NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
डीआरसी में खनन कंपनियों द्वारा खनन स्थलों पर श्रमिकों को रोकने को लेकर चेतावनी
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में अतंरराष्ट्रीय खनन कंपनियों पर श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों द्वारा कोरोनवायरस वायरस के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
12 Jun 2020
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक

11 सिविल सोसायटी समूहों के एक समूह ने 11 जून को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में 13 खनन कंपनियों को COVID- 19 के प्रसार को रोकने के नाम पर खदान स्थल पर श्रमिकों के जबरन रोके रखने जैसे कार्य को बंद करने के लिए कहा। इस सिविल सोसाइटी समूह में राइट्स एंड अकाउंटेबिलिटी इन डेवलपमेंट (आरएआईडी) और अफ्रीकन रिसोर्स वॉच (एएफआरईडब्ल्यूएटीसीएएच) शामिल हैं।

डीआरसी में ज़्यादातर कॉपर-कोबाल्ट कंपनियों ने कोरोनावायरस के प्रकोप के बाद लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए उत्पादन कार्य शुरू कर दिया है और अपने कर्मचारियों को रहने और काम करने या नौकरी गंवाने की चेतावनी दी है। कई कर्मचारियों और यूनियनों ने इस बात की शिकायत करते रहे हैं कि किस तरह उन्हें अन्य विकल्पों के अभाव में रहने के लिए मजबूर किया जाता है। इनमें से अधिकांश कर्मचारियों ने भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अपर्याप्त आपूर्ति के बारे में भी शिकायत की है।

श्रमिकों को संक्रमित होने से बचाने के लिए आवश्यक परिस्थिति को बनाए रखने में विफल रहने के लिए कंपनियों को दोषी ठहराया गया है। इस पत्र में मांग की गई है कि सभी खनन स्थल शारीरिक दूरी को बनाए रखने के आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करें और श्रमिकों को संक्रमित होने से बचाने के लिए अन्य स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करें।

रिपोर्ट के अनुसार, श्रमिकों को प्रबंधन द्वारा बिना किसी अतिरिक्त वेतन के निर्धारित आठ-घंटे से ज़्यादा काम करने के लिए मजबूर किया गया है और उन्हें इस अवधि के बारे में बुनियादी जानकारी से वंचित किया गया है।

इन संगठनों ने पत्र में कंपनियों के चेतावनी दी है कि मौजूदा स्थिति का इस्तेमाल "श्रमिकों के अधिकारों के उल्लंघन और नियोक्ताओं की ज़िम्मेदारियों को रोकने के बहाने के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।"

11 जून तक डीआरसी में COVID-19 के 4500 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें 98 लोगों की मौत हो गई है।

इस पत्र में जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है उनमें ग्लेनकोर और यूरेशियन रिसोर्स ग्रुप जैसी विश्व की सबसे बड़ी खनन कंपनियां हैं। कांगो दुनिया का सबसे बड़ा कोबाल्ट उत्पादक देश है। यहां विश्व के कुल उत्पादन का लगभग 70% कोबाल्ट उत्पादन होता है। कोबाल्ट का इस्तेमाल रिचार्जेबल बैटरी बनाने के लिए किया जाता है।

Coronavirus
COVID-19
DR Congo
Mine Workers
trade unions

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • local body poll
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    आगामी जीटीए चुनावों पर टिकी है दार्जिलिंग हिल्स की राजनीति
    23 Nov 2021
    भाजपा और उसके सहयोगी जीएनएलएफ के विरोध के साथ यहाँ पर चुनाव एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है, जो इसके ‘स्थायी राजनीतिक समाधान’ के पक्ष में हैं।
  • attack on journalist
    एम.ओबैद
    बिहारः एक महीने के भीतर एक और पत्रकार पर जानलेवा हमला, स्थिति नाज़ुक 
    23 Nov 2021
    बिहार में एक सप्ताह पहले ही मधुबनी ज़िले के बेनीपट्टी इलाक़े में एक न्यूज़ पोर्टल से जुड़े पत्रकार बुद्धिनाथ झा की बदमाशों ने हत्या कर, उनके शव को जला दिया था। वे बेनीपट्टी में फ़र्ज़ी नर्सिंग होम का…
  • Death of 3 dalit girls
    विजय विनीत
    पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में
    23 Nov 2021
    परिजन इसे हत्या का मामला बता रहे हैं और पुलिस आत्महत्या का। अगर यह हत्या है तब भी कई सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस को ढूंढना होगा और अगर यह वाकई ग़रीबी की वजह से की गईं आत्महत्याएं हैं तब तो यह ज़िला…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : किसान एकता का असर
    23 Nov 2021
    किसान आंदोलन की वजह से तीनों विवादित कृषि कानून वापस हो गए हैं और अब किसान एकता और मजबूत होती जा रही है। यही वजह है कि किसानों के अल्टीमेटम के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी ने लखीमपुर में…
  • Tripura
    संदीप चक्रवर्ती
    त्रिपुरा; यदि मतदान निष्पक्ष रहा तो बीजेपी हारेगी : जितेंद्र चौधरी 
    23 Nov 2021
    नगरपालिका चुनावों से पहले और इस पूर्वोत्तर राज्य में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद, माकपा और आदिवासी नेता तथा पूर्व लोकसभा सांसद का कहना है कि त्रिपुरा के लोग भाजपा से नाराज़ हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License