NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सीरिया : तुर्की संबंधी उग्रवादियों के हमले में 2 तुर्की सिपाहियों की मौत, कई घायल
5 मार्च को तुर्की-रूस के बीच हुए सीज़फ़ायर समझौते जिसके तहत इदलिब प्रांत पर क़ब्ज़ा करने की सीरियाई फ़ौज की कोशिशों को बंद कर दिया गया है, उस समझौते से तुर्की समर्थित आतंकवादी संगठन ख़ुश नहीं हैं।
पीपल्स डिस्पैच
20 Mar 2020
सीरिया

सीरिया में एक हमले में दो तुर्की सैनिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। जब हमला हुआ तब तुर्की सैनिक M4 हाइवे पर गश्त कर रहे थे। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक़ अल-क़ायदा से संबद्ध आतंकवादी संगठन हुरस अल-दीन इस हमले के लिए ज़िम्मेदार है।

एम4 राजमार्ग, अलेप्पो के साथ सीरिया के लताकिया प्रांत को जोड़ता है। रूस और तुर्की के बीच इस महीने की शुरुआत में हुए एक संघर्ष विराम समझौते के बाद यह तय हुआ था कि यहाँ सामान्य आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के सिपाही संयुक्त रूप से गश्त लगाएंगे।

तुर्की के समर्थन वाले बाग़ी इस समझौते से ख़ुश नहीं हैं। 15 मार्च को उन्होंने हाइवे पर एक प्रदर्शन किया था और संयुक्त गश्त को रोकने की भी कोशिश की थी।

एम4 हाइवे सीरिया के इदलिब प्रांत से गुज़रता है जो आख़िरी विद्रोही इलाक़ा है। ये सीज़फ़ायर समझौता लंबे समय से रूस के समर्थन वाले सीरियाई फ़ौज द्वारा इदलिब पर कब्ज़ा करने के प्रयासों को रोकने के लिए हुआ था। हालांकि, तुर्की जिसके पास सीरिया के अंदर अपनी हमलावर सेना है, ने इस क्षेत्र पर विपक्षी बलों के नियंत्रण का समर्थन करने के लिए सीरियाई सरकारी बलों के ख़िलाफ़ आक्रामक कार्रवाई शुरू करने की धमकी दी थी, क्योंकि उसके लगभग 60 सैनिकों की गोलीबारी में मृत्यु हो गई थी।

ऐसे क़दमों को रोकने के लिए रूस ने तुर्की के साथ सीज़फ़ायर डील की और ऑपरेशन को रोका। हालांकि, इस ऑपरेशन के दौरान सीरियाई सरकार ने इदलिब के बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया था जिसमें M4 हाइवे भी शामिल था।

मॉस्को में 5 मार्च को हुए इस समझौते के बाद सीरिया और रूस ने यह शिकायत की है कि तुर्की के समर्थन वाली ताक़तों ने अक्सर सीज़फ़ायर समझौते का उल्लंघन किया है।

विद्रोही दल जिसमें फ़्री सीरियन आर्मी, और कुछ अल-क़ायदा सम्बद्ध संगठन शामिल हैं, उनका इदलिब पर क़ब्ज़ा है और 2011 में सीरिया जंग की शुरुआत से ही तुर्की उनका समर्थन करता है। वह सीरिया में अपने हस्तक्षेप को यह कह कर सही ठहराता है कि ऐसा करने से वह तुर्की में लगातार बढ़ रहे सीरियाई शरणार्थियों की संख्या को कम कर रहा है। इस जंग में सीरिया की 20 मिलियन आबादी में से आधी आबादी को अपना देश छोड़ कर जाना पड़ा है, जिसमें से 4 मिलियन तुर्की में रह रहे हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Syria's War
Turkey
Middle East
Battle for Idlib
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर गंभीर गेहूं संकट का सामना करता मध्य पूर्व

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के ‘राजनयिक बहिष्कार’ के पीछे का पाखंड

क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License