NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बात बोलेगी: हिंदुत्व से टकराती द्रविड़ राजनीति
देश के जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, उनमें सबसे अलग दिखाई देता है तमिलनाडु। इसकी बड़ी वजह है कि यहां की राजनीतिक सरज़मीं—जिसे सींचा है महान क्रांतिकारी विचारक पेरियार, अन्नादुरई आदि ने।
भाषा सिंह
04 Apr 2021

देश के जिन पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुदुचेरी और केरल) में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, उनमें सबसे अलग दिखाई देता है तमिलनाडु। इसकी बड़ी वजह है कि यहां की राजनीतिक सरज़मीं—जिसे सींचा है महान क्रांतिकारी विचारक पेरियार, अन्नादुरई आदि ने। यहां पर द्रविड़ का ज़ोर है, खाने-पीने, पहनावे से लेकर नाक-नक्श तक में, वे इसे बचाए रखना चाहते हैं। संभवतः इस पर बुनियादी तौर पर सभी में सहमति है और यही राजनीतिक समझदारी की दरकरार भी है।

कई मामलों में यह चुनाव अलग है। यह चुनाव तमिलनाडु राजनीति के दो राजनीतिक कद्दावर नेताओं—एम. करुणानिधि (द्रमुक) और जे. जयललिता (अन्नाद्रमुक) की गैर-मौजूदगी में हो रहा है। अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता की मृत्यु के बाद यह पार्टी बिखर सी गई और एक कमजोर नेतृत्व के हवाले हो गई। तब से अन्नाद्रमुक को भारतीय जनता पार्टी ने शीशे में उतार लिया है, और तमिलनाडु में अपने विस्तार का वाहन अन्नाद्रमुक को ही बना रखा है। इन चुनावों में उसे बहुत ज्यादा सफलता बेशक नहीं मिल रही लेकिन पश्चिमी तमिलनाडु में खासतौर से कोयंबटूर आदि इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ उसने अपने पैर ज़मीन पर जमाने पिछले कुछ समय से शुरू कर दिये हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार तमिलनाडु में होने वाली बैठकों, अमित शाह के रोड शो और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरों को देखा जा सकता है। उनके साथ-साथ मंदिरों को रिवाइव करने, मुरुगन देवता के अस्त्र भाला को लेकर निकाली गई यात्राओं और जग्गी वायुदेव की मंदिर और दक्षिणपंथी प्रचार को देखा जा सकता है। यह सब मिलाकर द्रविड़ राजनीति के केंद्रक राज्य में हिंदुत्ववादी ब्राह्मणवादी, पेरियार विरोधी माहौल को बनाने का काम अलग-अलग स्तरों पर कर रही है।

शायद यही वजह है कि द्रविड़ राजनीति और संस्कृति के प्रति प्रेम, इन चुनावों में बहुत मज़बूत हो कर बोल रहा है। तमिल अस्मिता का सवाल बहुत प्रखर ढंग से सुनाई देता है। चेन्नई से लेकर पुदुचेरी की सीमा तक और मदुरै से लेकर कोयंबटूर के आसापास तक अनगिनत मतदाता एक ही बात कहते कि तमिलनाडु में भाजपा नहीं-नहीं। यहां नहीं, हम अलग हैं, यहां नहीं। चेन्नई में ड्राइवर वी. सुरेश ने कहा, भाजपा इसलिए नहीं चाहिए क्योंकि वह जाति की बात करते हैं और लड़ाई करवाते हैं। हिंदू-मुस्लिम, इसाई करेंगे और ब्राह्मण सिर पर बैठ जाएंगे। वैसे भी यह सिर्फ हिंदी बोलने वालों की पार्टी है। यही बात सरकारी दफ्तर में नौकरी करने वाली वी. श्रुति कहती हैं। श्रुति ने बताया, `मोदी बार-बार यहां क्यों आए, क्योंकि उन्हें यहां कुछ भी करके जीतना है। वैसे भी उन्हें तमिलों के आत्मसम्मान से बहुत तकलीफ़ है, वह हमारे सम्मान- तमिल सम्मान को पैरों तले रौंदना चालते हैं। अन्नाद्रमुक को कब्जे में करके पिछले पांच सालों में सिर्फ हिंदी-हिंदी-हिंदी कर दिया।

मदुरै के पास शोलावंदन में छात्रों ने कहा कि अब सारे स्कूल हिंदी को बढ़ावा दे रहे हैं। बीएससी कर रही वी. राधा ने कहा जब कर्नाटक में कन्नड़ बढ़ी है और इसे और बढ़ाना भी चाहिए। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेलगू, उसी तरह से तमिलनाडु में तमिल रहनी चाहिए। लेकिन इससे भाजपा को मुश्किल है। वह पूरे भारत को एक ही रंग में रंगना चाहती है, एक ही तरह का खान-पान, एक ही भाषा—हिंदी। यह हमें मंजूर नहीं है। यह भारत को तोड़ना। नौजवानों के बीच एनटीके (नाम तमिलार काच्ची) पार्टी खासी लोकप्रिय है। सीमेन द्वारा शुरू की गई यह पार्टी इस बार तमिलनाडु की सभी सीटों पर तमिल गरिमा, तमिल भाषा के नाम पर चुनाव लड़ रही है। बड़ी संख्या इसने नौजवानों और आधी सीटों पर महिलाओं को उतारा है। इसके साथ ही बदलाव की बात करने वाले लोग कमल हासन की पार्टी—मक्कल निधइ मय्याम की भी बात करते हैं। सामान्य तौर पर नौकरीपेशा, सवर्ण जाति समूहों में इसने जगह बनाई है। इसे तमिलनाडु की आम आदमी पार्टी भी कहा जा रहा है। बहुत से लोग इसे भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में भी देखते हैं।

तमिलनाडु अपने खान-पान के लिए भी अलग ढंग से जाना जाता है। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही में बहुत जबर्दस्त रेंज है। उत्तर भारतीयों के लिए यह बहुत विस्मित करने वाले व्यंजनों से भरा हुआ प्रदेश है। हां, यहां कि चाय भी खास है। बॉयलर चाय। खौलता पानी, खौलता दूध और कपड़े की छन्नी में चाय ..और फिर धार में चाय को मिलाना। इसे पीना जितना लाजवाब करता है, इसे बनता देखना भी।

Tamilnadu
Tamil Nadu Elections
AIADMK
Edappadi K. Palaniswami
BJP
Hindutva Agenda
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License