NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका : जज ने बाइडेन के ‘100-डे डिपोर्टेशन फ्रीज' पर रोक लगाई
बाइडेन द्वारा पिछले सप्ताह लागू किए गए 'मोरेटोरियम ऑन डिपोर्टेशन' पर ट्रम्प द्वारा नियुक्त फेडरल जज ने अस्थायी रूप से 14 दिनों की रोक लगाया।
पीपल्स डिस्पैच
27 Jan 2021
अमेरिका

अमेरिका में एक फेडेरल जज ने जो बाइडेन प्रशासन द्वारा हाल ही में पारित डिपोर्टेशन फ्रीज पर रोक लगा दिया है। टेक्सास के दक्षिणी जिले के जिला न्यायाधीश ड्रियू टिप्टन द्वारा मंगलवार 26 जनवरी को पिछले सप्ताह लागू किए गए ‘100-डे मोरेटोरियम ऑन डिपोर्टेशन' पर 14 दिनों का अस्थायी रोक लगा दिया गया। ये फैसला टेक्सास प्रांत के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन की याचिका पर सुनाया गया जो इस डिपोर्टेशन फ्रीज को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

ये डिपोर्टेशन फ्रीज लोगों के एक बड़े समूह पर लागू किया गया जो नवंबर 2020 से पहले के गैर दस्तावेज वाले आव्रजन के लगभग सभी मामलों को शामिल करता है। यह निर्णय पिछले प्रशासन द्वारा कुछ कठोर आव्रजन-विरोधी नीतियों को पलटने के लिए बाइडेन के चुनाव प्रचार में किए गए वादे को लागू करने का एक हिस्सा है।

इसको लेकर यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने 22 जनवरी को देश भर के राज्य और स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन जारी होने के बाद पैक्सटन ने शिकायत दायर की। न्यायाधीश ने निर्णय में कहा कि बाइडेन प्रशासन "100-डे मोरेटोरियम ऑन डिपोर्टेशन" के लिए कोई ठोस व उचित निर्णय देने में विफल रहा।"

इस शिकायत में पैक्सटन ने कहा कि डिपोर्टेशन मोरेटोरियम बिना दस्तावेज वाले आप्रवासी की उपस्थिति से इस प्रांत में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अन्य सुविधाओं के खर्च में वृद्धि करेगा। लेकिन पैक्सटन को अभी भी इस दावे को पुष्ट करने के लिए या बढ़े हुए खर्चों का अनुमान भी प्रस्तुत करना शेष है। इस शिकायत को लेकर दोनों पक्षों के पास अपनी दलीलें देने के लिए 14 दिनों का समय होगा।

पैक्सटन रिपब्लिकन हैं और अति-रूढ़िवादी दक्षिणपंथी टी पार्टी मूवमेंट का भी हिस्सा हैं, जबकि न्यायाधीश टिप्टन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा की गई संघीय न्यायिक नियुक्तियों से थे। टेक्सास में रिपब्लिकन नेतृत्व के साथ पैक्सटन लंबे समय से कट्टर आव्रजन-विरोधी नीतियों के पैरोकार रहे हैं और इसको लेकर ट्रम्प का समर्थन किया है।

नागरिक अधिकार समूहों ने डिपोर्टेशन फ्रीज को लागू करने से रोकने को लेकर टिपटन के फैसले की कड़ी आलोचना की है।

America
us immigration
Biden administration
Deportation

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर


बाकी खबरें

  • No more rape
    सोनिया यादव
    दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर
    29 Jan 2022
    भारत के विकास की गौरवगाथा के बीच दिल्ली में एक महिला को कथित तौर पर अगवा कर उससे गैंग रेप किया गया। महिला का सिर मुंडा कर, उसके चेहरे पर स्याही पोती गई और जूतों की माला पहनाकर सड़क पर तमाशा बनाया गया…
  • Delhi High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत
    29 Jan 2022
    दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 फरवरी तक सांसी कैंप को प्रोटेक्शन देकर राहत प्रदान की। रेलवे प्रशासन ने दिल्ली हाईकोर्ट में सांसी कैंप के हरियाणा में स्थित होने का मुद्दा उठाया किंतु कल हुई बहस में रेलवे ने…
  • Villagers in Odisha
    पीपल्स डिस्पैच
    ओडिशा में जिंदल इस्पात संयंत्र के ख़िलाफ़ संघर्ष में उतरे लोग
    29 Jan 2022
    पिछले दो महीनों से, ओडिशा के ढिंकिया गांव के लोग 4000 एकड़ जमीन जिंदल स्टील वर्क्स की एक स्टील परियोजना को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह परियोजना यहां के 40,000 ग्रामवासियों की…
  • Labour
    दित्सा भट्टाचार्य
    जलवायु परिवर्तन के कारण भारत ने गंवाए 259 अरब श्रम घंटे- स्टडी
    29 Jan 2022
    खुले में कामकाज करने वाली कामकाजी उम्र की आबादी के हिस्से में श्रम हानि का प्रतिशत सबसे अधिक दक्षिण, पूर्व एवं दक्षिण पूर्व एशिया में है, जहाँ बड़ी संख्या में कामकाजी उम्र के लोग कृषि क्षेत्र में…
  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : नदियों का दोहन और बढ़ता अवैध ख़नन, चुनावों में बना बड़ा मुद्दा
    29 Jan 2022
    नदियों में होने वाला अवैज्ञानिक और अवैध खनन प्रकृति के साथ-साथ राज्य के खजाने को भी दो तरफ़ा नुकसान पहुंचा रहा है, पहला अवैध खनन के चलते खनन का सही मूल्य पूर्ण रूप से राज्य सरकार के ख़ज़ाने तक नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License