NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव
भीमा नदी के जल से सिंचित/ चाँदनी के फूल… / वे इनकार करना चाहते हैं इस्तेमाल होने से/ पैरों में बिछने से, गले का हार बनने से/ और बिस्तर पर बिछाये जाने से।
न्यूज़क्लिक डेस्क
29 May 2022
Bhima Koregaon

आज जब भीमा कोरेगाँव को देशद्रोह का प्रतीक बनाया जा रहा है। उसकी बात करने वाले मानवाधिकार और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया है। ऐसे में कवि, कहानीकार, समीक्षक  उषा राय बेबाक और बेख़ौफ़ अंदाज़ में पुरज़ोर आवाज़ में कहती हैं— भीमा कोरे गाँव देशद्रोह नहीं/ कोई घाव नहीं बिच्छू का कर्म नहीं/ यह मनुष्यता के सम्मान का स्वरूप है...

आइए इतवार की कविता में पढ़ते हैं उषा राय की यह कविता—

 

भीमा कोरेगाँव


जब तारों की जोत सारे गाँव को
अपने सुकून की चादर ओढ़ा देती
तब अपवित्रता की सींक में बिधे लोग
अपने लम्बे खरहर को देखते-
जिससे चोट खा-खा उनकी
पीठ और कमर में घट्ठे पड़ गए थे
वे ठंढी निगाहों से
उस हंडिया की ओर देखते
जो दिन भर उनके गले में लटकी रहती
 
वे सोचते कि आज उन्होंने धरती को
बचा लिया अपने अछूत पग धूलि से
और अपने थूक को गिरने से
आज उन्होंने बचा लिया किसी
तिलकधारी को कुपित
होने से उसके शाप से
पर ऐसा कोई दिन नहीं होता
वे सोचते और थक कर सो जाते।

भीमा नदी के जल से सिंचित
चाँदनी के फूल
सैकड़ों की संख्या में खिलते हैं
उस गाँव के लोग नहीं चाहते
कि जहाँ गेंदा गुलाब
और सुगंधित फूल भेजे जाते हैं
वहाँ पर ये चांदनी के फूल भेजे जाएं ...
वे इनकार करना चाहते हैं इस्तेमाल होने से,
पैरों में बिछने से, गले का हार बनने से
और बिस्तर पर बिछाये जाने से
उत्सवों में खाना बनाने-
परोसने में अर्धनग्न अपनी
बेटियों बहुओं के
वहाँ रहने की बाध्यता से

वे परेशान रहते कि  
आत्म सम्मान को कैसे बचाएँ
क्या करें अपने साहस का जो भीतर ही
भीतर उबलता है और उकसाता रहता है।
कोई राहगीर आता तो
पूछते कि अपने अपमान क्या करें
क्या जवाब दें
उस भोली मुस्कान के सवाल का
कि आखिर हम पैदा ही क्यों हो रहें हैं  
 उनमें से कोई बता जाता कि
इस जाति के अनेक कोटियाँ हैं
जिनका रोम-रोम अभाव, अपमान ,उपेक्षा
और झाड़ू की तीलियों से बिंधा हुआ है

चाँदनी के फूल और महारों को
जितना तोड़ा जाता वे खिलते जाते
अब उन्हें अपनी कमजोरियां
मुँह चिढ़ाने लगी थीं
और उनकी अस्मिता के
ठीक सामने खड़ा था ब्राह्मणवाद !

खंडित अस्मिताएँ सीधे- सीधे
चुनौती देती रही हैं इस देश में
और शुद्रों ने भी राज किया है !

आत्म सम्मान से लबरेज
लोगों ने लिखा अपना घोषणा पत्र

एक जनवरी अठारह सौ अठारह का दिन
जब लोगों ने वर्ण-जाति-पितृ सत्तात्मक
ब्राहमणवाद को नकार दिया था

जब मुक्ति की तीव्र आकांक्षा ने
दस्तक दी तब एक जनवरी आई
जब एक जनवरी आई तभी
अठारह सौ सत्तावन के क्रांति की राह बनी

अपने समय के सबसे बड़े सवाल का
जवाब दिया भीमा कोरे गाँव के निवासियों ने

भीमा कोरे गाँव देशद्रोह नहीं
कोई घाव नहीं बिच्छू का कर्म नहीं
यह मनुष्यता के सम्मान का स्वरूप है,
भीमा कोरे गाँव नये भारत का प्रारूप है।

 

-    उषा राय 

शिक्षक, कवि, कहानीकार, समीक्षक 

लखनऊ 

ईमेल : usharai22@gmial.com

Sunday Poem
Hindi poem
Bhima Koregaon
Bhima Koregaon activists
कविता
हिन्दी कविता
इतवार की कविता

Related Stories

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है

इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो

इतवार की कविता: सभी से पूछता हूं मैं… मुहब्बत काम आएगी कि झगड़े काम आएंगे

इतवार की कविता : 'आसमान में धान जमेगा!'

इतवार की कविता: इस साल भी !


बाकी खबरें

  • शुक्रवार की नमाज़ के विवाद में आरएसएस की भूमिका, विपक्षी दलों की चुप्पी पर पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब के विचार
    एजाज़ अशरफ़
    शुक्रवार की नमाज़ के विवाद में आरएसएस की भूमिका, विपक्षी दलों की चुप्पी पर पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब के विचार
    22 Dec 2021
    अदीब का कहना है कि उन्होंने जिन 18 पार्टियों से संपर्क साधा था,उनमें से महज़ तीन पार्टियों ने गुरुग्राम में शुक्रवार की प्रार्थना के मुद्दे पर समर्थन के सिलसिले में उनके आह्वान का जवाब दिया। उनकी यह…
  • covid
    डी रघुनंदन
    क्या बूस्टर खुराक पर चर्चा वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर रही है?
    22 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इसे रेखांकित करता आया है कि बूस्टर टीकों की दौड़, वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमजोर कर रही है और वास्तव में महामारी की काट किए जाने को भी नुकसान पहुंचा रही है।…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    SSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन, संसद में विपक्षी सांसदों का विरोध मार्च और अन्य ख़बरें
    21 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी SSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन, संसद में विपक्षी सांसदों का विरोध और अन्य ख़बरों पर।
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः गुप्त मतदान और लोकतंत्र पर हमला है आधार को वोटर i-card से जोड़ने वाला क़ानून
    21 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से बिना पर्याप्त चर्चा के मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने वाला कानून संसद से पारित कराना भारतीय लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा -गुप्त मतदान…
  • protest
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अर्बन कंपनी की महिला कर्मचारी नई कार्यप्रणाली के ख़िलाफ़ कर रहीं प्रदर्शन
    21 Dec 2021
    अर्बन कंपनी की महिला कर्मचारी सोमवार 20 दिसंबर की देर शाम से अर्बन कंपनी के गुड़गाँव दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। भीषण ठंड में भी महिलाएं रात भर वहीं रहीं और अभी भी उनका प्रदर्शन जारी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License