NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
महिलाएं
भारत
राजनीति
यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन
यूपी पुलिस पर नागरिक समाज का आरोप है कि वह अपराधियों से अधिक, पीड़ित और उसके परिवार पर खामोश रहने के लिए दबाव बना रही है। “धमकाना , वसूली, झूठे मुकदमों में फंसा देने की धमकी जैसे अब आम बात हो गई है।”
असद रिज़वी
09 May 2022
women
महिला संगठनों में पदाधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय से महिला विरुद्ध हिंसा की शिकायत कर के बाहर आते हुए।

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही महिला विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़, महिला संगठन लामबंद होकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। महिला अधिकारों के लिये सक्रिय रहने वाले संगठन मानते हैं कि महिला विरोधी हिंसा के लिये पुलिस का बढ़ता ग़ैर-ज़िम्मेदारना व अपराधी प्रवृत्ति वाला रवैया ज़िम्मेदार है।

महिला संगठनों का आरोप है कि थानों पर महिओं के मुक़दमे नहीं लिखे जा रहे हैं। पुलिस के पास शिकायत करने जाने वाली महिलाओं के साथ थानों में अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। पुलिस पर नागरिक समाज का आरोप है कि वह अपराधियों से अधिक, पीड़ित और उसके परिवार पर खामोश रहने के लिए दबाव बना रही है। “धमकाना , वसूली, झूठे मुकदमों में फंसा देने की धमकी जैसे अब आम बात हो गई है।”

पुलिस क्यों स्वयं अपराध में लिप्त है?

आक्रोशित महिला संगठन सवाल करते हैं कि “अपराध रोकने के लिए जवाबदेह पुलिस क्यों स्वयं अपराध में लिप्त है?” ललितपुर के पाली थाने के अंदर थानाध्यक्ष द्वारा पीड़िता के साथ हुए बलात्कार के जघन्य कृत्य के बारे में यह संगठन कहते हैं कि, इस कृत्य सारे समाज को विचलित कर दिया है । अब सवाल यह है कि पुलिस के अंदर यह आपराधिक प्रवृत्ति क्यों आ गई है?

चंदौली दबिश

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, महिला फेडरेशन, साझी दुनिया और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला समिति समेत कई संगठनों का कहना है कि चंदौली के सैयदराजा थाना क्षेत्र में भी पुलिस बर्बरता का एक मामला सामने आया। जिसमें  बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मनराजपुर के कन्हैया लाल के घर रात में दबिश डालती है।

वहां घर में रह रही दो बहनों की जबरदस्त पिटाई करती है। जिसके कारण एक लड़की की मौत हो जाती है, जिसे आत्महत्या बनाने की कोशिश होती है। दूसरी बहन घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती होती है।दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा बनता है किन्तु अभी इसकी सूचना नहीं है।

पुलिस की नाक के नीचे अपराध

आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के रुनक्ता कस्बे में “अंर्तधार्मिक विवाह” के मामले को सांप्रदायिक रंग देकर मुस्लिम युवक एवं उसके चाचा के घर को “हिन्दू संगठनों” द्वारा पहले लूटा जाता है और फिर आग के हवाले कर दिया जाता है।

महिला अधिकारों के लिए सक्रिय यह संगठन आरोप लगते हैं  यह सब रुनक्ता पुलिस की नाक के नीचे होता है। पुलिस की जानकारी में 15 अप्रैल को पंचायत होती है और उसमें युवक के घर को जलाने का ऐलान होता है। किन्तु पुलिस एक्शन में नहीं आती है। घरों को लूटने व आग लगाने की खबर भी पड़ोसियों द्वारा सिकंदरा पुलिस को दी जाती है। लेकिन सब कुछ राख होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है।

“हिन्दू संगठनों” का खौफ इतना अधिक है कि नवयुवक भी सामने तक नहीं आ रहा है। उसके परिवार को को आज भी धमकियां मिल रही हैं। युवती मथुरा के नारी संरक्षण गृह में है। जबकि उसका मैजिस्ट्रेट के सामने बयान हो चुका है जिसमें वह मर्जी से विवाह की बात कबूल कर चुकी है । पुलिस नवयुवक के परिवार व नव-विवाहित जोड़े की सुरक्षा देना चाहिए है।

अयोध्या कांड

अयोध्या में 6 वर्षीय बच्ची के सामूहिक बलात्कार के मामले पर महिला संगठन कहते हैं कि इस मामले को दबा दिया गया है।धार्मिक स्थल के कारण मामले को रफा-दफा करने की साजिश की गई। बच्ची की गर्भाशय को निकाल देने की सूचना मिली है।

राजधानी लखनऊ का हाल

महिला संगठनों ने बताया कि राजधानी लखनऊ के थाना सआदतगंज में छेड़खानी की शिकायत लेकर पहुंची 22 वर्षीय युवती के साथ पुरुष पुलिस इंस्पेक्टर, उसकी मौसी को बाहर खड़ा कर, अकेले में अश्लील सवाल पूछता है। फिर उसके धर्म को लेकर आपत्ति जनक टिप्पणी करता है। लड़की को थाने पर बुलाने के लिए धमकाता है। यदि यही स्थिति रही तो कोई लड़की छेड़छाड़ की शिकायत करने नहीं जायेगी।

लखनऊ के ही गाजीपुर थाने में नाबालिग लड़की के अपहरण का मुकदमा उच्च अधिकारियों से शिकायत  के बाद घटना के 7 दिन बाद दर्ज होता है।

एडीजी प्रशांत कुमार से शिकायत

इन मामलों में  ग़ैर-ज़िम्मेदारना व अपराधी प्रवृत्ति वाला रवैये को लेकर महिला संगठनों की पदाधिकारियों ने प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार से मुलाक़ात की और एक शिकायत और मांग पत्र उनको सौपा है। जिसमे कहा गया है कि “आम जनता का भरोसा पुलिस से टूटता जा रहा है । ऐसा लगता है कि पुलिस रक्षक की जगह भक्षक हो गई है।”

भारतीय महिला फेडरेशन की अध्यक्ष आशा मिश्रा ने मांग करी है कि पुलिस के  व्यवहार को संवेदनशील व कानून के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा ठोस कदम उठाए जाएं। इसके अलावा आम जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होना चाहिए है। न्यूज़क्लिक बात करते हुए उन्होंने कहा की कुछ मामलों में ऐसा लगता है कि पुलिस अपराधी को बचा रही है और पीड़ित को फंसा रही है। अगर पुलिस महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को लेकर गंभीर नहीं हुई तो एक बड़ा आन्दोलन किया जायेगा।

ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व अपराधी प्रवृत्ति

एडीजी प्रशांत कुमार के साथ मुलाक़ात के बाद ऐडवा की मधु गर्ग ने बताया की कई महिला संगठनों ने एक साथ अपनी मांगे और शिकायते वरिष्ठ पुलिस के अधिकारीयों के सामने राखी हैं। मधु गर्ग ने बताया कि उनकी मांग है झूठे मुकदमों मुकदमों में फंसाने की धमकी देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाये।

सीसीटीवी कैमरे के दायरे में हो पूछताछ

इसके अलावा  सीसीटीवी कैमरे के दायरे में महिला या पीड़ित बच्ची से महिला पुलिस का पूछताछ करना सुनिश्चित किया जाए। यदि पीड़िता थाने में बयान न देना चाहती हो तो उसके घर पर ही बयान लिए जायें।ऐडवा  की नेता अगर पीडिता थाने नहीं देना चाहती  है तो घर पर ही उसका बयान दर्ज किया जाये। मधु गर्ग कहती हैं कि अगर महिला संगठनों की मांगों और शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना गया तो सभी महिला संगठन लामबंद होकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगे।

न्यूज़क्लिक ने ऐपवा की मीना सिंह से भी संपर्क किया, उन्होंने कहा की महिलाओं में पुलिस के विरुद्ध रोष है। अगर पुलिस का ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व अपराधी प्रवृत्ति वाला रवैया नहीं बदला तो यह यह रोष आन्दोलन में भी बदल सकता है।

समयबद्ध सीमा में चार्जशीट दाख़िल हो

मीना सिंह ने महिला संगठनों की मांग पर बात करते हुए कहा कि, पीड़ित महिला  की शिकायत पर मामला न दर्ज करने वाली पुलिस अधिकारियों  के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।पुलिस अपने कर्तव्य का पालन करते हुए, समयबद्ध सीमा में चार्जशीट दाखिल कर पीड़ितों को इंसाफ दिलाना सुनिश्चित करे। इसके अलावा पुलिस "जाति" और "धर्म" के चश्मे से अपराध की पड़ताल न करे।

पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने और आला अधिकारियों से मिलकर उनकी शिकायत करने वालों में  तंज़ीन फ़ातिमा-साझी दुनिया, ऋचा-हमसफ़र और सामाजिक कार्यकर्ता नाइश हसन- अरुंधती शुरू भी शामिल थीं।

Uttar pradesh
crimes against women
violence against women
CRIMES IN UP
Women safety and security
Women's organizations
women's protest

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या


बाकी खबरें

  • Subramanian Swamy
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं
    04 Jan 2022
    मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंज़ूरी रद्द करने का…
  • Hindu Yuva Vahini
    विजय विनीत
    बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें, लगाए गए उन्मादी नारे
    04 Jan 2022
    "हिन्दू युवा वाहिनी के लोग चाहते हैं कि हम अपना धैर्य खो दें और जिससे वह फायदा उठा सकें। हरिद्वार में आयोजित विवादित धर्म संसद के बाद बनारस में नंगी तलवारें लहराते हुए जुलूस निकाले जाने की घटना के…
  • Maulana Hasrat Mohani
    परमजीत सिंह जज
    मौलाना हसरत मोहानी और अपनी जगह क़ायम अल्पसंख्यक से जुड़े उनके सवाल
    04 Jan 2022
    आज भी अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करते हैं, ऐसे में भारत को संविधान सभा में हुई उन बहसों को फिर से याद दिलाने की ज़रूरत है, जिसमें बहुसंख्यकवाद के कड़वे नतीजों की चेतावनी दी गयी थी।
  • Goa Chief Ministers
    राज कुमार
    गोवा चुनावः  34 साल में 22 मुख्यमंत्री
    04 Jan 2022
    दल बदल के मामले में गोवा बाकी राज्यों को पीछे छोड़ता नज़र आ रहा है। चुनाव से पहले गोवा के आधे से ज्यादा विधायक पार्टी बदल चुके हैं। आलम ये है कि कहना मुश्किल है कि जो विधायक आज इस पार्टी में है कल…
  • fark saaf hai
    सत्यम श्रीवास्तव
    फ़र्क़ साफ़ है- अब पुलिस सत्तासीन दल के भ्रामक विज्ञापन में इस्तेमाल हो रही है
    04 Jan 2022
    पिछले कुछ सालों से देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपने ही देश के नागरिकों को ‘कपड़ों से पहचानने’ की जो युक्ति ईज़ाद की है उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि पूरी मंशा से भाजपा ने इस विज्ञापन में दंगाई व्यक्ति…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License