NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्रम्प प्रशासन अपने कार्यकाल के आख़िरी दिनों में चीन, क्यूबा और यमन के साथ तनाव बढ़ा रहा
डोनाल्ड ट्रम्प के पास बतौर राष्ट्रपति के कार्यकाल के लिए महज दस दिन बचे हैं लेकिन माना जा रहा है कि यूएस के विदेश नीति के लिए गहरे ज़ख्म छोड़ जाएंगे।
पीपल्स डिस्पैच
12 Jan 2021
ट्रम्प प्रशासन

डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल को समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष है लेकिन उनके प्रशासन ने इस आखिरी समय में पूरी दुनिया में संघर्ष को बढ़ाने का कदम उठाया है। सोमवार 11 जनवरी को यूएस सेक्रेट्री ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ ने घोषणा की कि ट्रम्प प्रशासन क्यूबा को राज्य प्रायोजित आतंकवाद की श्रेणी में शामिल करेगा।

इस फैसले की विशेष रूप से आलोचना की गई है क्योंकि इस देश ने COVID-19 महामारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्यूबा ने 39 देशों को हेनरी रीव मेडिकल ब्रिगेड के 50 से अधिक दल को कोरोनोवायरस महामारी के खिलाफ उनकी लड़ाई में मदद करने के लिए भेजा है। ये देश सिएरा लियोने से लेकर पनामा व इटली तक फैला है।

इस बीच अमेरिका ने हाउथिस के नाम से प्रख्यात यमन के अंसार अल्लाह को 10 जनवरी को "आतंकवादी संगठन" घोषित कर दिया। ये घोषणा ट्रम्प का कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पहले 19 जनवरी तक लागू होगा। पोम्पिओ द्वारा शनिवार 8 जनवरी को ताइवान में रिपब्लिक ऑफ चाइना के रेनिगेडे स्टेट (renegade State) के साथ राजनयिक "संपर्क" को फिर से शुरू करने की घोषणा के कुछ ही दिन बाद इसकी घोषणा की गई है।

राष्ट्रपति कार्यकाल के समाप्त होने के महज दस दिन बचे होने के बावजूद ये फैसले लिए जा रहे हैं जिससे ये अंदाजा लगाया जाता है कि ट्रम्प प्रशासन आक्रामक विदेश नीति की विरासत को मजबूत करने के प्रयास कर रही है। इस बीच इन फैसलों को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन की आगामी सरकार को विशेष रूप से चीन के संबंध में निरंतर आक्रामकता के मार्ग पर धकेलने के रुप में देखा जा रहा है।

चीन ने यह कहकर ताइवान के साथ कूटनीतिक प्रक्रिया को फिर से बहाल करने के फैसले की निंदा की है कि ये "दुर्भावनापूर्ण तरीके से गहरे जख्म को कुरेदने" का प्रयास किया है और इसके लिए अमेरिका को "भारी कीमत" चुकानी पड़ेगी। पोम्पियो ने 13-15 जनवरी के बीच संयुक्त राष्ट्र में अपने स्थायी प्रतिनिधि राजदूत केली क्राफ्ट को दो दिवसीय राजनयिक यात्रा के हिस्से के रूप में ताइवान के लिए यात्रा की घोषणा की थी। यह भी ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान में स्थित सरकार ने एक नया पासपोर्ट डिजाइन जारी किया है जो इसे चीन से अलग राष्ट्र के रूप में पेश करेगा।

America
cuba
Donand Trump
trump administration

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्यों USA द्वारा क्यूबा पर लगाए हुए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं अमेरिकी नौजवान

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

ग्वांतानामो की विवादित जेल को हुए 20 साल


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License