NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी: दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा राज्यसभा चुनाव, बसपा ने सात बाग़ियों को किया निलंबित
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों के लिए 9 नवंबर को वोटिंग होनी है। इसके लिए भाजपा ने आठ, सपा ने एक और बसपा ने एक प्रत्याशी खड़ा किया है। किसी भी प्रत्याशी को जीतने के लिए 36 विधायकों की ज़रूरत होगी।
अमित सिंह
30 Oct 2020
यूपी
Image courtesy: Patrika

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बगावत हो गई है। बुधवार को बसपा के प्रत्याशी रामजी गौतम के पांच प्रस्तावकों (विधायक) ने निर्वाचन अधिकारी से अपना नाम वापस लेने का आवेदन कर दिया। इनके साथ दो और विधायक भी थे। इसके बाद गुरुवार को बसपा की प्रमुख मायावती ने पार्टी के इन सात बागी विधायकों को निलंबित कर दिया।

यूपी में राज्यसभा चुनाव

दरअसल उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 9 नवंबर को मतदान होना है। ये 10 सीटें 25 नवंबर को खाली हो रही हैं। इसके लिए भाजपा ने आठ, सपा ने एक और बसपा ने एक प्रत्याशी खड़ा किया है। एक निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज के खड़े होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया।

हालांकि बुधवार को निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज का नामांकन ही रद्द कर दिया गया है। वह इस फैसले के बाद कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इसी समय बसपा में बगावत भी हो गई। ऐसे में बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम की राह थोड़ी मुश्किल दिखने लगी।

क्या है गणित

सबसे पहले आपको यह बता दें कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की जो 10 सीटें खाली हो रही हैं उनमें से फिलहाल तीन सीटें भाजपा, चार सपा, दो बसपा और एक कांग्रेस के पास हैं। लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा की आठ सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। एक सीट पर सपा उम्मीदवार की जीत तय हैं। दसवीं सीट पर बसपा ने अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। अब अगर चुनाव की स्थिति नहीं बनती तो इस सभी प्रत्याशियों की जीत तय हैं लेकिन अगर निर्दलीय प्रकाश बजाज भी मैदान में उतर पाएंगें तो मुकाबले की संभावना बनेगी।

दरअसल 403 सदस्यों वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा में अभी विधायकों की संख्या 395 ही है। इसमें भी सिर्फ 392 के ही वोट पड़ेंगे, क्योंकि जेल में बंद तीन विधायक मुख्तार अंसारी, तजीन फातिमा और विजय मिश्र वोट डालने नहीं आ पाएंगे। ऐसे में किसी भी प्रत्याशी को जीतने के लिए 36 विधायकों की जरूरत होगी।

ऐसे में बीजेपी के आठ उम्मीदवार आसानी से जीत दर्ज कर लेंगे। प्रदेश में उनके विधायकों की संख्या 304 है। सपा का एक उम्मीदवार भी आसानी से जीत दर्ज कर लेगा। उनके विधायकों की संख्या 48 है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के पास मात्र 18 विधायक हैं।

बीजेपी ने खड़े किए आठ प्रत्याशी

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए भाजपा के आठ उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, हरिद्वार दुबे, पूर्व डीजीपी बृजलाल, नीरज शेखर, गीता शाक्य, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी हैं। अगर हम गणना करें तो आठ सीटें जिताने की क्षमता के बाद भी भाजपा के पास 25 वोट अतिरिक्त हैं, लेकिन उसने नौवां प्रत्याशी उतारने का जोखिम नहीं लिया।

जानकारों का कहना है कि ऐसा करके पार्टी ने बसपा को वाकओवर दिया था। ऐसे में 18 विधायकों वाले बसपा के प्रत्याशी रामजी गौतम भी आसानी से राज्यसभा के लिए चुन लिए जाते लेकिन अंतिम मौके पर सपा ने निर्दलीय प्रत्याशी उतार कर लड़ाई को दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा दिया। इसके बाद बसपा में बगावत भी हो गई। आपको यह भी बता दें कि सपा प्रत्याशी राम गोपाल यादव की जीत भी तय है।

बीजेपी पर नरम, सपा पर गरम

अपने कुछ विधायकों के पाला बदलने की अटकलों के बीच मायावती ने सपा पर निशाना साधा और कहा कि भविष्य में विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवारों को हराने के लिए उनकी पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ेगी तथा जरूरत पड़ी तो भाजपा या किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी को समर्थन देगी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही बागी विधायक किसी भी अन्य पार्टी में शामिल होते हैं तो बसपा उनके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को सूचित किया गया है कि निलंबित विधायकों को पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए। मायावती ने एक बयान में कहा कि भविष्य में सपा उम्मीदवारों को हराने के लिए बसपा पूरी ताकत लगाएगी और जरूरत पड़ी तो भाजपा या किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी को समर्थन देगी।

आपको बता दें कि बसपा को बुधवार को उस समय झटका लगा था जब पार्टी के छह विधायकों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की थी और इसके बाद उन्होंने संकेत दिये थे कि वे पार्टी बदल सकते हैं।

मायावती ने खुद ही खोली अपनी पोल : सपा

समाजवादी पार्टी (सपा) ने राज्यसभा चुनाव में सपा प्रत्याशियों को हराने के लिए भाजपा तक का समर्थन करने के बसपा प्रमुख मायावती के बयान पर तंज करते हुए कहा कि इससे साबित हो गया कि मायावती की भाजपा से पहले से ही सांठगांठ है।

सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि मायावती का बयान इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उनकी भाजपा से पहले ही सांठगांठ थी। उन्होंने कहा कि भाजपा से इसी अंदरूनी समझौते की वजह से मायावती ने विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल ना होने के बावजूद अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा और अब यह कहकर कि राज्यसभा चुनाव में सपा को हराने के लिए वह भाजपा तक का समर्थन कर सकती हैं, बसपा प्रमुख ने अपनी पोल खुद ही खोल दी है।

चौधरी ने कहा कि मात्र 18 विधायकों वाली बसपा के पास अब विधानसभा में केवल 10-11 विधायक ही हैं, जबकि राज्यसभा के एक प्रत्याशी को जिताने के लिए 36 विधायकों का समर्थन जरूरी है। इसके बावजूद मायावती ने रामजी लाल गौतम को उम्मीदवार बनाया। ऐसा करने से पहले उन्होंने विपक्ष के किसी भी दल से समर्थन नहीं मांगा। दूसरी ओर, भाजपा ने नौ सीटें जीतने की स्थिति में होने के बावजूद आठ उम्मीदवार ही उतारे। उसी वक्त जाहिर हो गया था कि मायावती की भाजपा से सांठगांठ हो चुकी है।

कांग्रेस और आप ने भी बसपा पर बोला हमला

मायावती के बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी तंज कसा है। मायावती के प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए बयानों का वीडियो ट्वीट करते हुए प्रियंका गांधी ने लिखा कि इसके बाद भी कुछ बाकी है?

वहीं, इस घमासान में आम आदमी पार्टी भी कूद पड़ी है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि एक राज्यसभा सीट के लिए मायावती ने दलितों के मुद्दे पर मुंह मोड़ लिया।

आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने मायावती पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की सिर्फ एक सीट के लिए मायावती ने बीजेपी से हाथ मिल लिया। इसीलिए उन्होंने बलरामपुर और हाथरस जैसी घटनाओं पर चुप्पी साध ली।

अब आगे क्या?

फिलहाल अभी प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज होने के बाद राज्यसभा के लिए 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। ऐसे में बसपा विधायकों की बगावत का कोई खास मतलब नहीं है। हालांकि पर्चा खारिज होने पर प्रकाश बजाज ने हाईकोर्ट में अपील की बात कही है। अगर उन्हें कोर्ट से राहत मिलती है तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में जनवरी में विधान परिषद की 12 सीटों पर चुनाव हो सकते हैं। इसमें एक सीट सदस्यता रद्द होने के कारण पहले से खाली चल रही है और 11 सीटें 30 जनवरी को खाली हो जाएंगी। विधायकों की संख्या इस चुनाव में भी जीत में अहम भूमिका निभाएगी। यही वजह है कि बीएसपी प्रमुख मायावती सपा को हिसाब बराबर करने की धमकी दे रही हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

UttarPradesh
Rajya Sabha elections
UP Rajya Sabha elections
BJP
SP
BSP
Yogi Adityanath
AKHILESH YADAV
MAYAWATI
Congress
AAP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश में क्यों पनपती है सांप्रदायिक राजनीति
    24 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले वहां सांप्रदायिक राजनीति की शुरुआत फिर से हो गयी है। सवाल यह है कि उप्र में नफ़रत फैलाना इतना आसान क्यों है? इसके पीछे छिपी है देश में पिछले दस सालों से बढ़ती बेरोज़गारी
  • night curfew
    रवि शंकर दुबे
    योगी जी ने नाइट कर्फ़्यू तो लगा दिया, लेकिन रैलियों में इकट्ठा हो रही भीड़ का क्या?
    24 Dec 2021
    देश में कोरोना महामारी फिर से पैर पसार रही है, ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों ने राज्यों को नाइट कर्फ़्यू लगाने पर मजबूर कर दिया है, जिसके मद्देनज़र तमाम पाबंदिया भी लगा दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि रैलियों…
  • kafeel khan
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोरखपुर ऑक्सिजन कांड का खुलासा करती डॉ. कफ़ील ख़ान की किताब
    24 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में वरिष्ठ पत्रकार परंजोय गुहा ठाकुरता डॉ कफ़ील ख़ान की नई किताब ‘The Gorakhpur Hospital Tragedy, A Doctor's Memoir of a Deadly Medical Crisis’ पर उनसे बात कर रहे हैं। कफ़ील…
  • KHURRAM
    अनीस ज़रगर
    मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की
    24 Dec 2021
    कई अधिकार संगठनों और उनके सहयोगियों ने परवेज़ की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों को कश्मीर में आलोचकों को चुप कराने का ज़रिया क़रार दिया है।
  •  boiler explosion
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक
    24 Dec 2021
    गुजरात के वडोदरा में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License