NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने जेसीपीओए के तहत ईरान को दी जाने वाली अंतिम छूट की समाप्ति की घोषणा की
कुछ विदेशी कंपनियों को ईरान के परमाणु क्षेत्रों में काम करने की छूट प्रदान की गई थी जो कि 2018 में ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने के बावजूद हर 60 दिनों में बदलाव की गई थी।
पीपल्स डिस्पैच
28 May 2020
अमेरिका ने जेसीपीओए के तहत ईरान को दी जाने वाली अंतिम छूट की समाप्ति की घोषणा की
Image courtesy: TRT World

2015 की ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) के अनुसार ईरान को प्रदान किए गए अंतिम प्रतिबंधों की समाप्ति की घोषणा अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने गुरुवार 28 मई को की। इस छूट के अनुसार कुछ रूसी, चीनी और यूरोपीय कंपनियों को इस प्रतिबंधों के बावजूद कुछ ईरानी परमाणु स्थलों पर काम करने की अनुमति दी गई थी।

हालांकि अमेरिका जेसीपीओए को "सबसे ख़राब सौदा" कहते हुए साल 2018 में इससे एकतरफा तरीके से हट गया था और 2018 के बाद से तथाकथित "अधिकतम दबाव अभियान" के तहत व्यापक आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाए थे। इसने हर 60 दिनों में इस छूट में बदलाव किया था। आज की घोषणा के अनुसार, मौजूदा 60 दिनों की समाप्ति के बाद इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों पर अमेरिका में प्रतिबंध लागू होंगे।

पोम्पिओ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'आज, मैं 60 दिनों में प्रभावी ईरान में जेसीपीओए-संबंधित परियोजनाओं के लिए छूट प्रतिबंधों को समाप्त कर रहा हूं। ईरान का निरंतर परमाणु वृद्धि स्पष्ट करता है कि यह सहयोग समाप्त होना चाहिए। परमाणु प्रसार पर आगे के प्रयास केवल सत्ता पर अधिक दबाव डालेंगे।”

रॉयटर्स के अनुसार इस क़दम से अरक हेवी वाटर रिसर्च रिएक्टर और तेहरान रिसर्च रिएक्टर्स का काम प्रभावित होगा। हालांकि, रूसी निर्मित बुशहर प्लांट को "संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने" के लिए 90 दिनों की छूट मिलेगी।

अमेरिका ने ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने और क्षेत्रीय वर्चस्व के लिए महत्वाकांक्षा रखने का आरोप लगाया। ईरान ने हमेशा कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और इसका परमाणु हथियारों को विकसित करने का कोई इरादा नहीं है।

अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ अपना "अधिकतम दबाव अभियान" जारी रखा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा ऐसा नहीं करने की अपील के बावजूद कई नए प्रतिबंध लगाए हैं। कोरोनावायरस महामारी के कारण ईरान दुनिया में सबसे बुरी तरह से प्रभावित देशों में से एक है। अमेरिकी प्रतिबंधों ने COVID -19 के प्रकोप से उत्पन्न स्वास्थ्य और आर्थिक समस्याओं से लड़ने की इसकी क्षमता को बाधित किया है।

इस महीने, अमेरिका ने जेसीपीओए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के अनुसार अक्टूबर महीने में समाप्त होने वाले ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के सशस्त्र प्रतिबंध को बढ़ाने की भी कोशिश की है और ईरान पर 2015 से पहले के सभी प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के लिए अभियान चलाया है। इस क़दम का रूस और चीन ने सुरक्षा परिषद में यह कहते हुए विरोध किया है कि जेसीपीओए को लागू करना ही आगे का रास्ता होना चाहिए।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

USA
IRAN
Nuclear Deal
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 


बाकी खबरें

  • maha covid
    अमेय तिरोदकर
    कोविड-19 मामलों की संख्या में आये भारी उछाल से महाराष्ट्र के कमजोर तबकों को एक और लॉकडाउन का डर सताने लगा है!
    04 Jan 2022
    दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका के नुकसान का डर फिर से सताने लगा है। पिछले दो लॉकडाउन के दौरान वे ही इससे सबसे अधिक बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। 
  • SAFDAR
    रवि शंकर दुबे
    सफ़दर: आज है 'हल्ला बोल' को पूरा करने का दिन
    04 Jan 2022
    सफ़दर की याद में मज़दूरों और कलाकारों का साझा कार्यक्रम- क्योंकि सफ़दर के विचार आज भी ज़िंदा हैं...
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट : देश में 24 घंटों में 37,379 नए मामले, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 1,892 हुए 
    04 Jan 2022
    देश में आज फिर कोरोना के 37,379 नए मामले दर्ज किये गए हैं। वही ओमीक्रॉन के 192 नए मामलों के साथ कुल मामलो की संख्या बढ़कर 1,892 हो गयी है।
  • The Beatles
    ब्रेंडा हास
    "द बीटल्स" से नए साल की सीख
    04 Jan 2022
    जे के रोलिंग, ओप्रा विन्फ़्रे, स्टीवन स्पीलबर्ग और द बीटल्स में क्या चीज़ एक जैसी है? संकेत: यह न तो प्रसिद्धि है और न ही उनका पैसा।
  • punjab assembly
    डॉ. ज्ञान सिंह
    पंजाब विधानसभा चुनाव: आर्थिक मुद्दों की अनदेखी
    04 Jan 2022
    सर्दी में भोजन करने के बाद रेवड़ी खाने से भोजन पचाने में मदद मिलती है। पिछले कई विधानसभा चुनावों की तरह, लोगों को लंबे वादों को पचाने के लिए एक बार फिर से राजनीतिक रेवड़ियाँ बांटी जा रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License