NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
सिंघू बॉर्डर: लंबी लड़ाई को तैयार किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना किया शुरू
सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल पर साजो-सामान का प्रबंधन देखने वाले दीप खत्री ने कहा, ‘‘ हम लंबे समय तक प्रदर्शन करने के लिए अपनी संचार-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे मजबूत कर रहे हैं।’’
भाषा
11 Feb 2021
सिंघू बॉर्डर: लंबी लड़ाई को तैयार किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना किया शुरू

नयी दिल्ली: केन्द्र के नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी गतिरोध के जल्द समाप्त ना होने की संभावना के बीच दिल्ली से लगे सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने लंबी लड़ाई के लिए प्रदर्शन स्थल पर बुनियादी ढ़ांचे मजबूत करने शुरू कर दिए हैं।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के तीन कानूनों को वापस लेने और उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई है।

सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल पर साजो-सामान का प्रबंधन देखने वाले दीप खत्री ने कहा, ‘‘ हम लंबे समय तक प्रदर्शन करने के लिए अपनी संचार-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे मजबूत कर रहे हैं।’’

मोर्चा मुख्य मंच के पास और जीटी करनाल रोड पर प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है।

खत्री ने कहा, ‘‘ हम कैमरों की फुटेज देखने और यहां होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मुख्य मंच के पीछे एक नियंत्रण कक्ष भी तैयार कर रहे हैं, क्योंकि हर दिन यहां ढेर सारे लोग आते-जाते हैं।’’

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन स्थल के आसपास गश्त लगाने, यातायात नियंत्रित करने और रात में पहरा देने के लिए 600 स्वयंसेवकों का एक दल गठित किया गया है। इन स्वयंसेवकों को आसानी से पहचान में आने वाली हरे रंग की जैकेट और पहचान पत्र (आईडी) दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 700-800 मीटर की दूरी पर अहम स्थानों पर 10 एलसीडी स्क्रीन लगाने का काम भी जारी है, ताकि प्रदर्शन कर रहे किसान मुख्य मंच पर अपने नेताओं के भाषणों का सुन पाएं और अन्य गतिविधियों को देख सकें।

खत्री ने कहा, ‘‘ हम इन स्थानों का इस्तेमाल एम्बुलेंस के ‘पिट स्टॉप’ के तौर पर भी करेंगे और किसी भी आपात स्थित में स्वयंसेवकों के दल यातायात प्रबंधक, गश्ती दलों की मदद करेंगे।’’

खत्री ने कहा कि सरकार द्वारा इंटरनेट बंद करने की स्थिति में मोर्चा अलग ‘ऑपटिकल फाइबर लाइन’ की सेवाएं लेगा, ताकि ‘वाईफाई’ उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने बताया कि गर्मी का मौसम आने के मद्देनजर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा मुख्य मंच के पास ‘इलेक्ट्रिक फैन’ और ‘एसी’ भी लगवाए जा रहे हैं और अन्य सेवाएं भी बेहतर की जा रही हैं।

सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि वे महीनों तक प्रदर्शन करने को तैयार हैं और इसके लिए लोगों तथा संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

पंजाब के मोगा के निवासी रंजीत सिंह ने कहा, ‘‘ लंगर हमारी संस्कृति का हिस्सा है, इसलिए खाने की कोई समस्या नहीं है। कई किसान यहां आते हैं, कई दिनों तक यहां रहते हैं और फिर वापस अपने गांव जाकर खेतों में काम करते हैं... तब तक अन्य किसान हमारा साथ देने यहां आ जाते हैं। ऐसे ही चल रहा है और किसानों की कोई कमी नहीं है।’’

दिल्ली से लगे गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा था कि किसान आंदोलन लंबा चलने वाला है और आने वाले दिनों में यह देशभर में फैलेगा।

नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर गत वर्ष नवम्बर से डटे हुए हैं।

सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच अभी तक 11 दौर की बैठकें बेनतीजा रही है।

टिकैत ने बुधवार को कहा था कि सरकार को मुद्दे का समाधान तलाशने के लिए किसान नेताओं से बात करनी चाहिए।

Singhu Border
farmers protest
Farm Bills
Kisan Ekta Morcha
Samyukt Kisan Morcha

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

1982 की गौरवशाली संयुक्त हड़ताल के 40 वर्ष: वर्तमान में मेहनतकश वर्ग की एकता का महत्व

किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2 लाख से ज़्यादा नए मामले, 959 मरीज़ों की मौत
    31 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,09,918 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 13 लाख 2 हज़ार 440 हो गयी है।
  • Environment
    टिकेंदर सिंह पंवार
    कॉर्पोरेट के फ़ायदे के लिए पर्यावरण को बर्बाद कर रही है सरकार
    31 Jan 2022
    कई परियोजनाओं को बहुत तेज़ी से पर्यावरण मंज़ूरी दी जा रही है।
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो
    30 Jan 2022
    लोककवि रसूल मियां (1872-1952), गांव- जिगना मजार टोला, जिला- गोपालगंज, बिहार। कविता कोश के परिचय के अनुसार भोजपुरी के शेक्सपियर नाम से चर्चित भिखारी ठाकुर, नाच या नौटंकी की जिस परम्परा के लोक कलाकार…
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक टीम
    महात्मा गाँधी, सावरकर और गोडसे
    30 Jan 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन बात करते हैं इतिहासकार अशोक पांडे से। 30 जनवरी को गाँधी जी की हत्या कर दी गयी थी। ये दोनों गाँधी, सावरकर और गोडसे के बारे में चर्चा करते हैं और…
  • Buddhadev
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे पीछे: बुद्धदेब बाबू को पद्मभूषण क्यों? पेगासस पर फंस गई सरकार और अन्य
    30 Jan 2022
    'ख़बरों के आगे-पीछे' के इस अंश में बीते हफ़्ते ख़बरों की दुनिया में क्या कुछ हुआ, इस पर राय रख रहे हैं अनिल जैन।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License