीन साल से अधिक अंतराल के बाद क़तर के अमीर भी सऊदी अरब में आयोजित जीसीसी शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
05 Jan 2021
सऊदी अरब और कतर के बीच अबू समरा सीमा [सोरिन फुरसोई / अल जज़ीरा]
सऊदी अरब और कतर के बीच अबू समरा सीमा [सोरिन फुरसोई / अल जज़ीरा]

पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्रगति हुई है। सऊदी अरब ने अपने खाड़ी पड़ोसी देश क़तर पर साढ़े तीन साल से अधिक समय तक लगाए गए हवाई, जमीनी और समुद्री नाकेबंदी को हटाने का फैसला किया है। खाड़ी सहयोग परिषद के कुछ सदस्य देशों ने भी इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। इन देशों ने कतर पर कई राजनीतिक तथा वैचारिक कारणों का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगाया था। कई मीडिया संस्थानों ने 4 जनवरी ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया।

इससे जुड़ी अन्य संबंधित प्रगति जिसे कूटनीतिक दरार को सुलझाने और दोनों पक्षों के बीच और सभी के लिए व्यापक क्षेत्रीय विवाद को समाप्त करने के लिए एक अन्य कदम के रूप में देखा जा रहा है वह ये है कि कतर के अमीर शेख तमीम बिन असद अल थानी खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं। कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की सहित कई देशों के सरकारी अधिकारियों ने इस प्रगति का स्वागत किया।

ये क्षेत्रीय संकट जून 2017 में उस समय शुरू हुआ था जब सऊदी अरब, मिस्र, यूएई और बहरीन ने कतर पर अचानक हवाई, जमीनी और समुद्री नाकाबंदी लगा दी थी। इन देशों ने कतर पर अपने मुख्य क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी ईरान के करीब होने का आरोप लगाया था और आरोप लगाया था कि यह विभिन्न क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक आंदोलनों को वित्त पोषित कर रहा है जिसे सऊदी के नेतृत्व वाले देशों के समूह ने 'चरमपंथी' और 'कट्टरपंथी' माना जिसे वे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा मानते थे। उन्होंने कतर के सामने कई मांगें रखीं जिसमें यह मांग भी शामिल थी कि वह जीसीसी देशों के साथ संबंध स्थापित करने के बदले में कतर की वित्त पोषित अल जज़ीरा समाचार नेटवर्क को बंद करे, ईरान के साथ राजनयिक संबंधों को समाप्त करे और देश में तुर्की के सैन्य उपस्थिति को समाप्त करे।

कतर ने स्पष्ट रूप से और जोरदार तरीके से इसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को बार-बार नकार दिया और इसे 'अनुचित' बताया। इसने ब्लॉक करने वाले देशों द्वारा की गई मांगों को पूरा करने और सरेंडर करने से भी इनकार कर दिया जिससे रिश्तों में वर्षों तक गतिरोध बना रहा।

Saudi Arab
Qatar
GCC Summit
UAE

Related Stories

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

यमन में युद्ध अपराध की जांच कर रहे यूएन इंवेस्टिगेटर की जासूसी के लिए सऊदी ने किया पेगासस का इस्तेमाल

AUKUS के विश्वासघात के ख़िलाफ़ मैक्रोन का बदला

ज़ी न्यूज़ के संपादक को UAE ने अपने देश में आने से रोका

दो क्वाडों की कथा

ब्लिंकन के 'इंडो-अब्राहमिक समझौते' का हुआ खुलासा

यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है

फ़ारस की खाड़ी में बाइडेन की नीति


बाकी खबरें

  • budget
    अजय कुमार
    बजट के नाम पर पेश किए गए सरकारी भंवर जाल में किसानों और बेरोज़गारों के लिए कुछ भी नहीं!
    01 Feb 2022
    बजट हिसाब किताब का मामला होता है। लेकिन भाजपा के काल में यह भंवर जाल बन गया है। बजट भाषण में सब कुछ होता है केवल बजट नहीं होता।
  • nirmla sitaraman
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बजट में अगले 25 साल के लिये अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार: सीतारमण
    01 Feb 2022
    आमजन ख़ासकर युवा को नए आम बजट में न अपना वर्तमान दिख रहा है, न भविष्य, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि केंद्रीय बजट ने समग्र और भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ अगले 25 साल के लिये…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बजट में मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात और युवाओं की जीविका पर प्रहार: विपक्ष 
    01 Feb 2022
    “सरकार ने देश के वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग को राहत नहीं देकर उनके साथ ‘विश्वासघात’ और युवाओं की जीविका पर ‘आपराधिक प्रहार’ किया है।”
  • kanpur
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: ' बर्बाद होता कानपुर का चमड़ा उद्योग'
    01 Feb 2022
    अपने चमड़े के कारोबार से कानपुर का नाम पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन आज चमड़ा फैक्ट्री अपने पतन की ओर है। चमड़ा व्यापारियों का कहना है कि इसका एक बड़ा कारण सरकार द्वारा गंगा नदी के प्रदूषण का हवाला…
  • varansi weavers
    दित्सा भट्टाचार्य
    यूपी: महामारी ने बुनकरों किया तबाह, छिने रोज़गार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद! 
    01 Feb 2022
    इस नए अध्ययन के अनुसार- केंद्र सरकार की बहुप्रचारित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) जैसी योजनाओं तक भी बुनकरों की पहुंच नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License