NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पोर्टलैंड और डीसी में संघीय बलों के हिंसा की जांच यूएस फेडरल एजेंसी करेगी
पोर्टलैंड और संघीय राजधानी वाशिंगटन डीसी में संघीय बलों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक रूप से निंदा की गई है।
पीपल्स डिस्पैच
24 Jul 2020
पोर्टलैंड और डीसी में संघीय बलों के हिंसा की जांच यूएस फेडरल एजेंसी करेगी

जॉर्ज फ्लॉयड को लेकर विरोध पूरे यूएस में बढ़ने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ऑफिस ऑफ द इंस्पेक्टर जनरल संघीय बलों की कार्रवाई से संबंधित आरोपों की जांच करेगा। इंस्पेक्टर जनरल माइकल ई. हॉरोविट्ज़ ने गुरुवार 23 जुलाई को कहा कि उनके कार्यालय ने जस्टिस डिपार्टमेंट (डीओजे) द्वारा तैनात बलों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर ग़ैरक़ानूनी हिरासत और अत्यधिक हिंसा के आरोपों पर जांच शुरु कर दी है।

संघीय बलों द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल में पोर्टलैंड के मेयर टेड व्हीलर के घायल होने की सूचना मिलने के एक बाद इस जांच की घोषणा की गई थी। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के ख़िलाफ़ पोर्टलैंड में संघीय अदालत के बाहर एक विरोध प्रदर्शन में व्हीलर भाग ले रहे थे।

पोर्टलैंड में स्थानीय और राज्य के अधिकारियों और ओरेगन प्रांत ने विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए तैनात संघीय अधिकारियों की उपस्थिति पर ट्रम्प प्रशासन के साथ भिड़ते रहे। इस हफ्ते की शुरुआत में राज्य के अटॉर्नी जनरल ने प्रदर्शनकारियों के कथित ग़ैरक़ानूनी हिरासत को लेकर डीओजे और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया था।

विभिन्न स्रोतों के अनुसार डीएचएस और डीओजे अधिकारियों को कम से कम 15 जुलाई से प्रदर्शनकारियों को उनकी गिरफ़्तारी के लिए अदालत में पेश करने से पहले घंटों तक हिरासत में रखे हुए पाया गया। पिछले हफ्ते शनिवार को संघीय अधिकारियों ने पोर्टलैंड में पुलिस एसोसिएशन के भवन के बाहर हुए प्रदर्शन को "दंगा" घोषित किया था और प्रदर्शनकारियों को आंसू गैस और "कम घातक" युद्ध सामग्री से हिंसक रूप से तितर-बितर कर दिया था।

इस महीने की शुरुआत में इसी तरह की एक घटना में एक फोटोग्राफी के लिए रास्ता बनाने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए संघीय अर्धसैनिक बल नेशनल गार्ड को तैनात किया था। इस फैसले की देश भर में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक रूप से निंदा की गई थी जो जॉर्ज फ्लॉयड के विरोध प्रदर्शन के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण समय में संघीय सैनिकों की सबसे बड़ी तैनाती पर आवाज़ उठाते रहे हैं।

USA
US Federal Agency
Investigate Federal Forces
Portland
DC
George Floyd

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

क्यों बाइडेन पश्चिम एशिया को अपनी तरफ़ नहीं कर पा रहे हैं?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License