NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
इतवार की कविता: सभी से पूछता हूं मैं… मुहब्बत काम आएगी कि झगड़े काम आएंगे
हमारे दौर के बेहतरीन शायर अशोक रावत हमारे समय की सच्चाइयों को बहुत ही बेबाकी से अपनी ग़ज़लों के ज़रिये पेश कर रहे हैं। इतवार की कविता में पढ़ते हैं उनकी ऐसी ही एक नई ग़ज़ल।  
न्यूज़क्लिक डेस्क
16 Jan 2022
mustard fields
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार: Gaon Connection

ग़ज़ल

 

अँधेरों में  न तो रुपया,  न हीरे  काम आएंगे,

वहाँ  केवल चिराग़ों  के उजाले काम  आएंगे.

 

सभी से पूछता हूँ मैं, हमें जब साथ जीना है,

मुहब्बत काम आएगी कि झगड़े काम आएंगे.

 

बुज़ुर्गों की विरासत है इसे कूड़े में मत फेंको,

मुसीबत में ये सिक्के ही तुम्हारे काम आएंगे.

 

हमारे बीच की ये खाइयाँ तक़लीफ़ ही देंगी,

गिराओ मत ये पक्के पुल पुराने, काम आएंगे.

 

किसी इंसान की पीड़ा से मतलब ही नहीं जिनको,

कभी   ऐसे  फरिश्ते क्या किसी के काम आएंगे.

 

बग़ीचे में जो कांटे बो रहे हो, वो चुभेंगे ही, 

किसी गफ़लत में मत रहना कभी ये काम आएंगे.

 

हमेशा आदमी  ही आदमी के काम  आएगा,

न तो मंदिर, न ये मस्जिद न गिरजे काम आएंगे.

 

डिज़ाइनदार  कुर्ते  और जेकेट  का ज़माना  है,

सियासत में न अब खादी, न चरखे काम आएंगे.

-    अशोक रावत

        (आगरा)

इसे भी पढ़ें : वो राजा हैं रियासत के, नफ़ा नुकसान देखेंगे/ नियम क़ानून तो उनके बड़े दीवान देखेंगे

Sunday Poem
Hindi poem
ghazal

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है

इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो


बाकी खबरें

  • महामारी का मृत्यु - पर्व और पॉजिटिविटी का गरुड़ पुराण
    सुभाष गाताडे
    महामारी का मृत्यु - पर्व और पॉजिटिविटी का गरुड़ पुराण
    18 May 2021
    हिंदुत्व के विचारक और कर्णधार अब जनता को समझाना चाह रहे हैं कि ‘पोजिटिविटी ही आज का सत्य है और महामारी तथा उससे होने वाली मौतें - मिथ्या हैं।
  • हाईकोर्ट
    मुकुंद झा
    दिल्ली: हाईकोर्ट ने CWC से निकाले गए सैकड़ों ठेका कर्मचारियों की पुनर्बहाली का दिया आदेश
    18 May 2021
    ट्रेड यूनियन का कहना  हैं, ''यह फ़ैसला मील का पत्थर साबित होगा।" जबकि सीडब्ल्यूसी दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि वो इस आदेश को नहीं मानते और इसे वो चुनौती देंगे।
  • नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई ‘बीजेपी की मदद और ममता के लिए मुसीबत’ कैसे बन रही है?
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई ‘बीजेपी की मदद और ममता के लिए मुसीबत’ कैसे बन रही है?
    18 May 2021
    चुनाव परिणाम के बाद गिरफ़्तारियों को लेकर जहां तृणमूल कांग्रेस बीजेपी पर निशाना साध रही है, तो वहीं इसी मामले में अभियुक्त बीजेपी नेता मुकुल रॉय और शुभेंदु अधिकारी पर कोई कार्रवाई न करने को लेकर…
  • सहिबाबाद: कारखानों के चलने के कारण मजदूरों को थोड़ी राहत लेकिन परेशानी भी बहुत ज्यादा
    रौनक छाबड़ा
    साहिबाबाद: कारखानों के चलने के कारण मजदूरों को थोड़ी राहत लेकिन परेशानी भी बहुत ज्यादा
    18 May 2021
    गाजियाबाद के इस औद्योगिक क्षेत्र में कारखानों के चालू रखने की अनुमति दिए जाने के बावजूद हालात खुशनुमा नहीं हैं। निर्माताओं को जहाँ पूर्ण उत्पादन सुविधाओं का उपयोग करने में समस्याओं से दो-चार होना पड़…
  • कोविड
    डी रघुनंदन
    कोविड और सरकार: वैज्ञानिकों का दुरुपयोग, विज्ञान के साथ मज़ाक
    18 May 2021
    खेद का विषय है कि इस सरकार के कदमों का बचाव करने तथा उन्हें सही ठहराने के लिए इन वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए तर्क भी ज्यादातर अवैज्ञानिक हैं, उपलब्ध जानकारियों के खिलाफ जाते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License